Tue Oct 6, 2026 | 02:21 AM IST

Medically Reviewed by Dt Rakshita Mehra , Consultant Dietetics

थायराइड में कौन सी सब्जियां नहीं खानी चाहिए? एक्सपर्ट से जानें

थायराइड हार्मोन्स को बैलेंस करने के लिए अक्सर लोगों को हेल्दी डाइट लेने की सलाह दी जाती है। इस स्थिति में सब्जी खाने की सलाह दी जाती है, लेकिन इस स्थिति में कौन सी सब्जियां नहीं खानी चाहिए?  
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कई लोग थायराइड की समस्या से परेशान रहते हैं। थायराइड ग्रंथि टी2 और टी3 नाम के हार्मोन्स का उत्पादन करती है। यह शरीर में हार्मोन्स के नियंत्रित करने, मूड और स्किन जैसे कई कार्यों को नियंत्रित करती है। इसके कारण लोगों को वजन में बदलाव होने, थकान होने, बालों के झड़ने, मूड में बदलाव होने और गले में सूजन आने जैसी समस्याएं होती हैं। ऐसे में थायराइड हार्मोन्स को बैलेंस करने के लिए अक्सर लोगों को हेल्दी और पोषक तत्वों से युक्त डाइट लेने की सलाह दी जाती है। इस स्थिति में हेल्दी सब्जियों का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन कई बार लोगों के मन में सवाल उठता है कि थायराइड में कौन सी सब्जियों को नहीं खाना चाहिए? आइए दिल्ली की क्लिनिकल डाइटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा से जानें।

थायराइड में कौन सी सब्जियां नहीं खानी चाहिए?

डाइटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा के अनुसार, थायराइड की स्थिति में अक्सर लोगों को गोइट्रोजन (यह थायराइड के कार्यों में बाधा डालता है) से युक्त ब्रोकोली, पत्तागोभी, फूलगोभी जैसी क्रूसिफेरस सब्जियों को न खाने की सलाह दी जाती है, लेकिन थायराइड के मरीज इनको सीमित मात्रा और सही तरीके से खा सकते हैं। इन सब्जियों को कच्चा खाने से बचना चाहिए, जो थायराइजड के कार्यों को प्रभावित कर सकती हैं।

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थायराइड में कैसे खाएं ये सब्जियां?

डाइटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा कहती हैं कि, पत्तागोभी और फूलगोभी जैसी सब्जियों को खाना पूरी तरह से बंद न करें। बल्कि इनको भाप में पकाकर, उबालकर या भूनकर (stir-frying) करके। ऐसा करने से इसमें मौजूद हानिकारक तत्वों को इंएक्टिव हो जाते हैं, जिससे स्वास्थ्य को नुकसान नहीं होता है।

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थायराइड में कितने समय तक खा सकते हैं ये सब्जियों?

डाइटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा बताती हैं कि, थायराइड के मरीज क्रूसिफेरस सब्जियों को खा तो सकते हैं, लेकिन इनका सेवन सीमित मात्रा में ही करें और 2 हफ्ते से ज्यादा समय के लिए इनको नहीं खाना चाहिए। इनको ज्यादा मात्रा में खाने से स्वास्थ्य से जुड़ी अन्य समस्या बढ़ सकती हैं।

निष्कर्ष

थायराइड की स्थिति में ब्रोकोली, पत्तागोभी और फूलगोभी जैसी क्रूसिफेरस सब्जियों को न खाने की सलाह दी जाती है। लेकिन इन सब्जियों को सीमित मात्रा में खाया जा सकता है। लेकिन इनको कच्चा खाने से बचना चाहिए। इन सब्जियों को कच्चा खाने से थायराइड के कार्य प्रभावित होते हैं, जिसके कारण थायराइड से जुड़ी समस्याओं को बढ़ावा मिल सकता है। ध्यान रहे, थायराइड से जुड़ी कोई भी परेशानी होने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इसके अलावा, डाइटिशियन की सलाह अनुसार ही फूड्स को अपनी डाइट में शामिल करें।

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FAQ

  • थायराइड में क्या खाएं?

    थायराइड की स्थिति में ज्वार और बाजरा जैसे साबुत अनाज, दालें, मछली, अंडे, दही और सेब जैसे फूड्स को डाइट में शामिल किया जा सकता है। इससे स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद मिलती है।
  • थायराइड के शुरुआत लक्षण क्या हैं?

    थायराइड की स्थिति में व्यक्ति को वजन बढ़ने या घटने, बालों के झड़ने, अधिक थकान होने, गले में सूजन आने, त्वचा में रूखापन आने और मूड स्विंग्स होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

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Priyanka Sharma

Health & Lifestyle Journalist

प्रियंका शर्मा पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 2 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर हैं। वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, प्रेगनेंसी, स्किनकेयर, हेयरकेयर, आयुर्वेद, योग और हार्ट हेल्थ जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखती हैं और जटिल स्वास्थ्य जानकारी को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञों की राय और भरोसेमंद मेडिकल स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह Grehlakshmi (महिला केंद्रित हिंदी पत्रिका) और Noida Khabar के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    May 10, 2026 19:35 IST

    Modified By : Priyanka Sharma
  • May 10, 2026 19:35 IST

    Published By : Priyanka Sharma
    Reviewed By : Dt Rakshita Mehra