घर पर व्यायाम करने के लिए कैसी हो दिनचर्या

जिम जाए बिना फिटनेस पाने की चाह है, तो आप घर ही कुछ व्‍यायाम कर सकते हैं। लेकिन साथ ही आपको अपनी दिनचर्या में भी बदलाव करने की जरूरत है।

Rahul Sharma
एक्सरसाइज और फिटनेसWritten by: Rahul SharmaPublished at: Jul 16, 2013
घर पर व्यायाम करने के लिए कैसी हो दिनचर्या

घर पर किए जाने वाले कुछ व्‍यायाम भी आपको सेहतमंद बनाए रखने में मदद करते हैं। आपको बस आलस्‍य का त्‍याग करना है। याद रखिए एक सेहतमंद जिंदगी के लिए पसीना बहाना बहुत जरूरी है।


एक्सरसाइज करती महिला अस्‍पताल का मुंह कौन देखना चाहता है। लेकिन हमारी अनियमित दिनचर्या के चलते बीमारियां हम तक पहुंच ही जाती हैं। बीमारियों से दूर रहने के लिए जरूरी है कि अपने जीने का अंदाज बदलें। अपने खाने-पीने का तरीका बदलें और सबसे जरूरी व्‍यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्‍सा बनाएं। लेकिन, क्‍या ऐसा हो पाता है। बाकी सब चीजें कर भी लें, तो वक्‍त की कमी व्‍यायाम न करने का सबसे बड़ा बहाना बन जाती है। कैसा हो अगर हम घर पर ही कुछ ऐसे व्‍यायाम कर सकें जो हमारी सेहत को दुरुस्‍त बनाने में मददगार साबित हों।

 

व्यायाम के लिए वक्‍त न होने का रोना सब रोते हैं। व्‍यायाम न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य की भी कुंजी है। व्‍यायाम न करने से आप कुदरत की सबसे बड़ी नियामत यानी सेहत को खो देते हैं। माना कि आजकल जिंदगी बहुत तेज भागती है और ऐसे में वक्‍त की तंगी होना लाजमी है। लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं कि आप अपने शरीर के साथ नाइंसाफी करें। याद रखिए अगर आप सेहतमंद हैं तो आप काफी काम कर सकते हैं।

 

बदलती जीवनशैली के चलते कई बीमारियां अब आम हो चली हैं। पहले जो रोग केवल बड़ी उम्र के लोगों को होते थे, वे अब कम उम्र में ही होने लगे हैं। इसके पीछे बड़ी वजह है कि हम व्‍यायाम नहीं करते और बहुत आरामतलब जिंदगी बिताते हैं। कब्ज, जोड़ों का दर्द, रक्तचाप, रक्तप्रवाह, मधुमेह, हृदय रोग, सांस संबंधी परेशानियां आजकल सामान्‍य हो चली हैं। इन बीमारियों से बचने के लिए व्‍यायाम करना बेहद जरूरी है।


घर पर व्यायाम करने के लिए कैसी हो दिनचर्या-

रात को आरामदेह निंद्रा के बाद सुबह सोकर उठने से लेकर शाम तक एक स्वस्थ व्यक्ति अपना स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए जो कार्य करता है, उसे दिनचर्या कहते हैं। एक स्वस्थ व्यक्ति को सुबह जल्दी उठ जाना चाहिए और बीती रात को भी समय से सोना चाहिए। साथ ही ऐसी ही कई बातों का ध्यान रखना चाहिए, जो निम्न प्रकार से हैं।-

- सुबह सूर्य उगने से पहले जाग जाएं।

- खाली पेट दो से तीन गिलास पानी पियें।

- दोनों आंखों में बारी बारी से दस से पंद्रह बार साफ पानी के छींटे मारें। तथा मुंह धोएं तथा मसूड़ों की मालिश करते हुऐ मंजन करें।

- हफ्ते में कम से कम चार दिन शरीर मालिश करें। मालिश के बाद आधा घंटे तक सैर, कार्डिक व्यायाम व योग करें।

- व्यायाम के आधे घंटे बाद स्नान करें।

- अब शांति के साथ व ध्यान पूर्वक प्रार्थना या उपासना करें। गहरी सांस ले कर यथावत शक्ति पूर्वक सांस को रोक कर फिर धीरे धीरे छोड़ें। यह करने से दिमाग शांत और स्वस्थ रहता है।

- सुपाच्य व पौष्टिक नाश्‍ता लें। सलाद, चोकर, मौसमी फल व सब्जियां का भरपूर सेवन करें। फल और जूस आदि भी शामिल करें।

- अपने कार्य स्थल पर समय से पहुंचें। कार्य को शांत मन से ज़िम्मेदारी से करें। कार्य को बोझ न समझें क्योंकि वह आपको ही करना है, फिर चाहे आप उसे बुरे मन से करें या महनत से और शांत मन से।

- ऑफिस के बीच में ब्रेक ले कर चाय, नाश्ता, लंच आदि अवश्य लें। बीच बीच में जितना हो सके पानी भी पीते रहें। और यदि कार्य में व्यवधान न आए तो बीच बीच में कम्प्युटर आदि पर कार्य करते हुये गर्दन व कंधों की हल्की फुलकी एक्सरसाइज़ भी करते रहें। फिस का कार्य समय से निपटाने की कोशिश करें, ताकी घर जाने पर चिंता न रहे।

- घर लौट कर चाय-नास्ते पर परिवार के सदस्यों से प्रेम पूर्वक बात-चीत करें और साथ समय बिताएं।

- शाम को वॉक पर जाएं।

- रात को समय पर खाएं और कुछ हल्का-फुल्का ही खाएं। और फिर कुछ देर टहलना भी चाहिये।

- भरपूर नींद लेनी आवश्यक है, इसलिए समय से सोएं और भरपूर नींद लें। रात को ही सुबह की तैयारियां कर लें ताकी सुबह का कोई नीयम बाधित न हो।

घर पर की जा सकने वाला एक्सरसाइज-

- 15 मिनट तक एक स्थान पर जॉगिंग करें।

- 50 जंपिंग जैक करें।

- कम से कम 15 क्रंचिज करें।

- एक मिनट तक सिट-अप्स करें।

- 15 सिट अप्स कर सकते हैं।

 

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