Shivering Causes: कंपकंपी होने के दौरान दिख सकते हैं ये 22 लक्षण, जानें इसके कारण और बचाव

शरीर में कंपन के पीछे कई कारण हो सकते हैं। हमें पता होना चाहिए कि शरीर में कंपन किन कारणों से हो रही है। साथ ही इसके लक्षण और बचाव भी जानें...

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: May 11, 2021Updated at: May 11, 2021
Shivering Causes: कंपकंपी होने के दौरान दिख सकते हैं ये 22 लक्षण, जानें इसके कारण और बचाव

जरूरी नहीं कि शरीर में कंपन केवल ठंड के कारण हो कभी-कभी इसके पीछे कुछ गंभीर समस्याएं भी छिपी हो सकती हैं। शरीर में कंपन बुखार चढ़ने, ब्लड प्रेशर के असंतुलित होने के कारण या ब्लड में शुगर की कमी आदि के कारण हो सकती है, जिसके कारण व्यक्ति को ज्यादा पसीना आता है और उसके सीने में दर्द, उल्टी, थकान आदि समस्याएं भी पैदा हो जाती है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि शरीर में कंपन किन कारणों (causes of shivering) से हो सकता है। साथ ही इसके लक्षण (symptoms of shivering) और बचाव (Treatment of shivering) भी जानेंगे। पढ़ते हैं आगे...

कंपन के कारण (causes of shivering)

बता दें कि कंपन निम्न कारणों से हो सकता है-

1 - जब रक्त में शुगर का स्तर कम होने लगता है तब शरीर में कंपन शुरू हो जाती है। बता दें कि यह समस्या तब होती है जब व्यक्ति बहुत समय तक भूखा रहता है। उसके कारण ब्लड में शुगर का स्तर कम होने लगता है। वही जब ब्लड में शुगर की क्षमता कमजोर हो जाती है तब भी स्तर गिरने लगता है। आमतौर पर ब्लड में शुगर की कमी लोगों को कई तरीकों से प्रभावित कर सकती है। अगर व्यक्ति को कंपन नहीं हो रही है तो उसे घबराहट, पसीना, सर घूमना आदि लक्षण भी महसूस हो सकते हैं।

2 - जब व्यक्ति का ऑपरेशन होता है तो उस के दौरान व्यक्ति को बेहोश करना पड़ता है। व्यक्ति होश में आने के दौरान कंपन महसूस करता है। अभी तक इसका कोई स्पष्टीकरण नहीं है कि ऐसा क्यों होता है। लेकिन माना जाता है कि शरीर का तापमान जब ज्यादा गिरा हुआ होता है तब इस प्रकार की स्थिति पैदा होती है। बता दें कि ओटी टेंपरेचर आमतौर पर ठंडा होता है। ऐसे में व्यक्ति को ठंड लगती है और इन दवाओं के कारण टेंपरेचर में उतार-चढ़ाव आने लगता है।

3 - जब शरीर में एंड्रीनालाइन के स्तर बढ़ने लगता है तब भी व्यक्ति को कंपन महसूस होती है। बता दें कि स्तर बढ़ने के पीछे कारण होता है व्यक्ति का डर। जब किसी व्यक्ति को डर लगता है तो उसके खून में एंड्रीनालाइन का स्तर बढ़ता है और कंपन महसूस होती है।

4 - जब व्यक्ति को बैक्टीरियल या वायरल इनफेक्शन घेर लेता है तो इम्यूनिटी सिस्टम इन दोनों से लड़ता है, जिसके कारण शरीर को कंपन महसूस होती है। यह प्रक्रिया शरीर को गर्मी देने के लिए होती है। इस दौरान शरीर का तापमान बढ़ने लगता है और यही कारण होता है कि संक्रमण के पीछे वायरस और बैक्टीरिया मरने शुरू हो जाते हैं। कंपन बुखार चढ़ने का एक लक्षण भी हो सकता है। यह संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी होता है। जब व्यक्ति फ्लू, मलेरिया, निमोनिया, मेनिनजाइटिस, साइनसाइटिस आदि का शिकार हो जाता है तब भी शरीर में कंपन महसूस होती है।

5 - जब शरीर का टेंपरेचर कम होने लगता है और व्यक्ति को ठंड महसूस होती है तब भी कंपन शुरू हो जाती है। हालांकि यह कंपन अत्यधिक तापमान में वृद्धि होने पर दूर भी हो जाती है। जो व्यक्ति को लगातार कंपन होती है तो कुछ समय बाद उसकी मांसपेशियों में शक्ति की कमी हो जाती है, जिससे व्यक्ति को थकान महसूस होती है और मांसपेशियां अपना काम सुचारू रूप से नहीं कर पाती। ऐसे में हम कह सकते हैं कि तापमान का कंपन से गहरा संबंध है।

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कंपन के लक्षण (Symptoms of Shivling)

1 -  डिप्रेशन का शिकार हो जाना

2 - हर वक्त उदास महसूस करना

3 - याददाश्त का कम होना

4 - चेहरे का रंग बदलना

5 - मांसपेशियों का कमजोर हो जाना

6 - मांसपेशियों में दर्द महसूस करना

7 - मांसपेशियों में ऐंठन और अकड़न महसूस करना

8 - दौरे पड़ना

9 - हर वक्त चिड़चिड़ापन महसूस करना

10 - हर वक्त पसीना आना

11 - चेहरे पर सूजन आ जाना

12 - घबराहट होना

13 - कब्ज की समस्या हो जाना

14 - नाखूनों में दरार आ जाना

15 - त्वचा और बालों में रूखापन आ जाना

16 - दिमाग में उलझन महसूस करना

17 - चक्कर महसूस करना

18 - थकान हो जाना

19 - शरीर का सुन्न पड़ जाना

20 - हर वक्त उल्टी आना

21 - मुंह के आसपास झुनझुनाहट महसूस करना

22 - अचानक से शरीर का वजन बढ़ना।

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कंपन के दौरान अगर व्यक्ति को ज्यादा पसीना आए, तेज बुखार हो जाए, छाती में दर्द होने शुरू हो जाए, जी मछला या उल्टी आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। ऐसे में लापरवाही कई समस्याओं को उत्पन्न कर सकती है।

कंपन से बचाव (prevention of shivering)

1 - बता दें कि जब भी ऑपरेशन या सर्जरी करवाएं तो खुद को कंबल से ढकें।

2 - रूम का टेंपरेचर सामान्य रखें।

3 - संक्रमण से बचने के लिए अपने आसपास गंदगी ना रखें।

4 - फूलों के मौसम में भी स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।

5 - अगर दिमाग में किसी भी प्रकार की उलझन है या चिंता है तो अपनी दिनचर्या में योग, मेडिटेशन, एक्सरसाइज को शामिल करें।

6 - गर्मियों में चाय, कॉफी का अत्यधिक सेवन ना करके गर्म पानी को अपनी डाइट में जोड़ें।

7 - अगर कंपन ठंड में के कारण हो रही है तो उचित गर्म कपड़े पहकर उस कंपन को दूर किया जा सकता है।

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कुछ जरूरी बातें-

बता दें कि कंपन के परीक्षण के लिए सबसे पहले डॉक्टर मौखिक रूप से जांच करते हैं। उसके बाद वे ब्लड टेस्ट, छाती का एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, पेशाब टेस्ट, बलगम की जांच, ब्लड कल्चर आदि की भी जांच करते हैं, जिससे यह पता लगाया जा सके कि कंपन किस कारण हो रहा है। अगर कंपनी इंफेक्शन के कारण हो रहा है तो व्यक्ति को एंटीबायोटिक दवाई दी जाती हैं। वही अगर कंपन शुगर की कमी के कारण हो रहा है तो उसके डाइट में मीठी खाद्य पदार्थों को जोड़ा जाता है जैसे - केला, टॉफी आदि।

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नोट - ऊपर बताए गए बिंदुओं से पता चलता है कि शरीर में कंपन केवल तापमान के गिरने से ही नहीं बल्कि कई और भी कारण से पैदा हो सकती है। ऐसे में सबसे पहले उन कारणों को पता लगाना जरूरी है उसके बाद ही इलाज संभव है। बता दें कि कंपन बुखार की शुरुआत में भी हो सकता है। ऐसे में शरीर को ज्यादा गर्म ना होने दें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। आप ठंडे पानी की पट्टी के माध्यम से भी शरीर के टेंपरेचर को कम कर सकते हैं। बता दें कि कंपन दिल के दर्द को बढ़ा देता है। ऐसे में अगर कंपन को ज्यादा देर तक महसूस किया जाए तो व्यक्ति को फेफड़ों से संबंधित समस्याएं या दिल से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं इसीलिए लापरवाही ना बरतें तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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