स्‍मोकिंग छोड़ने से कम हो जाता है हार्ट अटैक का खतरा

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 17, 2017

आमतौर पर दिल को खतरा हमारी लापरवाही के कारण होता है। जैसे भोजन में पोषण तत्‍वों और एक्‍सरसाइज में कमी, तनाव और स्‍मोकिंग करना। इन आदतों से ब्‍लड प्रेशर बढ़ता है और बाद में दिल पर खतरा मंडराता है। अगर ध्यान न दिया जाए तो इसका अंत हार्ट अटैक के रूप में भी हो सकता है।

लेकिन एब्‍ल्‍यूएचओ की एक नई रिर्पोट के अनुसार अगर आप सिगरेट पीना छोड़ दें तो आप अपना बहुत सारा पैसा बचा सकते हैं और आपकी जिंदगी में हर साल सिगरेट न पीने से 55 दिन और जुड़ जाएंगे। सिगरेट का त्याग करने से हार्ट अटैक का खतरा लगभग 50 प्रतिशत तक कम हो जाएगा और आप सिगरेट को छोड़ कर बहुत सारी बचत कर सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि इससे आपका परिवार भी खुशहाल और सेहतमंद हो जाएगा।

heart disease in hindi


आपको यह बात जानकार हैरत होगी कि तंबाकू कानूनी तौर पर बिकने वाला एकमात्र ऐसा पदार्थ है, जिसका निर्देशों के अनुसार सेवन करने से दुनिया में हर 6 सेकेंड में एक व्यक्ति की मौत हो जाती है। भारत की करीब 35 प्रतिशत आबादी किसी ना किसी रूप में तंबाकू और तंबाकू से बने उत्‍पाद  जैसे, गुटखा, पान मसाला, सिगरेट और तंबाकू इत्यादि का सेवन करती है।


डब्‍ल्‍यूएचओ की रिपोर्ट

डब्‍ल्‍यूएचओ की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत के लगभग 48 प्रतिशत पुरुष और 20 प्रतिशत महिलाएं तंबाकू का सेवन करती हैं। इसी रिपोर्ट के अनुसार तंबाकू का सेवन करने वाले 60 प्रतिशत लोग सुबह उठने के आधे घंटे के अंदर सिगरेट या तंबाकू का सेवन करने लगते हैं। भारत में लोग तंबाकू का सेवन औसतन 17 साल की उम्र से ही करने लगते हैं, जबकि 25 प्रतिशत महिलाएं 15 साल की उम्र में तंबाकू की आदी हो जाती हैं।


भारत में करीब 16 करोड़ लोग धुआं मुक्त तंबाकू का सेवन करते हैं। और इनमें से ज़्यादातर लोग तंबाकू को चबाते हैं। दुनिया भर में हर साल तंबाकू का सेवन करने से करीब 60 लाख लोगों की मौत हो जाती है। इनमें से 10 लाख लोग अकेले भारत में मरते हैं, पूरी दुनिया के मुकाबले भारत में मुंह के कैंसर के मरीज सबसे ज्यादा है।


इंडियन कॉउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च के अनुसार भारत में कैंसर के कुल मामलों में 29 प्रतिशत तंबाकू के सेवन की वजह से सामने आते हैं। सिगरेट पीने वाले अपने साथ-साथ दूसरों को भी बीमार करते हैं, डब्‍ल्‍यूएचओ के अनुसार भारत की 50 प्रतिशत आबादी को सेकंड हैंड स्‍मोकिंग या पैसिव स्‍मोकिंग का सामना करना पड़ता है। इसमें वह लोग आते हैं जो खुद तो सिगरेट नहीं पीते, लेकिन दूसरे लोगों की वजह से सिगरेट के धुआं का शिकार हो जाते हैं। पूरी दुनिया में हर साल सेकंड हैंड स्‍मोकिंग से 6 लाख लोगों की मौत हो जाती है।


अगर आपको लग रहा है कि आप कई वर्षों से सिगरेट पी रहे हैं, और आपको अब तक कोई नुकसान नहीं हुआ है तो हम आपको बता दें कि एक सिगरेट आपकी जिंदगी से 11 मिनट कम कर देती है। अगर आप एक दिन में 20 सिगरेट पीते हैं तो आप हर रोज अपनी जिंदगी के 220 मिनट गंवा देते हैं। यानी साल भर में आपकी जिंदगी से 79 हजार 200 मिनट कम हो जाते है और ये 55 दिनों के बराबर है, यानी 10 साल तक सिगरेट पीने वाला व्यक्ति अपनी जिंदगी के 550 दिन गंवा देता है।


सिगरेट छोड़ने के सिर्फ 8 घंटों बाद ही आपके शरीर से कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैस बाहर निकल जाती है। सिगरेट छोड़ने के 5 दिनों बाद ही शरीर में मौजूद सारा निकोटीन बाहर निकल जाता है, और आप स्वस्थ होने लगते हैं। सिगरेट छोड़ने के बाद आपको हार्ट अटैक जैसी बीमारियां होने का खतरा 50 प्रतिशत तक कम हो जाता है और 5 वर्षों तक सिगरेट छोड़ने से आपको स्ट्रोक होने की संभावनाएं बहुत कम हो जाती हैं।

Image Source : Getty

Read More Health News in Hindi

Loading...
Is it Helpful Article?YES1550 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK