Scarlet fever: लाल बुखार होने पर दिखते हैं ये 9 लक्षण, जानें इसके कारण और बचाव

लाल बुखार कोई मामूली बुखार नहीं होता है। आमतौर पर बच्चों में होने वाला यह बुखार सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। जानते हैं लक्षण, कारण और बचाव

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: May 04, 2021Updated at: May 04, 2021
Scarlet fever: लाल बुखार होने पर दिखते हैं ये 9 लक्षण, जानें इसके कारण और बचाव

लाल बुखार (Scarlet Fever) एक प्रकार का संक्रमण है आमतोर पर बच्चों में देखा जाता है। लेकिन कुछ व्यस्कों में भी ये समस्या हो जाती है। जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है यह एक बुखार की तरह पूरे शरीर में फैलता है और इसकी शुरुआत गले के दर्द के साथ होती है। अंग्रेजी में लाल बुखार को स्कारलेट फीवर के नाम से भी जाना जाता है वही इसका दूसरा नाम स्कार्लेटिना भी है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि स्कार्लेट फीवर होने पर क्या लक्षण (symptoms of scarlet fever) दिखाई देते हैं। साथ ही इसके कारण (causes of scarlet fever) और उपचार (treatment of scarlet fever) के बारे में भी जानेंगे। पढ़ते हैं आगे...

 

लाल बुखार के कारण (causes of scarlet fever)

एस पियोजींस (Streptococcus pyogenes Bacteria) एक प्रकार का बैक्टीरिया होता है, जिसके कारण यह लाल बुखार हो जाता है। यह शरीर के अंदर विषाक्त पदार्थों छोड़ता है, जिसके कारण शरीर पर लाल चकत्ते दिखाई देने शुरू हो जाते हैं। 5 से 14 साल तक के बीच के बच्चों को यह खतरा ज्यादा होता है। अगर किसी व्यक्ति को लाल बुखार है और अगर उसके पास बैठा व्यक्ति उसे छू ले तो उसे भी यह संक्रमण हो सकता है। पीड़ित व्यक्ति के मुंह से जो द्रव निकलता है अगर कोई व्यक्ति इस द्रव के संपर्क में आ जाए लो उस व्यक्ति में भी बुखार फैल सकता है।

लाल बुखार के लक्षण (symptoms of scarlet fever)

आमतौर पर जब किसी बच्चे को लाल बुखार होता है तो उसके चेहरे पर लाल चकत्ते दिखाई देने शुरू हो जाते हैं। वही चेहरे का रंग पीला पड़ जाता है। दूसरे लक्षण के रूप में जीभ भी काफी लाल रंग की दिखाई देनी शुरू हो जाती है। इससे अलग कुछ और भी लक्षण हैं जो लाल बुखार होने पर दिखाई देते हैं वे इस प्रकार हैं।

1 - पेट में दर्द होना

2 - कुछ भी खाते वक्त निगलने में कठिनाई महसूस होती है।

3 - सर में दर्द महसूस करना

4 - भूख कम लगना

5 - हर वक्त जी मिचलाना, मतली या उल्टी आना

6 - शरीर में खुजली हो जाना।

7 - जीभ पर सफेद रंग की परत का दिखाई देना।

8 - दस्त हो जाना

9 - मांसपेशियों में दर्द महसूस करना

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लाल बुखार से कैसे करें बचाव

चूंकि यह भी एक प्रकार का संक्रमण होता है ऐसे में शरीर में बहुत तेजी से फैल सकता है। अगर आप इसको फैलने से रोकना चाहते हैं तो आपको नीचे दिए कुछ तरीकों को अपनाना होगा-

अगर माता-पिता को किसी भी तरीके का संक्रमण है तो अपने बच्चे से दूर रहें। अपने बच्चे से मिलने से पहले एक बार हाथ जरूर धो लें। छींक, खांसी, बुखार आदि होने पर बच्चे के संपर्क में आने से बचें। जितना हो सके उतना बच्चे से दूर रहें। अपने बच्चे को अपना झूठा भोजन ना खिलाएं। किसी दूसरे के साथ भी अपना तौलिया, कपड़े, बेड, तकिया आदि शेयर ना करें। इस समय जितना हो सके उतना अपने बच्चे से दूरी बनाए रखें। वरना आपका बच्चा लाल बुखार की चपेट में जल्दी आ सकता है। साथ ही आप भरपूर मात्रा में पानी पिएं। अगर आपको प्यास नहीं भी लग रही है तब भी पानी पीते रहें। अपने आसपास के वातावरण को ठंडा रखें।

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आमतौर पर डॉक्टर लाल बुखार की जांच करने के लिए खून टेस्ट की सलाह देते हैं। वही वे टॉन्सिल और गले के पीछे के हिस्से से द्रव का सैंपल जांच के लिए लेते हैं। वहीं ये बुखार होने पर डॉक्टर एंटीबायोटिक दवाएं देते हैं। बता दें कि डॉक्टर बच्चों को पूरा कोर्स करने की सलाह देते हैं कोर्स को बीच में छोड़ने से फिर से समस्या हो सकती है।

नोट - ऊपर बताएगा बिंदु से पता चलता है कि लाल बुखार कोई मामूली बुखार नहीं होता है ऐसे में तुरंत इलाज करना जरूरी है। बता दें कि इस बुखार के कारण फेफड़े, टॉन्सिल, किडनी, त्वचा, खून, हृदय आदि की भी समस्या हो सकती है। ऐसे में ऊपर बताए गए लक्षणों को जैसे ही आप महसूस करें तुरंत अपने बच्चे को डॉक्टर के पास लेकर जाएं।

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