Mon Oct 5, 2026 | 04:51 AM IST

जानें मच्छर के काटने के बाद कैसे फैलता है चिकनगुनिया का वायरस और क्या हैं इसके लक्षण

आमतौर पर चिकगुनिया के वायरस के शरीर में प्रवेश करने के 2-3 दिन बाद इसके लक्षण दिखना शुरू होते हैं। जानें इस दौरान चिकनगुनिया का वायरस आपके शरीर में क्या करता है और आपको कैसे बीमार बनाता है।
जानें मच्छर के काटने के बाद कैसे फैलता है चिकनगुनिया का वायरस और क्या हैं इसके लक्षणजानें मच्छर के काटने के बाद कैसे फैलता है चिकनगुनिया का वायरस और क्या हैं इसके लक्षण

चिकनगुनिया रोग, चिकनगुनिया नामक वायरस के कारण फैलता है, जो मच्छरों के काटने से मरीज के शरीर में प्रवेश करता है। आमतौर पर जब वायरस शरीर में प्रवेश करता है, उसके तुरंत बाद मरीज के शरीर में इसके लक्षण नहीं दिखते हैं। बल्कि चिकनगुनिया के लक्षण आमतौर पर मच्छरों के काटने के 2-3 बाद दिखना शूरू होते हैं। इस दौरान वायरस धीरे-धीरे मरीज के शरीर में अपनी संख्या बढ़ाता और शरीर के महत्वपूर्ण सिस्टम्स पर अटैक करता है। हर वायरस का एक लाइफ साइकल होता है, जिसके अनुसार ही वो वायरस व्यक्ति के शरीर में असर दिखाता है। आइए आपको बताते हैं कैसे चिकनगुनिया का वायरस आपके शरीर में पहुंचने के बाद आपको बीमार बनाता है और क्या हैं इस रोग के पहले लक्षण।

चिकनगनुनिया का वायरस

मनुष्य जब भी चिकनगुनिया वायरस का इलाज करवाता है, तो उसे इस वायरस के पूरे चक्र को नष्ट करना होता है। चिकनगुनिया वायरस अलग-अलग स्टेज में आकर मनुष्य के शरीर पर कुप्रभाव छोड़ता है। आइए जानें आखिरकार इस वायरस के जीवन चक्र में क्या–क्या चीजें शामिल हैं और किन-किन रूपों में चिकनगुनिया वायरस मानव के शरीर में पनपता है।

इसे भी पढ़ें:- जानें मलेरिया से बचाव के टिप्स, बुखार आने पर कैसे करें इसका उपचार

आरंभिक संक्रमण

जब एक मच्छर संक्रमित व्यक्ति को काटता है तो चिकनगुनिया वायरस के कण उस मच्छर में मौजूद हो जाते हैं ऐसे में जब वही मच्छर हेल्दी व्यक्ति को काटता है, तो वह व्यक्ति भी चिकनगुनिया का शिकार हो जाता है। मादा एडिस मच्छर के काटने से व्यक्ति के रक्त में चिकनगुनिया वायरस का संचरण होता है। ये वायरस स्वतंत्र कोशिकाओं के माध्यम से प्लाज्मा झिल्ली को नष्ट करने का काम करता है।

सेलुलर वायरस स्टेज

ये वायरस सेल में से साइटोप्लांज्म (cytoplasm) में प्रवेश कर नाभिक के जरिए आगे बढ़ते हैं। इसके बाद शरीर में जमा आनुवंशिक सामग्री में प्रवेश करते है। जब ये वायरस कण नाभिक के अंदर अपना जीनोम छोड़ देते हैं तो आसपास की अन्य कोशिकाएं भी इससे संक्रमित हो जाती है और यह चक्रीय प्रक्रिया एक बार पूरी होने के बाद बार-बार चलती रहती है।

इसे भी पढ़ें:- इलाज के बाद भी परेशान करते हैं चिकनगुनिया के कुछ लक्षण, ठीक होने में लगते हैं कई साल

संक्रामक स्टेज 

एक बार जब वायरस व्यक्ति के शरीर में आ जाता है तो ये रक्त के जरिए शरीर को संक्रमित करता रहता है। चिकनगुनिया वायरस रक्त के माध्यम से पूरे शरीर में फैलता रहता है।

चिह्न और लक्षण

सामान्यत: चिकनगुनिया होने पर शरीर का तापमान बढ़ जाता है यानी बुखार आ जाता है। इसके अलावा जोड़ों में दर्द, सिर दर्द, मिचली, उल्टियां, ठंड लगना, और चकत्ते आदि चिकनगुनिया के लक्षण हैं। साथ ही जीभ बेस्वाद हो जाती है। लेकिन इन बीमारियों के साथ ही चिकनगुनिया किसी भी अन्य बीमारी से घातक बीमारी है।

परीक्षण

चिकनगुनिया वायरस के लक्षणों को जांचने के लिए सीवीसी, ब्लड कल्च़र, आईजीएम और आईजीजी टेस्ट करवाएं जाते है।

Read More Articles Other Diseases in Hindi

Read Next

→ Dengue Fever Symptoms: जानलेवा हो सकता है 'डेंगू शॉक सिंड्रोम', 8 लक्षणों से पहचानें गंभीरता

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Anurag Gupta

Senior Health Journalist & Editor

अनुराग गुप्ता एक अनुभवी हेल्थ जर्नलिस्ट हैं, जो पिछले 11 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 8 से अधिक वर्षों से स्वास्थ्य विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में डिप्टी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं, जहां वह हिंदी और अंग्रेजी दोनों टीमों की संपादकीय जिम्मेदारी संभालते हैं। उन्होंने 2017 में OnlyMyHealth में सब एडिटर के रूप में अपने हेल्थ जर्नलिज्म करियर की शुरुआत की थी। समय के साथ वह संपादकीय टीम में वरिष्ठ भूमिका में पहुंचे और आज वेबसाइट की कंटेंट स्ट्रैटेजी, आइडिया अप्रूवल, कंटेंट क्वालिटी कंट्रोल, टीम मैनेजमेंट और एडिटोरियल प्लानिंग की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। OnlyMyHealth पर प्रकाशित हेल्थ आर्टिकल्स जिस एडिटोरियल और मेडिकल रिव्यू प्रोसेस से गुजरते हैं, उसकी निगरानी भी वही करते हैं। वह सुनिश्चित करते हैं कि हर लेख प्रमाणित मेडिकल स्रोतों, रिसर्च स्टडी और विशेषज्ञों की राय के आधार पर तैयार हो, ताकि पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे। अनुराग की खासियत है जटिल मेडिकल रिसर्च, हेल्थ डेटा और पब्लिक हेल्थ से जुड़े विषयों को आसान और समझने योग्य भाषा में प्रस्तुत करना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। संपादकीय जिम्मेदारियों के साथ-साथ वह समय-समय पर OnlyMyHealth के लिए लेख भी लिखते हैं। OnlyMyHealth से पहले वह Guftagu Print Magazine और ScoopWhoop के साथ भी काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने फीचर और डिजिटल पत्रकारिता में अनुभव हासिल किया।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Aug 05, 2013 00:00 IST

    Published By : Anurag Gupta