वजन है कम तो गर्भावस्‍था में अपनाएं प्रोटीनयुक्‍त आहार

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 17, 2013
Quick Bites

 

  • गर्भावस्‍था के दौरान 90 से ज्‍यादा और 50 से कम नही होना चाहिए महिला का वजन।  
  • वजन बढ़ाने के लिए साबुत अनाज और विभिन्‍न प्रकार की दालों का सेवन करना चाहिए।
  • गर्भावस्‍था के दौरान पौष्टिक तत्‍वों और आयरन से भरपूर केले का सेवन करें। 
  • अंडा, अनार, ब्रॉकली, ओटमील खाने से भी गर्भावस्‍था में वजन बढ़ता है।

सामान्‍यतया गर्भावस्‍था के दौरान वजन बढ़ता है। गर्भावस्था के दौरान औसत वजन 8-15 किलोग्राम के बीच में बढ़ता है। यदि प्रेग्‍नेंसी के दौरान वजन कम है तो समय से पहले प्रसव और कम वजन का बच्‍चा होने की संभावना ज्‍यादा होती है। गर्भावस्‍था के दौरान 90 किग्रा से ज्‍यादा और 50 किग्रा से कम वजन नही होना चाहिए।

खाना खाती गर्भवती महिला

लेकिन प्रेग्‍नेंसी के दौरान वजन बढ़ाने के चक्‍कर में आप ऐसा न खायें जिससे आप और भ्रूण के लिए नुकसानदेह हो। ऐसे में वजन बढ़ाने के बजाय अच्छी तरह से खाने की तरफ ध्‍यान दीजिए। खाने में कार्बोहाइड्रेट, ताजे फल और हरी सब्जियां, प्रोटीन की उचित मात्रा, वसा और शर्करा की कम मात्रा का सेवन कीजिए। अंडरवेट महिलाओं को 28 से 40 पाउंड वजन बढ़ाना चाहिए।

न्यूजीलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ ऑकलैंड द्वारा किये गए एक अध्ययन में यह बात सामने आयी है कि गर्भावस्था के दौरान ज्यादा भोजन करने के बजाए पौष्टिक भोजन करना जच्चा-बच्चा, दोनों के लिए वजन संतुलन में सहायक होता है। आप प्रेग्‍नेंट हैं और आपका वजन कम है तो वजन बढ़ाने में हम आपकी मदद करते हैं।

 

गर्भावस्‍था में वजन बढ़ाने वाले आहार

केला

गर्भावस्‍था के दौरान वजन बढ़ाने में केला बहुत मददगार साबित हो सकता है। केले में बहुत सारा पौष्टिक तत्‍व और आयरन होता है। प्रेगनेंसी के समय ब्रेकफास्‍ट के दौरान केला जरुर खाना चाहिये। केले में थाइमिन, रिबोफ्लेविन, नियासिन और फॉलिक एसिड के रूप में विटामिन ए और विटामिन बी पर्याप्त मात्रा में मौजूद होता है। इसके अलावा केला ऊर्जा का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है।

 

ओटमील

ओटमील आराम से हजम होने वाला फूड है और साथ ही यह आयरन तथा अन्‍य मिनरल भी देता है। ओटमील को सूखा, दूधा, दही के साथ मिलाकर खाया जा सकता है।

 

ब्रॉकली

इसमें विटामिन, आयरन और फोलेट अधिक मात्रा में पाया जाता है। ब्रॉकली में कैल्शियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम और जिंक होता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाता है। यह ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे को कम करता है। ब्रोकोली को नियमित खाने से गर्भवती महिलाओं को मदद मिलती है।

 

अनार

अनार में ढेर सारा आयरन होता है जो गर्भावस्‍था के दौरान हीमोग्‍लोबिन की कमी नही होने देता। गर्भवती महिलाओं को नियमित रूप से अनार का जूस पीना चाहिए। यह ब्‍लड प्रेशर को भी नियंत्रित करता है।

 

अंडा

अंडे में विटामिन, मिनरल, फोलिक एसिड, कैल्सियम और ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है। लेकिन गर्भावस्‍था के दौरान कच्‍चे अंडे बिलकुल न खायें।

 

साबुत अनाज और दालें

गर्भावस्‍था के दौरन महिलाओं को वजन बढ़ाने के लिए साबुत अनाज और विभिन्‍न प्रकार की दालों का सेवन करना चाहिए। साबुत अनाज और दालों में फाइबर, विटामिन और मिनरल, आयरन आदि तत्‍व पाये जाते हैं।


गर्भावती महिलाओं को एक बार में ढेर सारा खाने से बचना चाहिए। 2-3 घंटे के अंतराल पर स्‍नैक्‍स लेते रहने से वजन बढ़ता है। गर्भावस्‍था के दौरान महिला का वजन एक साथ नही बढ़ना चाहिए, जबकि पहले ट्राइमेस्‍टर में वजन बिलकुल नही बढ़ना चाहिए, दूसरे ट्राइमेस्‍टर में 30 प्रतिशत और तीसरे ट्राइमेस्‍टर में 70 प्रतिशत वजन बढ़ना चाहिए। नियमित रूप से अपने वजन की जांच करायें और हमेशा चिकित्‍सक के संपर्क में रहें।

 

 

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