देश में स्वाइन फ़्लू के कारण मरने वालों की संख्या इस साल 169 हो गई है, जबकि 4,571 लोगों में स्‍वाइन फ्लू वायरस होने के संकेत मिले हैं, जिसमें सिर्फ राजस्थान में 40 प्रतिशत मामले हैं। सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में सोमवार तक 1,911 मामले और 75 मौतें दर्ज की गईं, इसके बाद गुजरात में 600 मामले और 24 मौतें हुईं।

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स्‍वाइन फ्लू से देशभर में 169 की मौत, दिल्‍ली में भी 532 मामले, जानें बचाव के तरीके

देश में स्वाइन फ़्लू के कारण मरने वालों की संख्या इस साल 169 हो गई है, जबकि 4,571 लोगों में स्‍वाइन फ्लू वायरस होने के संकेत मिले हैं, जिसमें सिर्फ राजस्थान में 40 प्रतिशत मामले हैं। सरकार द्वारा जारी आंकड़ों

Atul Modi
Written by: Atul ModiPublished at: Feb 01, 2019Updated at: Feb 01, 2019
स्‍वाइन फ्लू से देशभर में 169 की मौत, दिल्‍ली में भी 532 मामले, जानें बचाव के तरीके

देश में स्वाइन फ़्लू के कारण मरने वालों की संख्या इस साल 169 हो गई है, जबकि 4,571 लोगों में स्‍वाइन फ्लू वायरस होने के संकेत मिले हैं, जिसमें सिर्फ राजस्थान में 40 प्रतिशत मामले हैं। सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में सोमवार तक 1,911 मामले और 75 मौतें दर्ज की गईं, इसके बाद गुजरात में 600 मामले और 24 मौतें हुईं।

 

स्‍वाइन फ्लू के मामलों में दिल्‍ली तीसरे स्‍थान पर हैं, यहां 532 लोगों के एच1 एन1 वायरस से संक्रमित होने की सूचना दी है। हालांकि, राष्ट्रीय राजधानी में फ्लू के कारण अब तक कोई मौत नहीं हुई है। पंजाब में 27 मौतें और 174 मामले दर्ज किए गए, उसके बाद हरियाणा में आठ मौतें और 372 मामले दर्ज किए गए। महाराष्ट्र में सोमवार तक 82 मामले और 12 मौतें दर्ज की गई हैं।

संख्या बढ़ने के साथ, स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाल ही में राज्यों के साथ एक बैठक की और उन्हें बीमारी से निपटने के लिए गाइडलाइन जारी की है। बीमारी पर काबू पाने के लिए अस्‍पताल में बेड की संख्‍या और सुविधाएं बढ़ाने के लिए भी कहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि, "स्वाइन फ्लू की दवा ओसेल्टामिविर का पर्याप्त स्टॉक है और साथ ही एन 95 मास्क और डायग्नोस्टिक किट की भी कोई कमी नहीं है। राज्यों से कहा गया है कि बीमारी में क्‍या करना चाहिए और क्‍या नहीं करना चाहिए इसके बारे में विस्‍तार से बताया जाए। वहीं दिल्‍ली सरकार ने भी इस संबंध में एडवाइजरी जारी की है। 

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सलाह में कहा गया है कि मौसमी इन्फ्लूएंजा (H1N1) एक वायु जनित बीमारी है जो व्यक्ति-से-व्यक्ति में फैलती है, खाँसने और छींकने से निकलने वाले तरल पदार्थ दूषित हुई वस्‍तुओं को छूने से, दूषित व्‍यक्ति को गले लगाने और चुंबन से ये रोग फैलता है। इसके अलावा मुंह और ना को ढ़कने की सलाह दी गई है। इसके अलावा खांसी या छींकते समय डिस्पोजेबल टिशू या रूमाल के साथ नाक और मुंह ढंकना, साबुन और पानी से हाथ धोना, भीड़भाड़ वाली जगहों से बचना, बहुत सारे तरल पीना और डॉक्टर से सलाह लेना शामिल है।

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एडवाइजरी के अनुसार, बिना हाथ धोए किसी को छूना नहीं चाहिए, हाथ नहीं मिलाना चाहिए। किसी को गले लगाने से बचें, चुंबन न करें। पब्लिक प्‍लेस पर थूंके नहीं और न ही धूम्रपान करें। इस्‍तेमाल किए गए टिश्‍यू पेपर को डस्‍टबिन में फेंके। 

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