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World Malaria Day 2020: जानें मलेरिया से बचाव के टिप्स, बुखार आने पर कैसे करें इसका उपचार

World Malaria Day 2020: गलत इलाज से खतरनाक हो सकता है मलेरिया, जानें बुखार आने पर किस तरह करनी चाहिए शरीर की देखभाल और कैसे पहचानें मलेरिया के लक्षण।

मलेरिया मच्छरों के काटने से फैलने वाला संक्रामक रोग है। मलेरिया होने पर तेज बुखार आता है और ठंड लगती है। बारिश के मौसम में मच्छरों का आतंक बढ़ जाता है इसलिए डेंगू-मलेरिया और चिकनगुनिया जैसे रोगों का खतरा भी बढ़ जाता है। मलेरिया का खतरा छोटे बच्चों और बूढ़े लोगों को ज्यादा होता है क्योंकि इस उम्र में लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत में हर साल 10 लाख से ज्यादा लोग मलेरिया का शिकार होते हैं, जिनमें से हजारों लोगों की मौत हो जाती है। आमतौर पर मलेरिया फैलाने वाले मच्छर शाम के समय काटते हैं। आइए आपको बताते हैं कैसे करें मलेरिया से बचाव और क्या हैं मलेरिया के सामान्य लक्षण।

क्या हैं मलेरिया के लक्षण?

  • तेज बुखार
  • ठंड लगना
  • सिर दर्द
  • चक्कर आना और उल्टी होना
  • शरीर में दर्द और थकान होना
  • इसके अलावा कई बार कुछ लोगों में अन्य लक्षण भी देखने को मिलते हैं जैसे- पसीना निकलना, सीने और पेट में दर्द और खांसी आना आदि।

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कैसे फैलता है मलेरिया?

आमतौर पर मलेरिया मच्छरों के काटने से ही फैलता है। मगर कई बार कुछ अन्य कारणों से भी मलेरिया फैल सकता है जैसे- मां के द्वारा गर्भ में पल रहे शिशु को मलेरिया हो सकता है। संक्रमित व्यक्ति का खून चढ़ाने से भी मलेरिया फैलता है। इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति के द्वारा इस्तेमाल की गई सुई और इंजेक्शन के प्रयोग से भी मलेरिया फैल सकता है।

मलेरिया से बचाव के टिप्स

  • शाम के समय घर के खिड़की-दरवाजों को बंद रखें ताकि घर में मच्छर न घुस पाएं।
  • शाम के समय छोटे बच्चों और बुजुर्गों को मच्छरदानी में रखें या घर में मच्छरों को भगाने का कोई इंतजाम करें।
  • छोटे बच्चो के कमरे में धुंआ वाले मच्छररोधी चीजें जैसे- कॉइल, मशीन आदि का प्रयोग न करें। इसके बजाय छोटे बच्चों के लिए मच्छरदानी सबसे सुरक्षित विकल्प है।
  • बुखार आने या शरीर में दर्द होने पर अपने से कोई दवा न लें, बल्कि डॉक्टर से सलाह लें।
  • अगर दवा के बावजूद 2 दिन तक बुखार न उतरे, तो खून की जांच के लिए पूछें और मलेरिया की जांच करवाएं।
  • घर के आसपास पानी न जमा होने दें और गीला कूड़ा रोजाना फेंके या ठिकाने लगाएं।
  • हेल्दी और स्वस्थ चीजें खाएं, जिससे आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़े ताकि वायरस और बैक्टीरिया के खतरे से बच सकें।

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मलेरिया का बुखार आने पर क्या करना चाहिए?

  • अगर किसी छोटे बच्चे या वयस्क में मलेरिया बुखार के लक्षण दिखते हैं, तो जितनी जल्दी संभव हो सके डॉक्टर को दिखाकर जांच करवाएं।
  • मलेरिया की पुष्टि होने पर डॉक्टर की दवाओं और सलाह का पूरी तरह पालन करें।
  • मलेरिया का बुखार होने पर व्यक्ति को पूरी तरह आराम करना चाहिए। इससे शरीर में रोग से लड़ने की क्षमता पैदा होती है।
  • छोटे बच्चे या बूढ़े को मलेरिया हो, तो रोजाना दिन में कई बार थर्मामीटर से बुखार चेक करते रहें। अगर बुखार पहले से बढ़ जाए, तो डॉक्टर से संपर्क करें।
  • मलेरिया के मरीज को खूब पानी पीना चाहिए। शरीर में पानी की कमी से इसके लक्षण हावी हो जाएंगे और रोग गंभीर हो सकता है।

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Anurag Gupta

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Deputy Editor

अनुराग गुप्ता एक अनुभवी हेल्थ जर्नलिस्ट हैं, जो पिछले 11 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 8 से अधिक वर्षों से स्वास्थ्य विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में डिप्टी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं, जहां वह हिंदी और अंग्रेजी दोनों टीमों की संपादकीय जिम्मेदारी संभालते हैं। उन्होंने 2017 में OnlyMyHealth में सब एडिटर के रूप में अपने हेल्थ जर्नलिज्म करियर की शुरुआत की थी। समय के साथ वह संपादकीय टीम में वरिष्ठ भूमिका में पहुंचे और आज वेबसाइट की कंटेंट स्ट्रैटेजी, आइडिया अप्रूवल, कंटेंट क्वालिटी कंट्रोल, टीम मैनेजमेंट और एडिटोरियल प्लानिंग की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। OnlyMyHealth पर प्रकाशित हेल्थ आर्टिकल्स जिस एडिटोरियल और मेडिकल रिव्यू प्रोसेस से गुजरते हैं, उसकी निगरानी भी वही करते हैं। वह सुनिश्चित करते हैं कि हर लेख प्रमाणित मेडिकल स्रोतों, रिसर्च स्टडी और विशेषज्ञों की राय के आधार पर तैयार हो, ताकि पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे। अनुराग की खासियत है जटिल मेडिकल रिसर्च, हेल्थ डेटा और पब्लिक हेल्थ से जुड़े विषयों को आसान और समझने योग्य भाषा में प्रस्तुत करना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। संपादकीय जिम्मेदारियों के साथ-साथ वह समय-समय पर OnlyMyHealth के लिए लेख भी लिखते हैं। OnlyMyHealth से पहले वह Guftagu Print Magazine और ScoopWhoop के साथ भी काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने फीचर और डिजिटल पत्रकारिता में अनुभव हासिल किया। Editorial Policy: अनुराग द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 13, 2019 00:00 IST

    Published By : Anurag Gupta

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