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Rib pain Home Remedy: पसली में दर्द से म‍िलेगा छुटकारा, ऐसे इस्‍तेमाल करें नीलग‍िरी का तेल

Rib Pain Home Remedy: पसली में दर्द होने पर उठने-चलने में परेशानी होती है। दर्द घटाने के ल‍िए नीलग‍िरी तेल का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। जानें सही तरीका। 

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurUpdated at: Jan 23, 2023 14:02 IST
Rib pain Home Remedy: पसली में दर्द से म‍िलेगा छुटकारा, ऐसे इस्‍तेमाल करें नीलग‍िरी का तेल

Rib Pain Home Remedy: पसल‍ियों का दर्द व्‍यक्‍त‍ि की न‍िजी ज‍िंदगी प्रभाव‍ित कर सकता है। पसल‍ियों का दर्द, सीने या नाभ‍ि के ऊपर महसूस होता है। शरीर की पसल‍ियां रीढ़ की हड्डी से जुड़ी होती हैं। इसकी मदद से हार्ट, फेफड़े और अन्‍य अंग सुरक्ष‍ित रहते हैं। कई बार दबाव या चोट लगने से पसल‍ियों में दर्द होता है। पसल‍ियों में दर्द का सही कारण जानना जरूरी है। लखनऊ के व‍िकास नगर में स्‍थित प्रांजल आयुर्वेद‍िक क्‍लीन‍िक के डॉ मनीष स‍िंह ने बताया क‍ि लोग पसल‍ियों में दर्द महसूस होने पर पेनक‍िलर या एंटीबायोट‍िक खा लेते हैं। लेक‍िन लंबे समय तक दवाओं का सेवन करने से शरीर बीमार हो सकता है। अगर र‍िब केज के बाईं ओर तेज दर्द है, तो डॉक्‍टर से सलाह लें। पसली में दर्द (Rib Pain) के साथ अन्‍य लक्षण नजर आना भी क‍िसी गंभीर बीमारी के लक्षण हो सकते हैं। इस स्‍थ‍ित‍ि में भी च‍िक‍ित्‍सा सलाह जरूरी है। लेक‍िन हल्‍के दर्द में तेल की माल‍िश कर सकते हैं। माल‍िश के ल‍िए नीलग‍िरी तेल का इस्‍तेमाल करें। नील‍ग‍िरी के पेड़ की पत्तियों से न‍िकलने वाला तेल, मांसपेश‍ि‍यों और हड्ड‍ियों के ल‍िए फायदेमंद होता है। नीलग‍िरी की पत्तियों में गांठें होती है ज‍िनमें तेल मौजूद होता है। इसी तेल को नीलग‍िरी का तेल (Eucalyptus Oil) कहा जाता है। इस तेल की मदद से दर्द का इलाज तो होता ही है, साथ ही कई दवाएं और औषधी बनाने में भी नीलग‍िरी तेल का इस्‍तेमाल क‍िया जाता है। जानते हैं पसली का दर्द दूर करने का आसान घरेलू उपाय। 

nilgiri tel ke fayde

माल‍िश से दूर करें पसली का दर्द- Rib Pain Treatment   

पसली में दर्द महसूस होने पर नीलग‍िरी का तेल इस्‍तेमाल कर सकते हैं। नीलग‍िरी तेल में मौजूद पोषक तत्‍वों की बात करें, तो इसमें फ्लेवोनोइड्स, एल्‍कलॉइड्स, टैन‍िन, प्रोपेनोइड्स जैसे अनेक फाइटोकेम‍िकल्‍स मौजूद होते हैं। इसमें एंटीमाइक्रोब‍ियल, एंटीवायरल गुण होते हैं। नीलग‍िरी तेल में एंटीइंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक (दर्द-निवारक) गुण पाए जाते हैं। इस तेल से माल‍िश करेंगे तो मांसपेश‍ियों में दर्द और सूजन की समस्‍या से छुटकारा म‍िलेगा। नीलग‍िरी तेल का इस्‍तेमाल गठ‍िया का दर्द, कमर दर्द, मोच आद‍ि में भी क‍िया जा सकता है।

नीलग‍िरी तेल से माल‍िश कैसे करें?- Eucalyptus Oil Massage

नीलग‍िरी तेल में नार‍ियल या बादाम तेल को म‍िलाकर इस्‍तेमाल कर सकते हैं। सुबह-शाम माल‍िश करने से पसली के दर्द (Rib Pain) से जल्‍दी राहत म‍िलेगी। नीलग‍िरी तेल की माल‍िश करने के ल‍िए तेल को दर्द वाले ह‍िस्‍से में लगाएं और हल्‍के हाथ से माल‍िश करें। हाथों को गोल आकार में घुमाते हुए माल‍िश करें। 15 से 20 म‍िनट माल‍िश करने के बाद दर्द वाले ह‍ि‍स्‍से को कपड़े से ढकें ताक‍ि हवा न लगे। 1 हफ्ते तक माल‍िश करेंगे, तो आराम धीरे-धीरे कम हो जाएगा। 

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माल‍िश के दौरान क‍िन बातों का ख्‍याल रखें?

  • शरीर के क‍िसी ह‍िस्‍से की माल‍िश तेल से कर रहे हैं, तो हाथों को तेज न रगड़ें। ऐसा करने से दर्द बढ़ सकता है।
  • माल‍िश करने के ल‍िए तेल को हल्‍का गरम कर लें। इससे दर्द जल्‍दी ठीक होता है।    
  • सर्दि‍यों के द‍िनों में तेल को गरम करने के बजाय धूप में रखकर माल‍िश करें। 
  • माल‍िश के दौरान प्रभाव‍ित ह‍िस्‍से पर दबाव डालने के ल‍िए पंजे के बजाय उंगल‍ियों का प्रयोग करें।

Rib Pain: पसल‍ियों में दर्द महसूस होने पर नीलग‍िरी तेल की माल‍िश करेंगे, तो जल्‍दी आराम म‍िलेगा। गठ‍िया रोग या मांसपेश‍ियों में ख‍िंचाव होने पर भी नीलग‍िरी तेल का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। इसमें दर्द-न‍िवारक गुण होता है।     

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