UTI in Monsoon Season: अंडरगार्मेंट्स के कीटाणु बन सकते हैं यूटीआई इंफेक्शन का कारण, जानें बचाव के आसान उपाय

डियोड्रेंट और सुगंधित स्प्रे जैसे हाइजीन प्रोडक्ट्स रसायनों से भरे होते हैं, जो वजाइना के अच्छे बैक्टीरिया को मारते हैं और खराब बैक्टीरिया बढ़ाते हैं।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Jun 24, 2020Updated at: Jun 24, 2020
UTI in Monsoon Season: अंडरगार्मेंट्स के कीटाणु बन सकते हैं यूटीआई इंफेक्शन का कारण, जानें बचाव के आसान उपाय

यूटीआई मूल रूप से एक जीवाणु संक्रमण है जो ज्यादातर एस्चेरिशिया कोलाई (Escherichia coli) और स्टैफिलोकोकस सैप्रोफाइटिकस (Staphylococcus saprophyticus) के कारण होता है। पर इसके अलावा भी कई ऐसे फंगल वायरस और अन्य इंफेक्शन फैलाने वाले बैक्टीरिया भी हैं जो इस संक्रमण का कारण बन सकते हैं। वहीं हाइजीन की कमी के कारण भी ये बैक्टीरिया पनपते हैं, ऐसे में ध्यान देने वाली बात ये कि आप उन चीजों को करने से बचें जिसके कारण ये यूटीआई इंफेक्शन फैले। वहीं बारिश के दिनों में इन बातों का ध्यान ज्यादा रखना चाहिए क्योंकि नमी वाले जगहों पर ये कीटाणु या जीवाणु पहले से ही होते हैं और ये आसानी से यूटीआई का कारण बन सकते हैं। तो आइए जानते हैं कि हम बारिश के दिनों में यूटीआई इंफेक्शन से कैसे बचे रह सकते हैं।

insideutiinfection

अंडरगार्मेंट्स के कीटाणु कैसे बन सकते हैं यूटीआई इंफेक्शन का कारण

धूप और हवा से दूर रहने और जननंगों के लगातार संपर्क में आने के कारण अंडरगार्मेंट्स में कई तरह के कीटाणु पनपते हैं। साफ अंडरगार्मेंट न पहनने के कारण जनगांगो में संक्रमण और यूटीआई  जैसी बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए अपने अंडरगार्मेंट्स की साफ-सफाई का आपको विशेष तौर पर ध्यान रखना चाहिए। ज्यादातर महिलाएं अपने अंडरगार्मेंट्स यानी कि पैंटी को बाथरूम में ही धो कर सूखने रख देती हैं या किसी एक कपड़े के अंदर इसे सूखने छोड़ देती हैं। ऐसे में गीलेपन के कारण कपड़ों में बैक्टीरिया पनपते हैं और इंफेक्शन का कारण बनते हैं। ऐसे में आपको अपने अंडरगार्मेंट्स को लेकर कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।

insideutiinmonsoon

इसे भी पढ़ें : Cranberry Juice For UTI : यूटीआई को रोकने में मददगार है क्रैनबेरी जूस, जानें इस्‍तेमाल का तरीका

सेहत को ध्यान में रखकर चुनें इनरवियर

फैशन और ट्रेंड के हिसाब कपड़े पहनना अच्छा है पर महिलाओं को इनरवियर्स का चुनाव करते समय अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। सेहत को ध्यान में रखकर नाइलॉन या मिक्स कॉटन के फैंसी इनर्स चुनने से हमें हमेशा बचना चाहिए। ऐसे कपड़ों की जगह पर आपको कॉटन के आरामदायक इनर्स लेना चहिए। इससे आपकी स्किन को सांस लेने की। कॉटन जगह मिलती है और ये कपड़े आपके शरीर का पसीना सोखते में आपकी मदद करते हैं। इस तरह एयर पास होने की वजह से आप स्किन इंफेक्शन से बचे रह सकते हैं। 

वॉशिंग मशीन में और कपड़ो के साथ न धोएं इनरवियर

कई लोग वॉशिंग मशीन में कपड़े धोने के लिए लंबे समय तक गंदे कपड़ो को इक्ठा करके रखते हैं और फिर उन्हें एक दिन साफ कर लेते हैं। ऐसा बिलकुल भी नहीं करना चाहिए। गंदे कपड़ों के साथ इनरवियर्स को भी वॉशिंग मशीन में धोने से बाकी कपड़ों के बैक्टीरिया इससे चिपक सकते हैं और आपको संक्रमण का खतरा हो सकता है। इसलिए इनर्स को बाकी कपड़ों से अलग साफ करना चाहिए।  ऐसे में जरूरी है कि आप अंडरवियर, ब्रा, शॉर्ट्स आदि को नहाते समय खुद से ही साफ कर लें और इसे तेज धूप में सूखा कर ही पहनें।

इसे भी पढ़ें : वेजिटेरियन खाना खाकर कम कर सकते हैं यूटीआई का खतरा, जानें खानपान में किन बातों का रखें ध्यान

बारिश के दिनों में यूटीआई से बचने के लिए अपनाएं ये खास टिप्स

  • -कभी भी बारिश में गीले होने के बाद अपने अंडरगार्मेंट्स जरूर बदलें। भले ही आपको लगे कि ये गीले नहीं हुए हैं फिर भी बाकी कपड़ों के साथ इसे जरूर बदलें।
  • -हल्का सूखा और हल्का गीला महसूस होने वाला अंडरगार्मेंट्स बिलकुल न पहनें।
  • - नमी युक्त तौलिए या अंडरगार्मेंट्स के इस्तेमाल से पूरी तरह से बचें।
  • -पूरी तरह से धूप में सूखे हुए कपड़ों को ही पहनें।
  • -वहीं हर बार टॉयलेट जाने के बाद वेजाइनल हाइजीन का खास ख्याल रखें।

Read more articles on Women's Health in Hindi

Disclaimer