Fri Sep 11, 2026 | 06:55 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

कोर्टिसोल हार्मोन PCOS को कैसे प्रभावित करता है? जानें डॉक्टर से

PCOS में महिलाओं को हमेशा तनाव कम लेने की सलाह दी जाती है। कोर्टिसोल हार्मोन PCOS की समस्या और वजन को और ज्यादा बढ़ा सकता है। इसलिए, PCOS और कोर्टिसोल हार्मोन के बीच कनेक्शन को समझने के लिए इसके बारे में विस्तार से जानना जरूरी है।

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PCOS में महिला के शरीर में इंसुलिन, एंड्रोजन और कोर्टिसोल जैसे हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं। कोर्टिसोल को अक्सर स्ट्रेस हार्मोन के रूप में भी जाना जाता है, क्योंकि यह शरीर में तनाव के दौरान ज्यादा मात्रा में रिलीज होता है। हालांकि जब यह शरीर में लंबे समय तक लगातार बढ़ता रहता है तो PCOS की समस्या को ज्यादा बदतर बना सकता है। PCOS के लक्षणों को मैनेज करने में डाइट और एक्सरसाइज के साथ-साथ कोर्टिसोल की भूमिका को भी बहुत अहम समझा जाता है। इसलिए, आइए Mumma's Blessing IVF और वृंदावन स्थित Birthing Paradise की Medical Director and IVF Specialist डॉ. शोभा गुप्ता से जानते हैं कि कोर्टिसोल क्या है और PCOS से इसका क्या कनेक्शन है?

कोर्टिसोल क्या है?

डॉ. शोभा गुप्ता बताती हैं कि, कोर्टिसोल एक स्टेरॉयड हार्मोन है, जो शरीर में एड्रिनल ग्लैंड द्वारा बनाया जाता है। यह हार्मोन शरीर के कई अंगों को कंट्रोल करता है, जिससे तनाव को कम रखने, ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने, मेटाबॉलिज्म को संतुलित करने और सूजन को कम करने में मदद मिलती है। हालांकि, जब आप मानसिक या शारीरिक रूप से बहुत ज्यादा स्ट्रेस लेते हैं तो शरीर फाइट या फ्लाइट मोड में चला जाता है। यानी शरीर खुद को बचाने के लिए तुरंत तैयार हो जाता है, जिसमें वो या तो उस खतरे से लड़ने (Fight) के लिए या वहां से भागने (Flight) के लिए तैयार रहता है। इस स्थिति में कोर्टिसोल रिलीज होने लगता है, जो शरीर में कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।

Northern Clinics Of Istanbul (2018) में प्रकाशित स्टडी के अनुसार तनाव की स्थिति में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर ज्यादा बढ़ जाता है, जो शरीर के संतुलन को बुरी तरह प्रभावित करता है। हाई कोर्टिसोल के कारण फोकस की कमी और शारीरिक तौर पर चलने-फिरने या खड़े होने की क्षमता में कमी आ सकती है।

इतना ही नहीं, शरीर में लंबे समय तक कोर्टिसोल हार्मोन का लेवल बहुत ज्यादा होने के कारण कुशिंग सिंड्रोम हो सकता है। इसे 'हाइपरकॉर्टिसोलिज्म' भी कहा जाता है, जिसमें वजन बढ़ना, स्किन का पतला होना और ज्यादा थकान महसूस होने जैसे लक्षण महसूस होते हैं।

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PCOS और कोर्टिसोल में कनेक्शन

2012 में Expert Review of Endocrinology & Metabolism में प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार, PCOS से पीड़ित महिलाओं में HPA एक्सिस और मेटाबॉलिक जैसे कारण हार्मोनल असंतुलन की समस्या को बढ़ा सकते हैं। हालांकि, इनमें कोर्टिसोल का लेवल नॉर्मल हो सकता है, लेकिन एंड्रोजन का प्रोडक्शन अक्सर बढ़ जाता है। इसके साथ ही, कोर्टिसोल के बढ़ने और तनाव के कारण यह स्थिति और बिगड़ सकती है। यह न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य, बल्कि मानसिक और खानपान से जुड़ी समस्याओं का भी कारण बन सकती है, जिससे शरीर पर दबाव बढ़ता है।

1. HPA एक्सिस में गड़बड़ी

हमारे शरीर में मौजूद HPA एक्सिस (Hypothalamus-Pituitary-Adrenal Axis) सिस्टम स्ट्रेस रिस्पॉन्स को कंट्रोल करने का काम करता है। PCOS से पीड़ित महिलाएं जब लगातार तनाव में रहती हैं तो HPA एक्सिस ओवरएक्टिव हो जाता है और कोर्टिसोल हार्मोन लगातार बढ़ने लगता है।

2. इंसुलिन रेजिस्टेंस से कनेक्शन

PCOS की समस्या में अक्सर महिलाओं में इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या पाई जाती है, जिसमें कोर्टिसोल लेवल बढ़ने से शरीर में ब्लड शुगर लेवल भी बढ़ने लगता है और इंसुलिन बढ़ता है, जो वजन बढ़ने का कारण बनता है और PCOS के लक्षणों को बदतर बना सकता है।

3. एंड्रोजन हार्मोन का बढ़ना

PCOS में महिलाओं के शरीर में कोर्टिसोल लेवल बढ़ने से एंड्रोजन हार्मोन भी बढ़ सकता है, जिससे चेहरे पर बाल, एक्ने, हेयर फॉल आदि जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं।

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4. ओव्यूलेशन पर प्रभाव

PCOS के साथ महिलाओं के शरीर में कोर्टिसोल का लगातार बढ़ना ओव्यूलेशन को रोक सकता है, जिससे महिलाओं में अनियमित पीरियड्स और कंसीव करने में मुश्किल की समस्या हो सकती है।

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क्या कोर्टिसोल PCOS का कारण बनता है?

2023 में Clinical Epidemiology and Global Health में प्रकाशित स्टडी से यह पता चलता है कि PCOS वाली महिलाओं और सामान्य महिलाओं में स्ट्रेस हार्मोन यानी कोर्टिसोल के लेवल में काफी बड़ा अंतर होता है। असल में तनाव न सिर्फ महिलाओं में PCOS को बढ़ाता है, बल्कि उससे जुड़ी दूसरी बीमारियों का भी कारण बन सकता है। इसलिए, अगर PCOS से जूझ रही महिलाएं अपने तनाव को कम करने पर फोकस करें तो न सिर्फ उनमें मौजूद लक्षणों को सही करने में भी मदद कर सकता है, बल्कि शुगर या दिल से जुड़ी बीमारियों के जोखिम को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है।

PCOS में हाई कोर्टिसोल के लक्षण क्या होते हैं?

महिलाओं में PCOS के साथ कोर्टिसोल लेवल बढ़ जाता है तो शरीर कई तरह के संकेत दे सकता है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इन लक्षणों में शामिल हैं-

  • PCOS के साथ कोर्टिसोल लेवल बढ़ने से वजन ज्यादा होने की समस्या बढ़ जाती है, खासकर बेली फैट तेजी से बढ़ता है और वजन कम करना मुश्किल हो जाता है।
  • सोने के बाद भी हर समय थकान महसूस होना और दिनभर एनर्जी की कमी होना PCOS में कोर्टिसोल लेवल बढ़ने का संकेत होता है।
  • PCOS में कोर्टिसोल लेवल बढ़ने से नींद से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं, जिसमें देर रात तक जागना, बार-बार नींद टूटना और इंसोमेनिया शामिल हैं।
  • मूड स्विंग्स और एंग्जायटी की समस्या शरीर में कोर्टिसोल लेवल बढ़ने का संकेत होता है, जिसके कारण चिड़चिड़ापन, घबराहट, डिप्रेशन जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं।
  • PCOS में कोर्टिसोल लेवल बढ़ने से स्किन और बालों की समस्याएं बढ़ जाती हैं, जिसमें एक्ने, बाल झड़ना, स्किन पर डार्क पैच आदि शामिल हैं।

शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन लेवल की जांच कैसे करें?

Cleveland Clinic के अनुसार, शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन के स्तर की जांच करने के कई तरीके हैं और डॉक्टर मरीज की स्थिति के आधार पर इनमें से किसी एक या सभी की सलाह दे सकते हैं-

1. कोर्टिसोल ब्लड टेस्ट

शरीर में तनाव के स्तर की जांच करने का कोर्टिसोल ब्लड टेस्ट का सबसे आम तरीका है। कोर्टिसोल का लेवल पूरे दिन बदलता रहता है, इसलिए यह टेस्ट अक्सर सुबह के समय किया जाता है, जब स्ट्रेस का लेवल बढ़ा होता है।

2. कोर्टिसोल सलाइवा टेस्ट

कोर्टिसोल सलाइवा टेस्ट आमतौर पर रात के समय सोने से ठीक पहले किया जाता है। यह टेस्ट शरीर में कोर्टिसोल की मात्रा की जांच करता है, जो एड्रेनल ग्लैंड में बनता है। इस टेस्ट में एक छोटी रुई को कुछ देर मुंह में रखा जाता है ताकि लार का सैंपल लिया जा सके। यह कुशिंग सिंड्रोम जैसी स्थितियों की जांच के लिए ज्यादा उपयोगी माना जाता है।

3. कोर्टिसोल यूरिन टेस्ट

इस टेस्ट में मरीज के 24 घंटे के यूरिन के सैंपल को इकट्ठा किया जाता है। यह टेस्ट इस बात को जानने के लिए किया जाता है कि पूरे एक दिन में शरीर कुल कितना कोर्टिसोल बना रहा है। हालांकि, यह एक स्ट्रेस हार्मोन है, इसलिए टेस्ट के समय घबराहट या कम नींद के कारण नतीजे प्रभावित हो सकते हैं।

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शरीर में नेचुरल तरीके से कोर्टिसोल कैसे कम करें?

PCOS में कोर्टिसोल लेवल को कंट्रोल करना बहुत जरूरी है। ऐसे में आप तनाव को कंट्रोल करने के लिए इन नेचुरल तरीकों को अपना सकते हैं, जिनमें-

1. स्ट्रेस कम करें

कोर्टिसोल हार्मोन को कंट्रोल करने का सबसे पहला और जरूरी कदम होता है तनाव को कम करना। रोजाना 10 से 15 मिनट मेडिटेशन करें, डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें और योग करें। प्राणायाम जैसे अनुलोम-विलोम करने से भी कोर्टिसोल को तेजी से कम करने में मदद मिलती है।

2. संतुलित डाइट लें

अपने खाने में ऐसी चीजों को शामिल करें, जो सीधे तौर पर आपके हार्मोन को प्रभावित कर सकते हैं। आप अपने खाने में हाई फाइबर फूड्स, प्रोटीन और हेल्दी फैट का सेवन करें। इसके साथ ही रिफाइंड शुगर, प्रोसेस्ड फूड या ज्यादा कैफीन का सेवन करने से बचें।

3. शारीरिक गतिविधियां करें

एक्सरसाइज करने से शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन को बैलेंस करने में मदद मिलती है, लेकिन इसे सही तरीके से करना जरूरी है। आप वॉक, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, योग आदि शारीरिक गतिविधियां कर सकते हैं। इसके अलावा आप बहुत ज्यादा इंटेंस वर्कआउट करने से बचें, क्योंकि यह कोर्टिसोल लेवल को बढ़ा सकते हैं।

4. अच्छी नींद लें

नींद और कोर्टिसोल में गहरा कनेक्शन होता है। International Journal of Environmental Research and Public Health (2020) में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, नींद की कमी की वजह से शरीर का तनाव कंट्रोल करने वाला 'कोर्टिसोल' हार्मोन बिगड़ जाता है। रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद लेना आपकी सेहत के लिए बहुत जरूरी होता है, इसलिए सोने और जागने का समय तय रखें और रात को सोने से पहले मोबाइल का इस्तेमाल करने से बचें।

डॉक्टर से कब मिलें?

PCOS से पीड़ित महिलाओं में PCOS के लक्षण जैसे पीरियड्स 2-3 महीने तक नहीं आना, तेजी से वजन बढ़ना, ज्यादा बाल झड़ना, एंग्जायटी, डिप्रेशन या कंसीव करने में समस्या होती है तो बिना देर किए डॉक्टर से कंसल्ट करें।

निष्कर्ष

PCOS और कोर्टिसोल का कनेक्शन बहुत गहरा है। शरीर में कोर्टिसोल का लेवल ज्यादा बढ़ने से न सिर्फ PCOS के लक्षण बढ़ते हैं, बल्कि पूरे शरीर में हार्मोनल सिस्टम असंतुलित होने लगता है। लेकिन, आप सही लाइफस्टाइल अपनाकर, संतुलित डाइट, पर्याप्त नींद और नियमित रूप से एक्सरसाइज करने से PCOS और स्ट्रेस दोनों को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। इसलिए, आप PCOS और स्ट्रेस मैनेज करने के लिए डॉक्टर की सलाह पर दवाएं लें और सही लाइफस्टाइल को फॉलो करें।

Image Credit: Freepik

FAQ

  • कोर्टिसोल हार्मोन को कैसे कम किया जा सकता है?

    PCOS में कोर्टिसोल कम करने के लिए लो-इम्पैक्ट एक्सरसाइज जैसे योग, पैदल चलना आदि फायदेमंद हो सकता है। इसके साथ ही, भरपूर नींद लेना और खाली पेट कैफीन लेने से बचना भी इसमें मदद कर सकता है।
  • कौन से विटामिन कोर्टिसोल बढ़ाते हैं?

    शरीर में आमतौर पर कोई भी विटामिन कोर्टिसोल यानी तनाव हार्मोन को नहीं बढ़ाते हैं, बल्कि उसे कम करने या संतुलित करने में मदद करते हैं। विटामिन बी5 एड्रिनल फंक्शन को सपोर्ट करता है, जिसे कोर्टिसोल हार्मोन प्रभावित कर सकता है।
  • आपके शरीर में कोर्टिसोल बढ़ने का क्या कारण है?

    शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन के बढ़ने का कारण लगातार तनाव का बढ़ना है। इसके अलावा, नींद की कमी, ज्यादा कैफीन का सेवन और बहुत ज्यादा इंटेंस वर्कआउट भी इस समस्या को बढ़ा सकता है।
  • कोर्टिसोल कम करने के क्या उपाय हैं?

    कोर्टिसोल हार्मोन को कम करने के लिए नियमित रूप से योग, मेडिटेशन और डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें। इसके साथ ही पर्याप्त नींद लेना भी आपकी सेहत के लिए बहुत जरूरी है।
  • पीसीओएस के लिए कोर्टिसोल खराब क्यों है?

    PCOS के लिए कोर्टिसोल खराब माना जाता है, क्योंकि यह इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ाता है, जिससे शरीर में एंड्रोजन हार्मोन का लेवल बढ़ता है, जो पेट की चर्बी, अनियमित पीरियड्स, एक्ने और वजन कम करने में मुश्किल जैसे लक्षणों के रूप में नजर आ सकता है।

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Apr 13, 2026 15:26 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Apr 13, 2026 15:26 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Shobha Gupta

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