फिट रहने के लिए जरूरी है एक मजबूत इम्यूनिटी, जानें इम्यून सिस्टम को ठीक रखने का खास तरीका

अच्छी सेहत के लिए इम्यून सिस्टम महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।  हमारे जीवन में एक जैविक रक्षक की तरह काम करता है।

सम्‍पादकीय विभाग
Written by: सम्‍पादकीय विभागUpdated at: Oct 07, 2020 17:27 IST
फिट रहने के लिए जरूरी है एक मजबूत इम्यूनिटी, जानें इम्यून सिस्टम को ठीक रखने का खास तरीका

अब तक हर किसी को पता था कि एक अच्छी सेहत के लिए इम्यून सिस्टम महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह हमारे जीवन में एक जैविक रक्षक की तरह काम करता है जो सूक्ष्मजीवों का शिकार करता है जिससे हम बीमार हो सकते हैं। यह हमें संक्रमण और बीमारियों से बचाता है। चूंकि यह हमारे जीवन में इतना महत्वपूर्ण हिस्सा निभाता है। जन्म से हमारे इम्यून सिस्टम के दो रक्षा तंत्र हैं, जो हमारी त्वचा और श्लेष्म झिल्ली बाहरी और आंतरिक रक्षा बाधाओं के रूप में काम करते हैं जो संक्रामक एजेंटों को पूरे शरीर में प्रवेश करने और फैलने से रोकते हैं।

 

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तनाव से इम्यून सिस्टम में बाधा आ सकती है

तनाव से अनिद्रा हो सकती है। पुराना तनाव आपके इम्यून तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है और तनाव हार्मोन कोर्टिसोल के स्तर को बढ़ा सकता है। यह आपके जुकाम के खतरे को भी बढ़ाता है।

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शिशुओं को अपनी मां के इम्यून सिस्टम  से अस्थायी रूप से लाभ होता है

गर्भावस्था के अंतिम त्रैमासिक के दौरान, मां अपने बच्चों को नाल के माध्यम से कुछ एंटीबॉडीज का संचार करती हैं, जिससे नवजात शिशु को जन्म से संक्रमण के खिलाफ कुछ प्रतिरोधक क्षमता मिलती है। हालांकि, यह सुरक्षा अस्थायी है और कुछ हफ्तों के बाद कम हो जाती है। 

मां के दूध में होती हैं एंटीबॉडी

मां के स्तनपान से बच्चे को एंटीबॉडी मिलती हैं, यह नवजात शिशु को दस्त और निमोनिया जैसी विभिन्न बीमारियों से बचाता है। देशभर में शिशु मृत्यु दर के शीर्ष दो कारण होते हैं। स्तन के दूध में हार्मोन और वृद्धि कारक, जो इम्यून सिस्टम के विकास को बढ़ावा देते हैं।

इम्यून सिस्टम की कार्यक्षमता उम्र के साथ कम होती जाती है

जैसे-जैसे इंसान बूढ़ापे की ओर कदम रखता चलता है वैसे-वैसे इम्यून सिस्टम संक्रमणों से लड़ने में कम कुशल हो जाता है। यह कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने में  इम्यून सिस्टम के लिए और अधिक मुश्किल हो जाता है।

 

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सफेद रक्त कोशिकाएं किसी समस्या का संकेत दे सकती हैं

एक व्यक्ति के शरीर में बहुत अधिक सफेद रक्त कोशिकाएं (11,000 या अधिक प्रति माइक्रोलीटर) अच्छी खबर नहीं होती है। हालांकि कुछ दवाएं ऐसी होती है जो सफेद रक्त कोशिका के उत्पादन को बढ़ा सकती हैं। यह कैंसर के कुछ प्रकार हो सकता है।

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बुखार और  इम्यून सिस्टम का संबंध

कई बार, बुखार एक वायरस और बैक्टीरिया जैसे संक्रमण के लिए इम्यून सिस्टम की प्रतिक्रिया है। हालांकि, बुखार एक वास्तविक रक्षा तंत्र नहीं है लेकिन एक संकेत है कि इम्यून सिस्टम सक्रिय हो गई है और रक्त कोशिकाओं को जारी कर रही है।

हंसना इम्यून सिस्टम के लिए है अच्छा 

हंसने से इम्यून सिस्टम पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जब हम हंसते हैं, तो नाक और श्वसन मार्ग में एंटीबॉडी उत्पादन बढ़ जाता है। हंसना आपको सभी संक्रमणों के खिलाफ प्रतिरक्षित नहीं करता है लेकिन कुछ कैंसर और रोगों के प्रति आपकी प्रतिरोधक क्षमता में सुधार जरूर करता है।

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इम्यून सिस्टम में कई अंग होते हैं शामिल 

हमारा इम्यून सिस्टम कई अंगों पर निर्भर करती है। थाइमस और अस्थि मज्जा लिम्फोसाइटों के उत्पादन के लिए जिम्मेदार हैं। प्रतिरक्षा प्रणाली लिम्फ नोड्स, प्लीहा और एडेनोइड के माध्यम से घूमती है।

आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली आपके खिलाफ हो सकती है

कुछ मामलों में, प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर के खिलाफ हो सकती है। वास्तव में, एंटीबॉडी शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं पर हमला कर सकती हैं। यह ऑटोइम्यून बीमारी के कारण होता है।

हमारी इम्यूनिटी कई चीजों को मिलाकर बनती है। अगर हम कुछ हेल्दी आदतों को अपनाते हैं तो निसंदेह हमारा  इम्यून सिस्टम मजबूत होता है।इसलिए हमें अपनी दिनचर्या में उन हेल्दी अदतों को अपनाना चाहिए जिससे हमारा इम्यून सिस्टम आसानी से बूस्ट हो सकता है।

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