रोज पश्चिम नमस्कार आसन करने से मिलेंगे कई फायदे, जानें करने का तरीका

अगर आप रोजाना पश्‍च‍िम नमस्‍कार आसन करें तो स्‍ट्रेस दूर रहेगा और बॉडी टोन होगी, जान‍िए अन्‍य फायदे

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: Jun 10, 2021
रोज पश्चिम नमस्कार आसन करने  से मिलेंगे कई फायदे, जानें करने का तरीका

इन द‍िनों स्‍ट्रेस हमारी लाइफ का ह‍िस्‍सा बन चुका है, हर व्‍यक्‍त‍ि मानस‍िक समस्‍या से गुजर रहा है ऐसे में आप खुद को हेल्‍दी रखने के ल‍िए योग का सहारा ले सकते हैं। वैसे तो कई सारे योग फायदेमंद है पर आज हम बात करेंगे पश्‍च‍िम नमस्‍कार आसन के बारे में। पश्‍च‍िम नमस्‍कार योग करने से क्‍या लाभ म‍िलता है? पश्‍च‍िम नमस्‍कार आसन को करने से स्‍ट्रेस, एंग्‍जाइटी, एंगर जैसी समस्‍याओं से न‍िजात म‍िलता है। ज‍िन लोगों की थायरॉइड या डाइजेशन की समस्‍या है उन्‍हें भी पश्‍च‍िम नमस्‍कार आसन करना चाह‍िए। इस आसन को करने से मांसपेश‍ियां लचीली बनती है, फेफड़ों के ल‍िए पश्‍च‍िम नमस्‍कार आसन फायदेमंद है, आप इस आसन को रोजाना कर सकते हैं। पश्‍च‍िम नमस्‍कार आसन करने से आपका पॉश्‍चर भी ठीक होता है और बॉडी की स्‍ट्रेच‍िंग भी हो जाती है। पश्‍च‍िम नमस्‍कार आसन करने के फायदे और तरीका जानने के ल‍िए हमने लखनऊ के रवींद्र योगा क्लीनिक के योगा एक्सपर्ट डॉ रवींद्र कुमार श्रीवास्तव से बात की। 

reverse yoga pose

पश्‍च‍िम नमस्‍कार आसन क्‍या है? (What is Paschima Namaskarasana)

पश्‍च‍िम नमस्‍कार आसन में हाथों को जोड़कर नमस्‍कार करते हैं और हाथों को आगे से न जोड़कर, पीछे यानी पीठ की तरफ से जोड़ते हैं। इस आसन को करने से कंधे और आसपास की मसल्‍स स्‍ट्रेच होती हैं। पश्‍च‍िम नमस्‍कार आसन शब्‍द संस्‍कृत भाषा से ल‍िया गया है। पश्‍च‍िम का मतलब होता है वेस्‍ट या पश्‍च‍िम द‍िशा और यहां इसका मतलब है बैक या पीछे। नमस्‍कार हमारी परंपरा है और आसन मतलब योग। इस आसन को र‍िवर्स प्रेयर पोज (reverse prayer pose) भी कहते हैं। 

इसे भी पढ़ें- गर्भवती महिलाओं के लिए फायदेमंद है डिलीवरी से पहले इन 5 योगासनों का अभ्यास

पश्‍च‍िम नमस्‍कार आसन कैसे करते हैं? (How to do Paschima Namaskarasana)

  • 1. इस आसन को आप बैठकर या खड़े होकर कर सकते हैं। 
  • 2. दोनों हाथों को पीछे की ओर लेकर जाएं। 
  • 3. हाथों को जोड़ते हुए प्रार्थना की पोज‍िशन में आ जाएं। 
  • 4. इस आसन को करते हुए गहरी सांस लें और छोड़ें। 
  • 5. इस पोज‍िशन में कम से कम 30 सेकेंड के ल‍िए रुकें। 
  • 6. इस अवस्‍था को दो या तीन बार र‍िपीट करें। 

इसे भी पढ़ें- ईटिंग डिसऑर्डर (भोजन विकार) दूर करने वाले आसान योगासन

पश्‍च‍िम नमस्‍कार आसन करने के फायदे (Benefits of Paschima Namaskarasana)

reverse yoga benefits

  • 1. पश्चिम नमस्कार आसन करने से बॉडी की स्‍ट्रेच‍िंग होती है। आप इसे एक्‍सरसाइज से पहले कर सकते हैं। 
  • 2. पश्‍च‍िम नमस्‍कार आसन करने से अपर बैक, ज्‍वॉइंट्स, कंधों की मसल्‍स को लचीलापन म‍िलता है। 
  • 3. अगर आपकी कॉलरबोन, कलाई या कंधे में भारीपन या दर्द है तो पश्‍च‍िम नमस्‍कार आसान करने से वो दर्द भी दूर हो जाता है। 
  • 4. पश्‍चिम नमस्‍कार आसन करने से बॉडी का पॉश्‍चर बेहतर होता है, इससे बॉडी टोन्‍ड होती है। 
  • 5. स्‍पाइन के ल‍िए ये आसन बेहद फायदेमंद है, इससे स्‍पाइन लचीली बनती है। 
  • 6. अगर आप रोजाना पश्‍च‍िम नमस्‍कार आसन करें तो स्‍ट्रेस और एंग्‍जाइटी से छुटकारा पा सकते हैं, इस आसान को करने के बाद आपको मन शांत लगेगा। 
  • 7. ज‍िन लोगों को थायरॉइड है उन्‍हें ये आसन जरूर करना चाह‍िए, उनके ल‍िए लाभदायक माना जाता है, इससे थायरॉइड कंट्रोल रहता है। 
  • 8. अगर आपको डाइजेशन की समस्‍या है तो भी आपको पश्‍च‍िम नमस्‍कार आसन या र‍िवर्स प्रेयर पोज करना चाह‍िए, ये पेट से जुड़ी समस्‍याओं को ठीक करता है। 
  • 9. अगर कोई मानस‍िक परेशानी चल रही है तो कुछ द‍िन पश्‍च‍िम नमस्‍कार आसन करके देखें, आपको फर्क खुद ही महसूस होगा। 
  • 10. पश्‍च‍िम नमस्‍कार आसन या र‍िवर्स प्रेयर पोज करने से गुस्‍सा शांत हो जाता है तो अगर आपको जल्‍दी-जल्‍दी गुस्‍सा या च‍िड़च‍िड़ापन महसूस हो रहा है तो ये आसान ट्राय करें। 
  • 11. एक्‍सपर्ट्स का मानना है क‍ि जो लोग नेगेट‍िव सोचते हैं, उन्‍हें खुद में बदलाव लाने के ल‍िए ये आसन करना चाह‍िए, पश्‍च‍िम नमस्‍कार आसन करने से पॉज‍िट‍िव वाइब्‍स म‍िलती हैं। 
  • 12. पश्‍च‍िम नमस्‍कार आसन या र‍िवर्स प्रेयर पोज करने से ब्रीथ‍िंग अच्‍छी होती है और फेफड़े ठीक तरह से काम करते हैं। 

ज‍िन लोगों को लो ब्‍लड प्रेशर की समस्‍या है उन्‍हें पश्‍च‍िम नमस्‍कार आसन अवॉइड करना चाह‍िए, इसके अलावा ज‍िनके हाथ या शोल्‍डर में इंजरी है वो भी तबीयत सुधरने तक ये आसन न करें। 

Read more on Yoga in Hindi 

Disclaimer