No Smoking Day 2022: दूसरों के सिगरेट का धुंआ भी है आपके लिए सिगरेट पीने जितना खतरनाक, जानें क्या हैं खतरे

No Smoking Day 2022: स्मोक एक्सपोजर के कारण हमारे शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है। आइए विस्तार से जानते हैं इस समस्या के बारे में-

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraUpdated at: Mar 09, 2022 16:18 IST
No Smoking Day 2022: दूसरों के सिगरेट का धुंआ भी है आपके लिए सिगरेट पीने जितना खतरनाक, जानें क्या हैं खतरे

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No Smoking Day 2022: सेकंड हैंड स्मोक स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। स्मोक गर्म कणों, धुंआ और गैस का मिश्रण होता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, सेकंडहैंड स्मोक से हर साल हजारों की संख्या में लोगों की जानें जाती है। आग से निकलने  वाले धुएं से कई लोगों की जान गई है। इस धुएं के कारण मानव फेफड़ों के कैंसर, अस्थमा, श्वसन संक्रमण जैसी कई अन्य बीमारियों से ग्रसित हो सकते हैं। किसी भी तरह के स्मोक से व्यक्ति का जीवन प्रभावित हो सकता है। स्मोक कारखाने, सिगरेट पीने वालों, रसोई घर या फिर अन्य किसी भी स्थान को हो, आपको बीमार कर सकता है। धुएं के संपर्क किसी भी तरह से आने की परिस्थिति को ही स्मोक एक्सपोजर कहते हैं। अगर यह हमारे शरीर के अंदर चला जाता है, तो इससे हमारे शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है। इसके साथ-साथ इन धुओं के माध्यम से कई अन्य केमिकल्स और थर्मल इर्रिटेशन इत्यादि हमारे शरीर में जा सकते हैं। 

गंगाराज हॉस्पिटल के चेस्ट स्पेशलिस्ट डॉक्टर अरविंद बताते हैं कि बाहरी धुआं आपके चेस्ट को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। इसके कारण आपका शरीर अंदर-अंदर खोखला हो सकता है। इसलिए बाहर के धुओं से बचकर रहना ही आपके लिए भलाई है। इसके अलावा अगर आप सिगरेट का सेवन कर रहे हैं, तो अपने बच्चों या परिजनों से दूर रहें। वैसे तो सिगरेट का सेवन ही स्वास्थ्य के लिए खतरनाक होता है, लेकिन यह पीने वालों से ज्यादा उसके आसपास रहने वालों को अधिक प्रभावित कर सकता है। स्मोक एक्सपोजर के कारण हमारे शरीर में ऑक्सीजन की कमी काफी ज्यादा होने लगती है, जिससे मृत्यु होने का खतरा बढ़ता है। आधुनिक समय में सिगरेट पीने वालों से ही सबसे अधिक लोग स्मोक एक्सपोजर के शिकार हो रहे हैं। आइए विस्तार से जानते हैं स्मोक एक्सपोजर के लक्षण, कारण और बचाव के तरीके- 

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स्मोक एक्सपोजर के लक्षण (Smoke exposure Symptoms)

स्मोक एक्सपोज़र के सामान्य बीमारियों की तरह ही होते हैं। इसलिए लोगों को समझने में परेशानी होती है कि आखिर यह समस्या उन्हें किस वजहों से हुई है। इसके लक्षण कुछ इस तरह के हैं-

  • आंखों में दर्द होना।
  • आंखों में चुभन
  • आंखों से आसपास सूजन
  • आंखों से बार-बार आंसू आना
  • नाक बहना
  • खांसी होना।

यदि आपको 1 सप्ताह लगातार इस तरह के लक्षण दिख रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। क्योंकि अधिक समय पर धुएं के संपर्क में रहने से आपको फेफड़ों की परेशानी हो सकती है। इसके अलावा यह आपके दिल को भी प्रभावित कर सकता है।

स्मोक एक्सपोजर के कारण (Smoke exposure Causes)

धुएं के संपर्क में अधिक समय तक रहने के कारण लोगों को शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है। इसके कारण केमिकल या अन्य थर्मल इर्रिटेशन जैसी परेशानी हो सकती है। इससे शरीर को कई नुकसान पहुंच सकते हैं। स्मोक एक्सपोजर के कारण इस तरह के हैं-

परेशान करने वाली चीजें

किसी भी तरह से जलने वाली चीजों से केमिक्ल (अमोनिया, हाइड्रोजन क्लोराइड, सल्फर डाइऑक्साइड और क्लोरीन) निकलता है, जो हमारे स्किन और शरीर को सीधेतौर पर नुकसान पहुंचाती है। इसके साथ ही इसके कारण श्लेष्मा झिल्ली को नुकसान पहुंचता है। इतना ही नहीं यह सांस लेने वाली नली को भी नुकसान पहुंचाता है। इसके कारण श्वसन नली में सूजन और एयरवे कोलेप्स होने लगता है, जिसके कारण सांस लेने में बहुत ही परेशानी का सामना करना पड़ता है।  

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सिंपल असफिक्सिट

धुएं के कारण शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है और सांस लेने पर जब आपके शरीर को ऑक्सीजन नहीं मिलता है, तो आपकी मृत्यु हो सकती है। धुएं में ऐसी चीजें होती हैं, जो आपके शरीर को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचाती है। धुंआ से ऑक्सीजन न मिलने के कारण काफी ज्यादा परेशानी होती है। इसमें कार्बन डाई ऑक्साइड जैसे केमिकल्स होते हैं, जिससे आपको परेशानी होती है।

केमिकल

आग की वजह से ऐसे तत्वों का उत्पादन होता है, जिससे शरीर का ऑक्सीजन स्तर काफी कम होता है। आग में हाइड्रोजन साइनाइड, कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन सल्फाइड जैसे रसायनों का उत्पादन होने लगता है, जिससे शरीर की सभी कोशिकाएं प्रभावित होती है। कार्बन मोनोऑक्साइड जैसे गैसे इंसान की मृत्यु का कारण बन सकता है। 

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स्मोक एक्सपोजर का निदान

डॉक्टर स्मोक एक्सपोजर की स्थिति जानने के लिए निम्न टेस्ट का सहारा लेते हैं। इन टेस्ट के जरिए आप अपनी सेहत की स्थिति का पता लगा सकते हैं। 

  • छाती का X-Ray
  • ब्लड काउंट (सीबीसी)
  • पल्स ओक्सिमेट्री
  • केमिस्ट्री (इसमें मेटाबोलिक प्रोफाइल की जांच की जाती है। )
  • आर्टेरिअल ब्लड गैस
  • कार्बोक्सीहेमोग्लोबिन
  • मेथेमोग्लोबिन लेवल का टेस्ट

स्मोक एक्सपोजर के उपचार (Smoke exposure Treatment)

स्मोक एक्सपोजर की स्थिति में शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है। इसलिए डॉक्टर शरीर में ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए इन तरह के उपचार का सहारा लेते हैं-

हाइपरबेरिक ओक्सिजनेशन (HBO)

स्मोक एक्सपोजर की स्थिति होने पर मरीज के शरीर में कार्बन मोनोऑक्साइड का जहर शरीर में फैलने लगता है। इस पोइजनिंग को कम करने के लिए डॉक्टर हाइपरबेरिक ऑक्सिजनेशन (HBO) का इस्तेमाल करते हैं। 

ऑक्सीजन से करते हैं उपचार

स्मोक एक्सपोजर के कारण हमारे शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है। इसलिए मरीज के शरीर में अगर ऑक्सीजन की कमी होती है, तो उन्हें नोज ट्यूब या फिर ब्रीथिंग ट्यूब के माध्यम से शरीर में ऑक्सीजन दिया जाता है। गंभीर स्थिति होने पर ही डॉक्टर इस उपचार को अपनाते हैं।

स्मोक एक्सपोजर के बचाव (Smoke exposure Prevention)

घर के हर एक कमरे में स्मोक डिटेक्टर लगाएं। इससे आपको स्मोक का पता चल सकेगा और इसकी निकासी के लिए आप समय सुनिश्चिच कर सकेंगे।

  • जिस तरह पर कार्बन मोनो ऑक्साइड निकलने की संभावना हो, वहां पर मोनो ऑक्साइड को रखें। 
  • आग लगने पर उस स्थान से दूरी बनाएं। 
  • अगर आप स्मोक एक्सपोजर के शिकार हैं, तो अधिक से अधिक आराम करें।

  • आपातकाल स्थिति में अग्निशमन विभाग और स्थानीय ज़हर नियंत्रण केंद्र को संपर्क करें। 
  • धूम्रपान करने वालों से दूरी बनाएं और धूम्रपान ना करने की सलाह दें।
  • फेफड़ों की समस्याओं से बचने के लिए ब्रीथिंग एक्सरसाइज करें।

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