मसूड़ों में सूजन और रक्तस्त्राव हो सकती है स्कर्वी की निशानी, एक्सपर्ट से जानिए इस समस्या से बचने के उपाय

विटामिन सी की कमी से दांतों में आसपास होने वाली परेशानी को स्कर्वी कहते हैं। इस बीमारी के कारण, एनीमिया, ब्ली़डिंग जैसी परेशानी काफी ज्यादा हो सकती है

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: Feb 25, 2021Updated at: Feb 25, 2021
मसूड़ों में सूजन और रक्तस्त्राव हो सकती है स्कर्वी की निशानी, एक्सपर्ट से जानिए इस समस्या से बचने के उपाय

शरीर में विटामिन सी की कमी से होने वाली समस्या को स्कर्वी कहते हैं। इसके कारण मरीजों में दुर्बलता, थकावट, ब्लीडिंग, शरीर में दर्द, एनीमिया की शिकायत जैसी अन्य परेशानियां होने लगती हैं। इसके अलावा कुछ-कुछ मरीजों के मसूड़ों में सूजन की शिकायत भी देखने को मिली है। इस बारे में गाजियाबाद की डॉक्टर स्मृति सिंहा कहती हैं कि शरीर में विटामिन सी की कमी को पूरा करके इस बीमारी का इलाज किया जा सकता है। अगर आप लंबे समय तक इस बीमारी को इग्नोर करते हैं, तो आपकी परेशानियां बढ़ सकती हैं। इसलिए समय रहते इस बीमारी का इलाज कराना जरूरी है। डॉक्टर बताती हैं कि आज के दौर में स्कर्वी रोग काफी दुर्लभ हो चुकी है। क्योंकि अधिकतर लोग अपने आहार में किसी ना किसी रूप में विटामिन सी ले रहे हैं, इससे बहुत ही कम लोग इस बीमारी से प्रभावित हो रहे हैं। 

स्कर्वी रोग के लक्षण (Symptoms of Scurvy)

स्कर्वी रोग के शुरूआती लक्षण

  • अस्वस्थ या अच्छा महसूस न करना
  • दस्त की शिकायत
  • थकान होना
  • बुखार आना
  • भूख में कमी आना
  • जी मिचलाना
  • जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द
  • स्किन के  रोम छिद्रों से हल्का-हल्का खून निकलना। 
  • वजन में कमी, चिड़चिड़ापन
  • सुस्ती महसूस होना  

देरी से नजर आने वाले स्कर्वी के लक्षण 

  • मसूड़ों में सूजन और खून निकलना
  • आंखों में सूजन या प्रोप्टोसिस (Proptosis) होना।
  • त्वचा से जल्दी खून आना।
  • दांतों का कमजोर होना।
  • स्किन पपड़ीदार और शुष्क होना 
  • भूरी स्किन होना।
  • घाव धीरे-धीरे भरना।
  • ठीक हुआ घाव फिर से ताजा होना।
  • जोड़ों और मांसपेशियों में रक्तस्राव
  • हाथ-पैरों की हड्डियों में सूजन।
  • शिशुओं और बच्चों के विकास में कमी

स्कर्वी रोग के कारण (Causes of Scurvy)

 
मुख्य रूप से स्कर्वी आहार में विटामिन-सी की कमी के कारण होने वाली बीमारी है। इसके अलावा इसके कुछ अन्य कारण हो सकते हैं-
 
1. शराब या नशीले पदार्थों (ड्रग्स) का सेवन करना।
 
2. पौष्टिक आहार का न लेना।
 
3. ईटिंग डिसॉर्डर यानी खाने से जुड़े विकार जैसे- ऐनोरेक्सिया नर्वोसा (anorexia nervosa- वजन बढ़ने के डर से न खाना) या बुलीमिया (bulimia- एक बार में बहुत ज्यादा खाना)।
 
4. मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी किसी तरह की समस्या, जैसे- अवसाद या सिजोफ्रेनिया के कारण (एक प्रकार का मानसिक विकार)।
 
 
5. किसी गंभीर बीमारी के उपचार के कारण, जैसे- कीमोथेरेपी। इसमें मतली या भूख में कमी जैसे साइड इफेक्ट देखने को मिल सकते हैं। इसके फलस्वरूप व्यक्ति की डाइट में बदलाव हो सकता है, जिससे शरीर में पौष्टिक तत्वों की कमी हो सकती है।
 
6 स्कर्वी रोग के कारण में क्रोहन रोग या अल्सरेटिव कोलाइटिस भी शामिल हैं। इन दोनों स्थितियों में पाचन तंत्र के अंदर सूजन हो सकती है। इस कारण भोजन पचाने की क्षमता प्रभावित हो सकती है, जो स्कर्वी रोग का कारण या जोखिम कारक बन सकता है।

स्कर्वी रोग का निदान (Diagnosis of scurvy)

मरीज में स्कर्वी के लक्षण दिखने पर डॉक्टर मरीजों को कुछ टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं। जिसमें ब्लड में विटामिन सी का स्तर जांचने की सलाह दी जाती है। इसके आधार पर ही डॉक्टर मरीजों का इलाज शुरू करते हैं। 

स्कर्वी रोग का इलाज (treatment of Scurvy)

शरीर में विटामिन सी की कमी से ही स्कर्वी की परेशानी होती है। इसलिए डॉक्टर विटामिन सी की कमी को पूरा करने के लिए विटामिन सी की गोलियां खाने की सलाह देते हैं। इसके अलावा कुछ मरीजों को इसका इंजेक्शन भी लगवाया जाता है। 

स्कर्वी से बचाव (Prevention of Scurvy)

अपने आहार में विटामिन सी की प्रचुरता से आप स्कर्वी की परेशानी को कंट्रोल कर सकते हैं। आइए जानते हैं स्कर्वी से बचाव के घरेलू उपाय -

हरी मिर्च- हरी मिर्च में विटामिन सी की अधिकता होती है। स्कर्वी होने पर अपने आहार में हरी मिर्च को शामिल करें। इससे आपको काफी फायदा होगा। ध्यान रहे कि इस दौरान आपको लाल मिर्च का सेवन ना के बराबर करना होगा। क्योंकि अगर आप लाल मिर्च का सेवन करते हैं, तो इसका प्रभाव कम हो जाएगा। 

आंवला - आंवला एक ऐसा खाद्य पदार्थ है, जिसमें विटामिन सी की सबसे ज्यादा मात्रा पाई जाती है। आंवला का सेवन आप कई रूपों में कर सकते हैं। कई लोग आंवला कैंडी और आंवला रस के रूप में इसका सेवन करते हैं। इससे सेहत को काफी फायदा पहुंचता है। इसके अलावा आप मुरब्बा बनाकर भी इसका सेवन कर सकते हैं।

कीवी - कीवी का सेवन करने की सलाह अधिकतर डॉक्टर देते हैं। इस फल में भी विटामिन सी की अधिकता होती है, जो आपके शरीर में विटामिन सी की कमी को पूरा करते हैं। 

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स्ट्रॉबेरी - स्ट्रॉबेरी के सेवन से भी आप अपने शरीर में विटामिन सी की कमी को पूरा कर सकते हैं। स्ट्रॉबेरी का सेवन आप सलाद, स्मूदी इत्यादि के रूप में कर सकते हैं।

संतरा - संतरा एक ऐसा फल है, जिसमें एस्कॉर्बिक एसिड की अधिकता होती है। नियमित रूप से सुबह 1 गिलास संतरे का जूस पीने से शरीर में विटामिन सी की कमी नहीं होगी। साथ ही आपके शरीर में अन्य पोषक तत्वों की कमी पूरी हो सकेगी।  

इसके अलावा नींबू, आमचूर, ब्रोकली, आम, बेल, अजवाइन के फूल, पपीता, माल्टा इत्यादि चीजों के सेवन से शरीर में विटामिन सी की कमी को पूरा कर सकते हैं।

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