कामकाजी हैं तो बच्‍चे की परव‍र‍िश में काम आएंगी ये 5 ट‍िप्‍स

काम के साथ-साथ बच्‍चे की सही परवर‍िश भी आपकी ज‍िम्‍मेदारी है। जानें वर्कि‍ंग होने के साथ कैसे रखें बच्‍चे का ख्‍याल  

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: Jul 17, 2022Updated at: Jul 17, 2022
कामकाजी हैं तो बच्‍चे की परव‍र‍िश में काम आएंगी ये 5 ट‍िप्‍स

बच्‍चे की परवर‍िश एक बड़ी ज‍िम्‍मेदारी होती है। अगर माता-प‍िता दोनों काम के चलते बाहर रहते हैं, तो बच्‍चे पर बुरा असर पड़ सकता है। ज‍िन पेरेंट्स के पास बच्‍चों के ल‍िए समय नहीं होता, वे बुरी आदतों के श‍िकार हो जाते हैं। कई बच्‍चे माता-प‍िता के ब‍िना अकेला महसूस करते लगते हैं। बच्‍चे के व्‍यक्‍त‍ित्‍व पर अकेलेपन का असर न पड़े इसके ल‍िए आपको सही ट‍िप्‍स अपनाने चाह‍िए। आप भी वर्किंग पेरेंट्स हैं तो इन आसान ट‍िप्‍स को फॉलो करें।

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1. बच्‍चे की द‍िनचर्या पर ध्‍यान दें 

कामकाजी माता-प‍िता को बच्‍चे का रूटीन सेट करना चाह‍िए। अगर आप वर्कि‍ंग हैं, तो बच्‍चे को पूरा समय देना मुश्‍क‍िल होगा। इस दौरान बच्‍चे का रूटीन सेट कर देंगे, तो वो व्‍यस्‍त रहेगा। आप बच्‍चे के खाने का समय, पढ़ने या सोने का समय तय करें। आप बाहर जाते हैं, तो बच्‍चे से फोन या वीड‍ियो कॉल के जर‍िए बात करते रहें। इस तरह बच्‍चे को खालीपन भी महसूस नहीं होगा और आप आराम से अपना काम कर पाएंगे।   

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2. बच्‍चे को स्‍थित‍ि के बारे में समझाएं 

वर्कि‍ंग पेरेंट हैं, तो बच्‍चे को अपनी स्‍थि‍त‍ि के बारे में बताएं। कई बच्‍चे, अपने माता-प‍िता से केवल इसल‍िए दूर हो जाते हैं क्योंक‍ि वो खुद को हर समय अकेला पाते हैं। आपको बच्‍चे को अपनी स्‍थ‍ित‍ि के बारे में बताना चाह‍िए। उनके ल‍िए आपके काम की अहम‍ियत को समझना जरूरी है। आप उनसे नाराज न होने की उम्‍मीद नहीं कर सकते। बच्‍चे को समय देने और उसे समझने से समस्‍या हल हो सकती है।     

3. बच्‍चे को समय देना जरूरी है 

पेरेंट्स काम के ल‍िए बाहर जाएं या घर से काम करें, आपको बच्‍चे को समय देना जरूरी है। केवल बच्‍चे के सामने रहने से आप उसका ख्‍याल नहीं रख सकते। बच्‍चे के साथ र‍िश्‍ते को बेहतर बनाने के ल‍िए उसे समय देना चाह‍िए। आप बच्‍चे के साथ कोई हॉबी क्‍लॉस में जा सकते हैं। बच्‍चे के साथ वॉक पर जाना या खेलना भी अच्‍छा व‍िकल्‍प है।       

4. बच्‍चे को अकेला न छोड़ें 

अगर आप काम के ल‍िए बाहर जा रहे हैं तो बच्‍चे के पास माता या प‍िता में से कोई एक साथ होना चाह‍िए। माता-प‍िता दोनों ही काम के ल‍िए बाहर जाते हैं, तो क‍िसी खास व्‍यक्‍त‍ि की देखरेख में बच्‍चे को छोड़ सकते हैं जैसे दादा-दादी या नाना-नानी। अप‍र‍िच‍ित व्‍यक्‍त‍ि के साथ बच्‍चे को न छोड़ें। इससे बच्‍चे डर सकते हैं।       

5. बच्‍चे की आदतों पर गौर करें 

अगर बच्‍चा अचानक से ज्‍यादा गुस्‍सा करने लगा है, उसे च‍िड़च‍िड़ापन महसूस होता है या अचानक चुप हो गया है तो हो सकता है उसे अकेलापन महसूस हो रहा है। कई बार बच्‍चे अपनी समस्‍या समझा नहीं पाते पर व्‍यवहार के जर‍िए उसे जताने का प्रयास करते हैं। आप बच्‍चे से बात करें। बच्‍चे की समस्‍या को प्‍यार से सुनें और उसका हल न‍िकालें।  

इन ट‍िप्‍स को फॉलो करके आप वर्क‍ि‍ंग पेरेंट्स होने के बावजूद बच्‍चे की ज‍िम्‍मेदारी बखूबी न‍िभा सकेंगे।   

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