क्या डायबिटीज में सीताफल (शरीफा) खा सकते हैं? Rujuta Diwekar से जानें सीताफल से जुड़े मिथक और सच्चाई

सीताफल कब खाना चाहिए ? इसे लेकर आपके मन में कोई भ्रम है तो, आपको Rujuta Diwekar के बताए गए ये तथ्य जानना चाहिए। आइए जानते हैं। 

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariUpdated at: Oct 21, 2021 13:32 IST
क्या डायबिटीज में सीताफल (शरीफा) खा सकते हैं? Rujuta Diwekar से जानें सीताफल से जुड़े मिथक और सच्चाई

सीताफल या शरीफा  (Sitaphal) एक मीठा फल है जिसे खाना लोग बेहद पसंद करते हैं। ये फल कई पौष्टिक गुणों से भरपूर है। इसमें कुछ एंटीऑक्सीडेंट हैं जो कि शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करता है। तो, इसमें कुछ फ्लेवोनोइड्स, कैरोटेनॉयड्स और विटामिन सी भी होते हैं जो कि कई बीमारियों से बचाव में मदद करते हैं। साथ ही इसका विटामिन बी 6 मूड स्विंग्स से लड़ रहे लोगों के लिए भी फायदेमंद होता है। पर आज हम आपको सीताफल के फायदे नहीं बल्कि, इनसे जुड़े कुछ लोकप्रिय मिथकों के बारे में बताएंगे, जिसके कारण लोग इन्हें खाने से बचते हैं। दरअसल, सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर (Rujuta Diwekar) ने हाल ही में इसे लेकर 4 लोकप्रिय भ्रमों के बारे में बताया जिसके कारण लोग इसे खाने से बचते हैं, जबकि उस स्थिति में भी ये उनके लिए फायदेमंद है। तो, आइए  न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर से जानें इन मिथकों के तथ्यों के बारे में। 

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सीताफल से जुड़े मिथक और सच्चाई-Sitaphal related myths and facts 

1. डायबिटीज में नुकसानदेह है सीताफल

डायबिटीज में कुछ फल खाने को लेकर अक्सर मना किया जाता है पर ज्यादातर लोग इसके कारणों के बारे में नहीं जानना चाहते। सीताफल को लेकर भी कुछ ऐसी ही बात कही जाती है कि डायबिटीज में इसे खाने से शुगर बढ़ जाता है और इसलिए ये नुकसानदेह है। जबकि न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर कहती हैं कि ये बात एक भ्रम है, जबकि डायबिटीज में इसे खाना फायदेमंद है। रुजुता दिवेकर बताती हैं कि सीताफल (शरीफा) एक लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स (low GI Fruit) वाला फल है और डायबिटीज में इसे खाया जा सकता है। साथ ही मधुमेह रोगियों के लिए ये एक स्थानीय और मौसमी फलों में से एक है जिसे वे खा सकते हैं। 

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2. सीताफल बढ़ाता है मोटापा

सीताफल खाने को लेकर लोगों को लगता है कि ये मोटापा बढ़ा सकता है। जबकि ऐसा नहीं है।  रुजुता दिवेकर बताती हैं कि ये भ्रम है जबकि सीताफल में विटामिन बी कॉम्प्लेक्स होता है जो कि, विशेष रूप से ब्लॉटिंग को कम करने में मदद करता है। साथ ही ये फाइबर से भरपूर होता है जो कि मेटाबोलिज्म तो ठीक करता है और वजन घटाने में आसानी से मदद करता है। तो, सीताफल खाने से डरे नहीं कि ये आपका वजन बढ़ा देगा बल्कि आप इसे एक वेट लॉस फ्रूट्स (weight loss fruits) की तरह भी खा सकते हैं। 

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3. दिल की बीमारियों में नुकसानदेह है सीताफल

सीताफल खाने को लेकर ज्यादातर लोगों को लगता है कि ये दिल की बीमारियों वाले लोगों के लिए नुकसानदेह है, पर ऐसा नहीं है। ये सिर्फ कहने वाली बाते हैं। जबकि इसके पीछे का तथ्य ये है कि सीताफल में  मैंगनीज और विटामिन सी जैसे खनिज होते हैं जो कि ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाते हैं और शरीर पर एंटीएजिंग प्रभाव डालते हैं। इससे आपका दिल स्वस्थ रहता है और आपको दिल की बीमारियों का खतरा नहीं होता। साथ ही सीताफल में मैग्नीशियम भी होता है जो कि ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करता है और आपको दिल की बीमारियों से बचाता है। 

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4. PCOD में ना खाएं सीताफल

आज कल पीसीओडी महिलाओं में तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में बहुत से लोगों को मानना है कि पीसीओडी में सीताफल खाने से बचना चाहिए। जबकि रुजुता दिवेकर का कहना है कि सीताफल महिलाओं के संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। ये आयरन का अच्छा स्रोत है जो कि थकान और चिड़चिड़ापन की भावनाओं से लड़ता है और प्रजनन क्षमता में सुधार करता है। साथ ही ये मूड स्विंग्स कंट्रोल करने में भी मददगार है। तो, अगर आपको पीसीओडी है तो आप सीताफल खा सकती हैं। 

इसके अलावा सीताफल खाने के फायदे (benefits of sitafal in hindi) कई हैं। दरअसल, इसके एंटीऑक्सीडेंट्स फाइन रेडिकल्स से लड़ते हैं और आंखों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। साथ ही इसमें पोटेशियम होता है जो कि ब्लड वेसेल्स को चौड़ा करता है और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। इस तरह ये दिल की सेहत को भी सही रखता है। साथ ही जिन लोगों को कब्ज की समस्या या फिर अल्सरेटिव कोलाइटिस के कारण पेट की अन्य समस्याएं होती हैं उनके लिए भी ये फायदेमंद है। दरअसल, इसमें फाइबर होता है, जो मल में पानी और थोक जोड़ता है और इसे आसान बनाने में मदद करता है। इसके अलावा इसका एंटीइंफ्लेमेटरी गुण अल्सरेटिव कोलाइटिस से लड़ता है, गट बैक्टीरिया को बेहतर बनाता है और पेट से जुड़ी परेशानियों को कम करता है।

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