कमजोर फेफड़ों वाले लोगों में COVID-19 का खतरा ज्यादा, जानें क्यों खांसी और छींक में रूमाल का उपयोग है खतरनाक

कोरोनावायरस से बचने के लिए रेस्पिरेटरी हाइजीन को लेकर जागरूकता फैलाना बेहद जरूरी है।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Mar 20, 2020
कमजोर फेफड़ों वाले लोगों में COVID-19 का खतरा ज्यादा, जानें क्यों खांसी और छींक में रूमाल का उपयोग है खतरनाक

फेफड़ों की समस्याओं से पीड़ित लोगों में कोरोनावायरस के संक्रमण का खतरा ज्यादा है। ये हम नहीं, बल्कि हाल ही में आया एक अध्ययन बता रहा है। यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ में इस विषय पर शोध किया है और पता लगाया है कि जिन लोगों में सांस की तकलीफ से जुड़ी कोई भी परेशानी है, उन्हें कोरोनावायरस जैसे किसी भी खतरनाक वायरस का ज्यादा खतरा है। सांस की तकलीफ को डिस्पेनिया के रूप में भी जाना जाता है, जो कि इस स्थिति के लिए एक मेडिकल टर्म है। वहीं इस दौरान लोगों में रेस्पिरेटरी हाइजीन को लेकर जागरूकता फैलाना की बात भी की जा रही है। जैकि अनाचक छींक आने पर क्या करें और मुंह ढकने का सही तरीका क्या है इत्यादि। पर सबसे पहले आइए जानते हैं इस शोध के बारे में।

insideusingelbowduringsneez

क्या कहता है शोध

इस शोध में बताया गया है कि कोरना वायरस शुरुआती तौर देखी जाए तो रेस्पिरेटरी सिस्टम से जुड़ी परेशानी है। वहीं कोरोना वायरस को SARS (severe acute respiratory syndrome) है, ऐसे में क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज या सीओपीडी के नाम से जानी जाने वाली स्थिति - एक क्रोनिक प्रोग्रेसिव लंग डिजीज है, जो लंबे समय तक सांस लेने में तकलीफ का कारण बनती है। इस तरह ऐसे किसी भी व्यक्ति जिनमें  रेस्पिरेटरी सिस्टम से जुड़ी कोई भी परेशानी है या पहले थी, उनके लिए ये महामारी और खतरनाक मानी जा रही है।

यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ के वेजेश जैन, जिन्होंने इस काम का सह-नेतृत्व किया है, उनकी मानें, तो निष्कर्षों को सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों और डॉक्टरों को COVID-19  के साथ गंभीर बीमारी के उच्चतम जोखिम वाले ऐसे लोगों को प्राथमिकता देने में मदद करनी चाहिए। वो कहते हैं कि COVID-19  नामक बीमारी एक श्वसन संक्रमण है, जो गंभीर मामलों में सांस और फेफड़ों की विफलता का कारण बनती है। वहीं इनके सबसे आम लक्षण बुखार और खांसी हैं।

insidecorona

इसे भी पढ़ें: Coronavirus: अपनी श्‍वसन प्रणाली को इन 4 तरीकों से रखें स्‍वच्‍छ, संक्रमण को रोकने में मिलेगी मदद

ब्रिटेन के यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए इस अध्ययन में चीन के सात छोटे अध्ययनों के परिणामों का विश्लेषण भी किया गया और इसमें कुल 1,813 मरीज शामिल थे, जिनमें से सभी COVID-19 के संक्रमण से पीड़ित थे। इस दौरान देखा गया कि सांस से जुड़ी परेशानी वाले मरीजों में  COVID-19 होने का जोखिम ज्यादा था, जिन्हें गहन देखभाल की जरूरत थी। वहीं

COVID-19 अब 145 से अधिक देशों में फैलने के साथ, दुनिया भर के लोग अपने आप को संक्रमण से बचाने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं। चाहे मास्क पहनें, सैनिटाइज़र का उपयोग करें या हाथ धोएं, लेकिन वायरस को खुद से दूर रखने के लिए सबसे अच्छा तरीका श्वसन स्वच्छता का अभ्यास करना है। जैसा कि COVID-19 एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में संक्रामक बूंदों के संचरण से फैलता है, खुद को फैलाने के स्रोत में कटौती करना महत्वपूर्ण है। 

छींक या खांसी होने पर मुंह ढकने के लिए रूमाल का उपयोग न करें

अचानक खांसी या छींक आने पर सबसे अच्छा तरीका है कि आप अपने मुंह को अपनी कोहनी से ढक लें। इस दौरान किसी भी तरह रूमाल का उपयोग करने से बचें क्योंकि यह बैक्टीरिया और वायरस के प्रजनन के लिए एक स्थान बना सकता है। COVID-19 बूंदों के माध्यम से फैलता है और इस प्रकार, जब भी आप छींकते हैं या खांसी करते हैं, तो यह आपकी नाक और मुंह को कवर करने के लिए सबसे अच्छा है।

insidetissuepaperduringsneez

इसे भी पढ़ें: कोरोनावायरस से बचने के लिए ऐसे करें अपने घरों की सफाई, जानें किन चीजों को साफ करना है बेहद जरूरी

टिशू पेपर का उपयोग करें

जब भी आप बाहर निकलें तो हमेशा अपने साथ कुछ टिशू पेपर रखें। टिशू में छींक या खांसी और इसे एक सुरक्षित स्थान पर बंद कर देते हैं। टिश्यू का उपयोग करना रूमाल की तुलना में बेहतर विकल्प है, क्योंकि टिश्यू का उपयोग और फेंक दिया जा सकता है, इस प्रकार बैक्टीरिया / वायरस को फैलने से रोका जा सकता है। उपयोग किए गए टिशू को फेंकने के बाद, आपको हमेशा अपने हाथों को साबुन से धोना चाहिए या किसी गंदगी या कीटाणुओं को धोने के लिए सैनिटाइज़र का उपयोग करना चाहिए।

Read more articles on Miscellaneous in Hindi

Disclaimer