देर तक बैठना और नौ घंटों से ज्‍यादा सोना है खतरनाक

एक नए शोध से पता चला है कि नौ घंटों से अधिक सोने और दिन में ज्‍यादा समय बैठ कर बिताने, खासकर कम शारीरिक श्रम वाली दिनचर्या से आपकी उम्र कम हो सकती है, आइए जानें कैसे।

Pooja Sinha
Written by: Pooja SinhaUpdated at: Dec 15, 2015 16:47 IST
देर तक बैठना और नौ घंटों से ज्‍यादा सोना है खतरनाक

अगर आप देर तक बैठते है और नौ घंटे से ज्‍यादा सोते हैं तो ऐसा करना आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है, जीं हां एक नए अध्‍ययन से यह बात सामने आई है कि नौ घंटों से अधिक सोने और दिन में अधिक से अधिक समय बैठ कर बिताने, खासकर कम शारीरिक श्रम वाली दिनचर्या से आपकी उम्र छोटी हो सकती है।

sitting and sleeping in hindi

शोध के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति रात को ज्यादा नींद लेता है और दिन में शारीरिक तौर पर सक्रिय नहीं रहता तो ऐसे व्यक्ति की मौत जल्द होने की संभावना सक्रिय रहने वाले लोगों की तुलना में चार गुना अधिक होती है। शोध में अधिक बैठने से मतलब सात घंटे से अधिक बैठना और बहुत कम एक्‍सरसाइज करने से मतलब हफ्ते में 150 मिनट से कम एक्‍सरसाइज करना कहा गया है। इस अध्ययन के मुख्य शोधकर्ता मेलोडी डिंग के अनुसार, हम इस अध्ययन में यह देखना चाहते थे कि नींद लेने और बैठे रहने का संयुक्त असर क्या होता है।

अत्यधिक नींद और ज्यादा देर तक बैठे रहने के साथ ही अगर आप एक्‍सरसाइज नहीं कर रहे हैं तो आपको तिहरी मार झेलनी पड़ सकती है। डिंग के अनुसार, हमारा अध्ययन बताता है कि हमें इन आदतों के प्रति उतना ही गंभीर होना चाहिए जितना हम जोखिम वाले अन्य कारकों जैसे धूम्रपान, शराब और अनियमित खान-पान के प्रति होते हैं।

सिडनी यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर डिंग और उनके सहयोगियों ने अपने अध्ययन में शामिल किए गए दो लाख से ज्यादा प्रतिभागियों के स्वास्थ्य का आकलन किया। इस दौरान उन्होंने प्रतिभागियों की जीवनशैली के विभिन्न व्यवहारों जैसे धूम्रपान, शराब का सेवन, अस्वस्थ आहार और निष्क्रिय रहने वाले समीकरण के साथ बैठे रहना और कम/अधिक नींद लेने जैसे व्यवहारों को भी शामिल किया।

इस परीक्षण के दौरान शोधकर्ताओं ने एक और समस्या की भी पहचान की। शोधकर्ताओं ने पाया कि धूम्रपान, शराब का अत्यधिक सेवन और सात घंटे से कम नींद लेने से व्यक्ति के जल्दी मरने का खतरा चार गुना अधिक बढ़ जाता है। डिंग ने बताया, मधुमेह, कैंसर और हृदय रोग विश्व के करीब 38 लाख लोगों की मौत के कारण बन चुके हैं। इस अध्ययन की मदद से हमें ऐसे जोखिम वाले कारकों को पहचानने में सफलता मिली है जो अंतर्राष्ट्रीय स्तर की स्वास्थ्य समस्याओं को सुलझाने के हमारी मदद कर सकते हैं।

News Source : Dailymail

Image Source : Getty
Read More Health News in Hindi

Disclaimer