Fri Sep 11, 2026 | 09:06 PM IST

Medically Reviewed by Dr Tanima Singhal , Pregnancy Educator & Lactation Consultant

प्रेग्नेंसी के दौरान पैरों में ऐंठन की समस्या से परेशान हैं, तो अपनाएं ये 4 टिप्स, मिलेगी राहत

गर्भावस्था के दौरान अक्सर गर्भवती महिलाओं को पैरों में ऐंठन की शिकायत हो जाती है। यहां जानिए, प्रेग्नेंसी में पैर की ऐंठन दूर करने के लिए क्या करें?

गर्भावस्था यानी प्रेग्नेंसी का वक्त प्रेग्नेंट महिला के लिए बेहद खास होता है, प्रेग्नेंसी के दौरान पति से लेकर परिवार के अन्य सदस्य भी महिला का खास ख्याल रखते हैं। लेकिन गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को कई शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिनमें से एक आम समस्या पैरों में ऐंठन या क्रैम्प्स भी हैं। खासतौर पर यह समस्या रात के समय ज्यादा होती है, जिससे महिला को सोने में भी समस्या हो सकती है। पैरों में ऐंठन के कई कारण हो सकते हैं, जैसे सही से ब्लड सर्कुलेशन न होना, पोषक तत्वों की कमी और मांसपेशियों का तनाव आदि। हालांकि, कुछ सरल उपायों को अपनाकर गर्भावस्था के दौरान पैरों में ऐंठन की इस समस्या से बचा जा सकता है। इस लेख में लखनऊ के मा-सी केयर क्लीनिक की आयुर्वेदिक डॉक्टर और स्तनपान सलाहकार डॉ. तनिमा सिंघल (Dr. Tanima Singhal, Pregnancy educator and Lactation Consultant at Maa-Si Care Clinic, Lucknow) गर्भावस्था के दौरान पैरों में ऐंठन से बचने के लिए किन-किन उपायों को अपनाया जा सकता है, इसके बारे में बता रही हैं।

गर्भावस्था के दौरान पैर में ऐंठन का क्या करें?

1. आराम के दौरान पैरों को ऊंचा रखें

गर्भावस्था के दौरान जब भी आप आराम करें तो अपने पैरों को ऊंचा रखने की कोशिश करें। ऐसा करने से आपके पैरों में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होगा और मांसपेशियों में खिंचाव कम होगा। इसके लिए आप अपने पैरों के नीचे तकिया या कोई और ऊंची चीज रख सकती हैं। इससे पैरों में ब्लड फ्लो सही तरीके से हो सकेगा और पैरों में ऐंठन की समस्या से राहत मिलेगी।

इसे भी पढ़ें: क्या प्रेग्नेंसी के दौरान आपको भी आता है गुस्सा? जानें इसका बच्चे पर पड़ने वाला असर

2. पैरों की मांसपेशियों को स्ट्रेच करें

पैरों में ऐंठन से बचने के लिए नियमित रूप से पैरों की मांसपेशियों को स्ट्रेच करना जरूरी है। खासतौर पर सोने से पहले कुछ मिनटों तक अपने पैरों की मांसपेशियों को स्ट्रेच करने से रात में ऐंठन की संभावना कम हो जाती है। स्ट्रेचिंग से मांसपेशियों में ब्लड फ्लो बढ़ता है और मांसपेशियों की अकड़न दूर होती है, जिससे ऐंठन की समस्या कम हो सकती है।

leg cramps

इसे भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी में आयरन की कमी हो गई है? डाइट में शामिल करें ये 8 फूड्स, मिलेगा फायदा

3. हल्की मालिश करें

पैरों में ऐंठन की समस्या होने पर हल्की मालिश करने से काफी आराम मिलता है। मालिश करने से मांसपेशियों में खिंचाव कम होता है और रक्त का प्रवाह या ब्लड फ्लो बेहतर होता है। आप किसी भी हल्के तेल से अपने पैरों की मालिश कर सकती हैं। ध्यान रखें कि मालिश करते समय ज्यादा दबाव न डालें, बल्कि हल्के हाथों से मालिश करें। इससे मांसपेशियों में आराम मिलेगा और ऐंठन से राहत मिलेगी।

4. एक्टिव रहें

गर्भावस्था के दौरान एक्टिव रहना भी पैरों में ऐंठन की समस्या को कम कर सकता है। नियमित रूप से टहलने, हल्की एक्सरसाइज और योग करने से मांसपेशियों में खिंचाव कम होता है और ब्लड फ्लो बेहतर होता है। इससे पैरों में ऐंठन की समस्या से बचा जा सकता है। हालांकि, गर्भावस्था के दौरान कोई भी एक्सरसाइज करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

निष्कर्ष

गर्भावस्था के दौरान पैरों में ऐंठन की समस्या आम है, लेकिन सही देखभाल और उपायों को अपनाकर इस समस्या से बचा जा सकता है। अगर आपको अक्सर पैरों में ऐंठन की समस्या हो रही है, तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें, ताकि सही इलाज हो सके।

All Images Credit- Freepik

Read Next

Breastfeeding Positions: स्‍तनपान के दौरान अपनाएं लेड-बैक पोजीशन, जानें इसके फायदे

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Akanksha Tiwari

Akanksha Tiwari

Senior Sub Editor

आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Aug 26, 2024 17:19 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Aug 26, 2024 17:19 IST

    Modified By : Vani Malik
  • Aug 27, 2024 09:00 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Tanima Singhal

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content