क्रोंचासन योग का अभ्यास करने से शरीर को मिलते हैं ये 5 फायदे, जानें करने का तरीका

क्रोंचासन का नियमित अभ्यास शरीर की मांसपेशियों और जॉइंट्स के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है, जानिए इसका अभ्यास करने का सही तरीका।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Aug 13, 2021Updated at: Aug 13, 2021
क्रोंचासन योग का अभ्यास करने से शरीर को मिलते हैं ये 5 फायदे, जानें करने का तरीका

योग का नियमित अभ्यास शरीर को फिट और स्वस्थ बनाये रखने का काम करता है। सही तरीके से रोज योग का अभ्यास करने से शरीर में कई बीमारियां भी नहीं जन्म लेती हैं। यही कारण है कि योग को आज पूरी दुनिया ने स्वीकारा है। दुनियाभर में अब लोग स्वस्थ और फिट रहने के लिए योग का सहारा ले रहे हैं। शरीर को स्वस्थ और फिट बनाये रखने के लिए क्रोंचासन (Krounchasana) का भी अभ्यास बहुत फायदेमंद होता है। क्रोंचासन शब्द संस्कृत भाषा के शब्द क्रोंच से बना हुआ है जिसका अर्थ कौवा होता है। अंग्रेजी में इस आसन को हेरॉन पोज (Heron Pose) या सारस आसन भी कहते हैं। क्रोंचासन में शरीर की स्थिति सारस जैसी होती है इसलिए इसका नाम सारस आसन भी है। क्रोंचासन का नियमित अभ्यास शरीर के लिए कई मायनों में फायदेमंद होता है। आइये जानते हैं क्रोंचासन के अभ्यास से मिलने वाले फायदे और इसे करने के सही तरीके के बारे में।

क्रोंचासन का अभ्यास करने का तरीका (How to Do Krounchasana - Heron Pose)

Krounchasana-Heron-Pose-Benefits

(Image Source - Freepik.com)

क्रोंचासन कठिन योग मुद्राओं में आने वाला योगासन है। इस आसन का अभ्यास करने से शरीर के जॉइंट्स और मांसपेशियों को फायदा मिलता है। यहां तक कि जिन लोगों के पैर समतल यानी फ्लैट होते हैं उन्हें भी इस आसन का अभ्यास करने की सलाह दी जाती है। शुरुआत में इस आसन का अभ्यास थोड़ा कठिन हो सकता है लेकिन नियमित रूप से अभ्यास करने के बाद आप आसानी से क्रोंचासन कर सकते हैं। क्रोंचासन का अभ्यास करने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें।

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  • क्रोंचासन का अभ्यास करने के सबसे पहले आप किसी साफ और हवादार स्थान पर योगा मैट पर बैठ जाएं। 
  • बैठने के बाद अपने पैरों को आगे की तरफ फैला लें। 
  • इसके बाद दंडासन की स्थिति में आ जाएं। 
  • अब अपने दाहिने पैर को मोड़कर पीछे की ओर ले जाएं और पैरों को कूल्हे के नीचे दबा लें। 
  • इसके बाद दोनों हाथों से अपने बाएं पैर के तलवे को पकड़ें। 
  • बाएं पैर के तलवों को पकड़कर ऊपर की तरफ उठाएं। 
  • इस दौरान यह ध्यान रहे कि आपकी गर्दन और पीठ दोनों सीधी और संतुलित होनी चाहिए। 
  • अब अपने पैर को ऊपर उठाते हुए गर्दन की सीधाई में लेकर जाएं। 
  • इस स्थिति में लगभग 30 सेकंड तक बने रहें और सांस अंदर की तरफ खींचे। 
  • अब सांस छोड़ते हुए पैर को नीचे लेकर आएं और फिर यही प्रक्रिया दूसरे पैर से करें। 
  • शुरुआत में दो बार इसका अभ्यास करें उसके बाद धीरे-धीरे इसकी संख्या बढाएं। 

क्रोंचासन का अभ्यास करने के फायदे (Krounchasana or Heron Pose Benefits)

क्रोंचासन का नियमित अभ्यास करने से शरीर के जॉइंट्स लचीले होते हैं और मांसपेशियों मजबूत होती हैं। यह आसन हैमस्ट्रिंग के लिए भी फायदेमंद होता है। इस आसन का नियमित अभ्यास करने से शरीर की मांसपेशियों को बहुत फायदा मिलता है। यह आसन खिलाड़ियों के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है क्योंकि इसके नियमित अभ्यास से आपका शरीर लचीला बनता है।  क्रोंचासन का नियमित अभ्यास करने से शरीर को मिलने वाले फायदे इस प्रकार हैं। 

  • शरीर में रक्त का प्रवाह ठीक ढंग से होता है। 
  • पैरों, पीठ, हैमस्ट्रिंग, घुटनों, पिंडलियों और कूल्हों पर अच्छा खिंचाव मिलता है।
  • पेट के अंगों को टोन करने और छाती को फैलाने के लिए फायदेमंद।
  • फ्लैट फुट यानि पैरों के समतल होने की समस्या में बहुत फायदेमंद माना जाता है।
  • क्रोंचासन या सारस पोज का अभ्यास पेट और पाचन तंत्र के लिए बहुत फायदेमंद होता है। 
  • गैस और ब्लोटिंग (पेट फूलने की समस्या) में बहुत फायदेमंद होता है।
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शुरुआत में क्रोंचासन का अभ्यास करते समय सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए। अगर आपको घुटने और पैरों की हड्डियों से जुड़ी समस्या है तो इसका अभ्यास करने से बचें। क्रोंचासन को कठिन योगासन माना जाता है इसलिए शुरुआत में इसका अभ्यास किसी एक्सपर्ट या ट्रेनर की देखरेख में ही करें। इस आसन का अभ्यास हमेशा गद्दीदार योगा मैट और सपाट सतह वाले स्थान पर ही करेंअपने योग सत्र का अभ्यास करने के लिए हमेशा अच्छी तरह से गद्दीदार योगा मैट और फर्श की सपाट सतह को प्राथमिकता दें। कभी भी तंग या असहज पहने हुए योगाभ्यास का प्रयास न करें। क्रोंचासन का अभ्यास करते समय कभी भी टाइट या तंग करने वाले कपड़े न पहनें।

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