डायबिटीज मरीजों में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से लिवर पर होता है बुरा असर, जानें कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल के 3 टिप्स

  लिवर शरीर की जरूरत पर ग्लूकोज का भंडारण और निर्माण दोनों करता है। इसलिए डायबिटीज के मरीज को कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल कर लिवर को हेल्दी रखना चाहिए

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariUpdated at: Jun 08, 2021 13:58 IST
डायबिटीज मरीजों में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से लिवर पर होता है बुरा असर, जानें कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल के 3 टिप्स

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डायबिटीज में हमें शुगर कंट्रोल करने के लिए, कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने पर भी ध्यान देना जरूरी है। ऐसा इसलिए कि डायबिटीज की बीमारी में हेल्दी लिवर की बड़ी भूमिका है और कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से लिवर को नुकसान हो सकता है, जिससे ब्लड शुगर बढ़ेगा। दरअसल, लिवर शरीर के ग्लूकोज स्टोरेज के रूप में काम करता है और ब्लड शुगर के सर्कुलेशन के स्तर को स्थिर रखने में मदद करता है। ग्लूकोज को स्टोर करने या छोड़ने की जरूरत मुख्य रूप से इंसुलिन और ग्लूकागन हार्मोन के संकेत से होती है। पर जब आपका लिवर खराब होता है, तो ब्लड शुगर का मैनेजमेंट खराब हो सकता है और इसका सीधा असर आपकी डायबिटीज पर हो सकता है। इसलिए डायबिटीज के मरीजों के लिए लिवर को हेल्दी रखना बेहद जरूरी है। तो, लिवर को हेल्दी रखने के लिए डायबिटीज में कोलेस्ट्रॉल कैसे कंट्रोल करें (how to control cholesterol in diabetes), इसी बारे में हमने छवि. अग्रवाल (Dr. Chhavi Agrawal), एसोसिएट कंसल्टेंट,  डायबिटीज और एंडोक्रिनोलॉजी फोर्टिस एस्कॉर्ट्स, हार्ट इंस्टीट्यूट, ओखला रोड से बात की। 

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डायबिटीज में कोलेस्ट्रॉल (diabetes and cholesterol)

डायबिटीज में कोलेस्ट्रॉल विकसित होने का अधिक खतरा होता है। इसलिए इसमें ब्लड शुगर के साथ बार-बार कोलेस्ट्रॉल चेक करवाना भी बेहद जरूरी है। कोलेस्ट्रॉल लिवर में बनता है। जब हम बहुत अधिक फैट युक्त चीजों को खाते हैं, तो लिवर इसे कोलेस्ट्रॉल के कई रूप में बना लेता है। जब ये कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है, तो ये ब्लड वेसेल्स और शरीर के अलग-अलग मांसपेशियों में जमने लगता है। कोलेस्ट्रॉल बहुत अधिक हो जाने पर ये ब्लड सर्कुलेशन को भी प्रभावित करता है, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। सबसे बड़ी समस्या खराब कोलेस्ट्रॉल है जिसे एलडीएल कोलेस्ट्रॉल (LDL cholesterol) भी कहा जाता है। ये लिवर को इफेक्ट करती है, ब्लड वेसेल्स को इफेक्ट करता है और ब्लड शुगर को इफेक्ट करता है और कुछ मिला कर पूरे शरीर को बीमार बना देता है। ब्लड शुगर, इंसुलिन और कोलेस्ट्रॉल सभी शरीर में एक दूसरे के साथ परस्पर क्रिया करते हैं, और एक दूसरे से प्रभावित होते हैं। जब आप अपने ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रण में रखते हैं, तब भी आपके एलडीएल कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ सकता है। हालांकि, आप इन दोनों स्थितियों को दवाओं और अच्छी जीवनशैली की आदतों से नियंत्रित कर सकते हैं।

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डायबिटीज में कोलेस्ट्रॉल कैसे कंट्रोल करें-Tips for managing cholesterol in diabetes

1. हेल्दी फैट्स का सेवन करें

कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने के लिए, बहुत से लोग अपने आहार से वसा के स्रोतों को काट देते हैं। हालांकि, हेल्दी फैट्स हमारे शरीर की जरूरत भी है।  स्वस्थ वसा जैसे एवोकाडो, नट्स, बीज, वसायुक्त मछली, और ऑलिव ऑयल खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करके, एचडीएल बढ़ाने में मदद करता है और कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर कंट्रोल कर सकता है। 

2. कॉम्प्लेक्स कार्ब्स का सेवन करें

अधिक मात्रा में अनहेल्दी कार्ब्स के सेवन से कोलेस्ट्ऱॉल बढ़ता है। डायबिटीज वाले अधिकांश लोगों के लिए, विशेष रूप से जो इंसुलिन लेते हैं और भोजन से पहले और बाद में अपने ब्लड शुगर चेक करना बेहद जरूरी है। इसलिए डायबिटीज के मरीज को कॉम्प्लेक्स कार्ब्स लेना चाहिए। जैसे कि फलियां, साबुत अनाज, स्टार्च वाली सब्जियां, पास्ता और ब्रेड, और कॉम्प्लेक्स  कार्ब्स जैसे खाद्य पदार्थों में पाए जाते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि ये फाइबर से भरपूर होते हैं और पाचन तंत्र को सही रखते हैं। इसलिए सिंपल कार्ब्स लेने से बचें।

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3. सब्जियों का ज्यादा सेवन करें

ताजी और पकी हुई सब्जियां ब्लड शुगर में काफी सुधार कर सकती हैं और कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकती है। पालक और शिमला मिर्च जैसी सब्जियों को अपनी डाइट में बढ़ाएं। ब्रोकली और फूलगोभी को अपने भोजन और नाश्ते में शामिल करें। ज्यादा से ज्यादा साबुत और पौष्टिक भोजन  खाएं।

पैकेज्ड फूड या फास्ट-फूड आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं। जैसे कि कैंडी, आइसक्रीम और मीठे पेय पदार्थ। इन सबको लेने से बचें। साथ ही एक्टिव लाइफस्टाल और एक्सरसाइज आदि का खास ध्यान रखें। जितना हो सके पसीना बहाएं और एक्ट्रा कार्ब्स और फैट को बर्न करें। 

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