Mon Sep 21, 2026 | 03:25 AM IST

पेट पर नजर आ रहे हैं लाल दाने? जानें इसका कारण और इलाज

Stomach Rashes: हमारे चेहरे की तरह, पेट की त्‍वचा पर भी दाने न‍िकल आते हैं। इन दानों से छुटकारा पाने के ल‍िए, कारण और इलाज जान लें। 
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Stomach Rashes Causes and Treatment: क्‍या आपको भी पेट पर लाल दाने नजर आ रहे हैं? ये सामान्‍य नहीं बल्‍क‍ि इन्‍फेक्‍शन का लक्षण है। पेट की त्‍वचा पर नजर आने वाले दाने, क‍िसी संक्रमण का लक्षण हो सकते हैं। पेट की त्‍वचा पर संक्रमण के कई कारण हो सकते हैं। जो लोग पेट की सफाई का ख्‍याल नहीं रखते, वे संक्रमण का श‍िकार हो जाते हैं। एलर्जी के कारण भी लाल दाने हो सकते हैं। बार‍िश के द‍िनों में, भीग जाने के कारण पेट पर लाल दाने उभर आते हैं। तनाव में भी, त्‍वचा संक्रमण का श‍िकार हो जाती है। ज्‍यादा तला-भुना या मसालेदार भोजन को खाने के कारण पेट पर दाने न‍िकल सकते हैं। दवाओं के दुष्‍पर‍िणाम के रूप में, रैशेज या दानों की समस्‍या हो सकती है। पेट पर दानें होने पर, लालि‍मा नजर आती है और खुजली होती है। पेट के लाल दानों का इलाज करने के ल‍िए, कुछ आसान घरेलू उपायों को जान लें। साथ ही आपको पेट पर लाल दानों के न‍िकलने के अन्‍य कारण बताएंगे। 

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पेट पर लाल दानें क्‍यों होते हैं?- Stomach Rashes Causes  

  • ज्‍यादा टाइट कपड़े पहनना। 
  • रोजाना स्नान न लेना।
  • दवाओं का साइड इफेक्‍ट।
  • पेट की त्‍वचा को साफ न करना।
  • पेट पर क्रीम या लोशन न लगाना। 
  • क‍िसी तरह की एलर्जी होना।
  • सूरज की क‍िरणों के सीधे संपर्क में आना।

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पेट के दानों का घरेलू इलाज- Home Remedies For Stomach Rashes in Hindi 

टी-ट्री ऑयल लगाएं- Tea Tree Oil

पेट के दानों का इलाज करने के ल‍िए टी-ट्री ऑयल का इस्‍तेमाल करें। टी-ट्री ऑयल में एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्‍टीर‍ियल गुण पाए जाते हैं। दानों का इलाज करने के ल‍िए, टी-ट्री ऑयल को ऑल‍िव ऑयल के साथ म‍िलाएं। इस म‍िश्रण को दानों पर लगा लें। रोजाना दो बार इस तेल को अप्‍लाई कर सकते हैं। इस तरह दानों से जल्‍दी छुटकारा म‍िलेगा।

सेब के स‍िरके का इस्‍तेमाल करें- Apple Cider Vinegar 

संक्रमण का इलाज करने के ल‍िए सेब के स‍िरके का इस्‍तेमाल करें। सेब के स‍िरके में, एंटीमाइक्रोब‍ियल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं। दानों के कारण होने वाले दर्द को दूर करने के ल‍िए भी, सेब के स‍िरके का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। सेब के स‍िरके को पानी के साथ म‍िला लें। अब इस म‍िश्रण को, रूई की मदद से त्‍वचा पर लगाएं। फ‍िर 10 म‍िनट बाद, त्‍वचा को धो लें। इस प्रक्र‍िया को द‍िन में 2 से 3 बार दोहराएं। 

नार‍ियल तेल का इस्‍तेमाल करें- Coconut Oil 

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संक्रमण का इलाज करने के ल‍िए नार‍ियल के तेल का इस्‍तेमाल करें। नार‍ियल के तेल में एंटीबैक्‍टीर‍ियल गुण होते हैं। नार‍ियल तेल में मौजूद फेनोल‍िक एस‍िड और पॉलीफेनोल, दानों का इलाज करने में मदद करते हैं। पेट के दानों का इलाज करने के ल‍िए, पेट की त्‍वचा को साफ कर लें। फ‍िर दानों पर नार‍ियल तेल लगाकर छोड़ दें। रातभर तेल को, त्‍वचा पर लगा रहने दें। सुबह साफ पानी से त्‍वचा को साफ कर लें। रोजाना रात को सोने से पहले, नार‍ियल तेल लगाने से संक्रमण जल्‍दी ठीक हो जाएगा। 

एलोवेरा जेल का इस्‍तेमाल करें- Aloe Vera Gel 

एलोवेरा के ताजे पत्ते से जेल न‍िकालकर एक बाउल में इकट्ठा कर लें। इस जेल को पेट के दानों पर लगाकर छोड़ दें। एलोवेरा जेल की मदद से, दानें ठीक हो जाएंगे। एलोवेरा, इन्‍फेक्‍शन का इलाज करने में फायदेमंद माना जाता है क्‍योंक‍ि इसमें एंटीबैक्‍टीर‍ियल गुण मौजूद होते हैं। बाजार में म‍िलने वाले एलोवेरा जेल का भी इस्‍तेमाल कर सकते हैं। लेक‍िन इस्‍तेमाल से पहले ध्‍यान दें क‍ि कहीं एलोवेरा जेल में क‍ेम‍िकल्‍स तो मौजूद नहीं है। ज्‍यादा केम‍िकल्‍स वाले एलोवेरा जेल को, त्‍वचा पर न लगाएं।  

ऊपर बताए उपायों की मदद से, दानों से जल्‍दी छुटकारा म‍िलेगा। लेख पसंद आया हो, तो शेयर करना न भूलें।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Apr 01, 2023 08:00 IST

    Published By : Yashaswi Mathur

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