आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों में से एक गिलोय में बहुत से औषधीय गुण होते हैं। इसका सेवन करने से स्वास्थ्य को कई लाभ मिलते हैं, लेकिन इनका अधिक सेवन किया जाए तो स्वास्थ्य को नुकसान भी हो सकता है। ऐसे में गिलोय का सेवन करते समय सावधानी रखनी जरूरी होती है? ऐसे में आइए मेवाड़ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एवं प्राकृतिक चिकित्सालय बापू नगर, जयपुर की वरिष्ठ चिकित्सक योग, प्राकृतिक चिकित्सा पोषण और आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता से जानेंगे कि गिलोय के अधिक सेवन से क्या परेशानियां होती हैं?
गिलोय का अधिक सेवन करने के नुकसान?
डॉ. किरण गुप्ता के अनुसार, गिलोय की तासीर गर्म होती है। इसका अधिक सेवन करने से व्यक्ति को पाचन से जुड़ी समस्या होने, इम्यूनिटी के असंतुलित होने और सिर दर्द होने जैसी कई समस्याएं होती हैं। ऐसे में इसका सेवन करते समय सावधानियां रखना जरूरी है।
पाचन से जुड़ी समस्या होने
गिलोय का अधिक सेवन करने के कारण व्यक्ति को पेट में दर्द होने, कब्ज, पेट में जलन और गैस होने की समस्या होती है।
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लो ब्लड शुगर
गिलोय का सेवन करने से ब्लड शुगर के स्तर को कम करने में मदद मिलती है। ऐसे में लो ब्लड शुगर की स्थिति में गिलोय का सेवन ज्यादा किया जाए ब्लड शुगर का स्तर अधिक कम हो सकता है, जो गंभीर भी हो सकता है। ऐसे में इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

एलर्जी होने
कई बार कई लोगों को गिलोय से एलर्जी हो सकती है। ऐसे में इससे एलर्जी महसूस होने पर गिलोय का सेवन करने से बचें और डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
सिरदर्द होने
गिलोय की तासीर गर्म होती है। ऐसे में इसका अधिक सेवन करने से व्यक्ति को सिर में दर्द होने की समस्या हो सकती है।
इम्यूनिटी के असंतुलित होना
औषधीय गुणों से भरपूर गिलोय का सेवन करने से शरीर की इम्यूनिटी को बूस्ट करने में मदद मिलती है। लेकिन इसका अधिक सेवन करने से इम्यूनिटी के असंतुलित होने की समस्या हो सकती है, जिसके कारण व्यक्ति को ऑटोइम्यून बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
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गिलोय का सेवन कब नहीं करना चाहिए?
डॉ. किरण गुप्ता के अनुसार, लोगों को ऑटोइम्यून बीमारियों से पीड़ित होने, रुमेटाइड आर्थराइटिस, ब्लड प्रेशर, लो ब्ल्ड शुगर, कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों, लिवर या किडनी की समस्या होने, प्रेग्नेंसी के दौरान, ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलओं और सर्जरी से पहले व्यक्ति को गिलोय का सेवन करने से बचना चाहिए। इसका सेवन डॉक्टर की सलाह के साथ करें। इससे स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है।
गिलोय को कितनी मात्रा में ले सकते हैं?
गिलोय का सेवन डॉक्टर की सलाह के साथ सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। इसके अलावा, इसका लंबे समय तक सेवन करने से बचना चाहिए। डॉ. किरण गुप्ता बताती हैं कि, गिलोय के 1-2 इंच ताजा तने का रोज इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन इसकी मात्रा व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करती है। इसके अलावा, 1 दिन में 10-15 ml तक गिलोय के रस का सेवन किया जा सकता है।
निष्कर्ष
गिलोय का अधिक सेवन करने के कारण व्यक्ति को पाचन से जुड़ी समस्या होने, एलर्जी होने, लो ब्लड शुगर, सिरदर्द और इम्यूनिटी के असंतुलित होने की समस्या हो सकती है। इसके अलावा, ऑटोइम्यून बीमारियों से पीड़ित होने, कमजोर इम्यूनिटी होने, लिवर और किडनी की समस्या से पीड़ित लोगों को गिलोय का सेवन करने से बचना चाहिए। स्वास्थ्य से जुड़ी कोई भी समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें और इसका सेवन डॉक्टर की सलाह के साथ ही करें।
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FAQ
क्या लो-ब्लड शुगर के मरीजों को गिलोय लेना चाहिए?
नहीं, लो ब्लड शुगर के मरीजों को गिलोय का सेवन करने से बचना चाहिए। गिलोय नेचुरल रूप से ब्लड शुगर को कम करता है। यदि कोई व्यक्ति पहले से ही लो-ब्लड शुगर की समस्या से जूझ रहा है, तो गिलोय का सेवन शुगर लेवल को गंभीर स्तर तक कम सकता है।गिलोय के अधिक सेवन से पाचन पर क्या असर पड़ता है?
ज्यादा गिलोय का सेवन करने से व्यक्ति को पेट में जलन, कब्ज, गैस और पेट दर्द की समस्या हो सकती है। सेंसिटिव पाचन तंत्र वाले लोगों को इसका सेवन बहुत सावधानी के साथ करना चाहिए।गिलोय से एलर्जी होने पर क्या लक्षण दिखाई देते हैं?
अगर किसी व्यक्ति को गिलोय से एलर्जी होती है, तो इसका सेवन के बाद त्वचा पर दाने, खुजली, सिरदर्द या बेचैनी महसूस हो सकती है। ऐसे लक्षण दिखने पर गिलोय का तुरंत सेवन बंद करें और डॉक्टर से तुरंत सलाह लें।
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May 02, 2026 18:47 IST
Modified By : Priyanka Sharma May 02, 2026 18:47 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Kiran Gupta