अपने आहार में आज ही शामिल करें ये 5 दालें, एक्सपर्ट से जानें इनके फायदे

मसूर, उड़द, मूंग, अरहर और चना दाल, इन पांच दालों का सेवन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हैं। आज ही अपनी डाइट में इन दालों को जोड़ें।

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: Feb 09, 2021Updated at: Feb 09, 2021
अपने आहार में आज ही शामिल करें ये 5 दालें, एक्सपर्ट से जानें इनके फायदे

जब-जब भारतीय आहार की बात की जाती है तो दाल, चावल और गेहूं का नाम जरूर आता है। इनके अंदर कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर को फायदा पहुंचाते हैं। लेकिन आज के समय में लोग फास्ट फूड की तरफ जा रहे हैं और अपनी डाइट से दाल गेहूं चावल आदि को निकाल रहे हैं। पर वे ये नहीं जानते कि ऐसा करना सही नहीं है। युवा पीढ़ी और बच्चों को समझना चाहिए कि उनकी सेहत के लिए दाल कितनी महत्वपूर्ण है। दाल के अंदर जिंक, मैग्निशियम, फॉलेट, प्रोटीन, विटामिन, खनिज, आयरन, भरपूर मात्रा में पाया जाते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि आग पर पकाने के बाद भी इसके पौष्टिक तत्व सुरक्षित रहते हैं, नष्ट नहीं होते। चूंकि इसके अंदर फाइबर पाया जाता है तो यह न केवल दिल के लिए अच्छा होता है बल्कि रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को भी नियंत्रित रखता है। आज हम आपको कुछ ऐसी दालों के बारे में बताएंगे, जिन्हें आप अपनी डाइट में जोड़कर सेहत को तंदुरुस्त बना सकती है।  इसके लिए हमने शीला सहरावत, डाइटीशियन, हेड डायटीशियन डाइट क्लीनिक, दिल्ली से भी इपुट्स मांगे हैं। पढ़ते हैं इन दालों के बारे में...

 

1 - अरहर दाल है सेहत के लिए अच्छी (Arhar Dal/Toovar dal Benefits)

अरहर दाल के अंदर भरपूर मात्रा में पोटेशियम पाया जाता है। वहीं इसके अंदर पाए जाने वाला प्रोटीन मांसपेशियों, हड्डियों, कोशिकाओं और ऊतकों का निर्माण करने में मदद करता है। क्योंकि यह फोलिक का भी स्रोत है ऐसे में यह लाल रक्त कोशिकाओं को बढ़ाने में भी मदद करता है। इसमें कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है। साथ ही इसके अंदर वसा और कोलेस्ट्रॉल भी कम पाया जाता है। अरहर की दाल फाइबर का मुख्य स्रोत है, जिससे पाचन क्रिया में सुधार होता है। इसके सेवन से न केवल कब्ज की समस्या दूर होती है बल्कि सूजन, दस्त आदि भी दूर हो जाते हैं। अभी तक अरहर की दाल से कोई दुष्प्रभाव देखने को नहीं मिले हैं लेकिन जिन लोगों को अरहर की दाल से एलर्जी महसूस होती है वे डॉक्टर की सलाह पर इसका सेवन करें। जिन लोगों को हाई बीपी या दिल से जुड़ी समस्या रहती है वह इसका सेवन नियमित रूप से कर सकते हैं। वहीं इसके अंदर फोलिक एसिड पाया जाता है। जो महिलाएं गर्भवती बनने के लिए सोच रही हैं उनके लिए फोलिक एसिड जरूरी तत्वों में से एक हैं।

2 - मूंग दाल के फायदे (Moong Dal/ Green Gram Split Benefits)

भारत में आयुर्वेदिक आहार के रूप में देखे जाने वाली मूंग दाल पोषक तत्वों से भरपूर है। बता दें कि इसके अंदर पोटेशियम, मैग्नीशियम, तांबा, जस्ता, विटामिन बी, प्रोटीन, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट आदि भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। वहीं इसके अंदर पाए जाने वाला कॉपर बालों को मजबूती देता है। मूंग दाल में फाइबर पाया जाता है, जिसकी मदद से पाचन क्रिया में सुधार होता है और मेटाबॉलिज्म रेट को बढ़ाने में भी मदद मिलती है। जो लोग हृदय रोग से परेशान है वह मूंग दाल का सेवन कर सकते हैं क्योंकि इसके मैग्नीशियम पाया जाता है इसलिए ये बीपी को भी नियंत्रित रखता है। मूंग दाल के अंदर विटामिन सी, विटामिन बी 6 भी पाया जाता है, जिससे आंखों की सेहत अच्छी होती हैं। चूंकि इसके अंदर कैल्शियम भी होता है इसलिए हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है।

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3 - चना दाल को जोड़ें डाइट में (Chana Dal Benefits)

काले चने से तैयार होने वाली चने की दाल हर तरीके से सेहत के लिए फायदेमंद है। इसके अंदर भरपूर मात्रा में फाइबर, प्रोटीन, अनेक विटामिंस, खनिज आदि पाए जाते हैं। इसमें फैट की मात्रा भी कम होती है। घुलनशील फाइबर कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए चना दाल बेहद उपयोगी है। वही इसका सेवन करना स्तन कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर को कम करने में भी मददगार साबित हो सकता है। बता दें कि चने दाल के अंदर पोटेशियम पाया जाता है जो रक्तचाप को कम करने में सहायक है। जो लोग अपना वजन घटाना चाहते हैं उन्हें बता दें कि इसके अंदर पाए जाने वाले फाइबर, प्रोटीन इसमें आपकी मदद कर सकता है। इसके सेवन के बाद लंबे समय तक भूख नहीं लगती और आप अधिक खाने से भी बच जाते हैं। वहीं इसके अंदर जटिल कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है जो अधिक ऊर्जा प्रदान करता है। इसके अंदर घुलनशील फाइबर होता है जो पाचन क्रिया को अच्छा कर इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम और आदि समस्याओं से लड़ने में सहायक है।

4 - उड़द दाल है सेहत के लिए लाभकारी (Urad Dal/Split Back Gram Benefits)

उड़द दाल के अंदर भरपूर मात्रा में प्रोटीन, विभिन्न प्रकार के विटामिंस, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट, आवश्यक खनिज पाए जाते हैं जो स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं। ये सभी तत्व सेहत से अनेक समस्याओं को दूर रखने में लाभदायक है। इसके अंदर पाए जाने वाला फाइबर न केवल मल त्यागने में मदद करता है बल्कि पेरीस्टाल्टिक (Peristalsis) गति को भी उत्तेजित करता है। इसके अंदर कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन, मैग्नीशियम, पोटेशियम पाया जाता है जो हड्डियों की समस्या को कम करने के साथ-साथ ऑस्टियोपोरोसिस, गठिया आदि को भी कम करता है। यह दिल की स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद है क्योंकि इसके अंदर फाइबर पाया जाता है यह कोलेस्ट्रोल के स्तर को संतुलित करने मं बेहद कारगर है। पोटेशियम धमनियों के प्रेशर को कम करने के साथ रक्तचाप को कम करता है। मैग्नीशियम रक्त संचालन को प्रोत्साहित करता है। वैसे इसके कोई नुकसान नहीं है लेकिन इसके सेवन से यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने लगता है ऐसे में जिन लोगों को पित्त की पथरी या गुर्दे की पथरी है वह उड़द दाल का सेवन करने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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5 - मसूर दाल का करें सेवन (Masoor Dal/ Split Red Lentil Benefits)

लाल मसूर के अंदर विटामिन ए, विटामिन के, विटामिन सी, विटामिन बी आदि विटामिंस पाए जाते हैं। वहीं इसके अंदर फाइबर के अलावा घुलनशील फाइबर और अघुलनशील फाइबर दोनों मौजूद हैं। पोटेशियम, फास्फोरस, मैग्निशियम, लोहा, कैल्शियम, तांबे आदि खनिज से भरपूर इस दाल में एंटीऑक्सीडीन जैसे एंटीऑक्सीडेंट मौजूद हैं। इसके अंदर पाए जाने वाला मैग्नीशियम हृदय के स्वास्थ्य के लिए बेहद उपयोगी है। घुलनशील फाइबर कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मददगार है। इसके सेवन से पाचन क्रिया में सुधार होता है। साथ ही ये पाचन विकार आदि को दूर करने में भी बेहद उपयोगी है क्योंकि इसमें वसा कम होता है और उच्च मात्रा में फाइबर होता है। ऐसे में वजन को कम करने में ये बेहद मदद करता है। वैसे तो इसके सेवन से किसी भ तरह के नुकसानों का समना नहीं करना पड़ता लेकिन इसके अधिक सेवन से किडनी की समस्या पैदा हो जाती है। ऐसे में इसके अधिक सेवन से बचें।

नोट- जिस प्रकार की हम लोग जीवनशैली जी रहे हैं ऐसे में दालों को अपनी डाइट में शामिल करना बेहद जरूरी है। जंक फूड की तरफ जा रहे युवाओं को ये समझना चाहिए कि दालों में मौजूद पौष्टिक तत्व उनकी सेहत को हर तरीके से तंदुरुस्त रख सकते हैं। ऊपर बताी गई दालें न केवल आपकी सेहत को अच्छी रखेंगी बल्कि आपके शरीर को भी अनेक समस्याओं से दूर रखेंगी।  आप आस-पास मौजूद लोगों को भी इनके सेवन के प्रेरित करें। 

ये लेख शीला सहरावत, डाइटीशियन, हेड डायटीशियन डाइट क्लीनिक, दिल्ली द्वारा दिए गए इनपुट्स पर बनाया गया है।

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