कहीं आप दिल की बीमारी के लक्षणों को एसिडिटी या गैस तो नहीं समझ रहे? जानें अंतर

क्या आपको अक्सर सीने में जलन या हल्के दर्द की समस्या रहती है? क्या आप भी इस समस्या को एसिडिटी या गैस समझकर नजरअंदाज कर देते हैं? अगर ऐसा है, तो सावधान हो जाएं।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Dec 11, 2018Updated at: Dec 11, 2018
कहीं आप दिल की बीमारी के लक्षणों को एसिडिटी या गैस तो नहीं समझ रहे? जानें अंतर

क्या आपको अक्सर सीने में जलन या हल्के दर्द की समस्या रहती है? क्या आप भी इस समस्या को एसिडिटी या गैस समझकर नजरअंदाज कर देते हैं? अगर ऐसा है, तो सावधान हो जाएं। संभव है ये समस्या किसी गंभीर रोग का संकेत हो। जी हां, सीने में जलन की समस्या सिर्फ मिर्च-मसाले वाले भोजन और एसिडिटी के कारण नहीं होती है, बल्कि ये दिल की किसी बीमारी का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। इसलिए अगर सीने में जलन होने पर आप भी एसिडिटी की दवा खाते हैं, तो लक्षणों पर एक बार फिर से गौर करें।

एसिडिटी और दिल की बीमारी

एसिडिटी और हार्ट की बीमारियां, दोनों में ही सीने में जलन की समस्या पाई जाती है। मगर दोनों में थोड़ा अंतर होता है। जैसे- हार्ट बर्न की समस्या आमतौर पर तब होती है जब आपने मिर्च-मसाले वाला भोजन किया हो, खाना खाने के बाद तुरंत सो गए हों या दिनभर में बहुत कम पानी पिया हो। मगर हार्ट अटैक या दिल के रोगों के कारण होने वाली जलन और दर्द कभी भी और किसी भी परिस्थिति में हो सकती है।

इसे भी पढ़ें:- सिर्फ हार्ट अटैक नहीं, इन 5 रोगों में भी होता है छाती में तेज दर्द

कैसे अलग है हार्ट अटैक और हार्ट बर्न का दर्द

हार्ट बर्न होने पर आमतौर पर सीने में जलन और दर्द तो महसूस होता है मगर इसके साथ ही आपको अपने फूड पाइप में भी जलन महसूस होती है। साथ ही कई बार डकार आने पर खाना बाहर आने जैसा महसूस होता है। जबकि हार्ट अटैक के कारण होने वाला दर्द कंधे, गर्दन और बांहों तक फैल जाता है। इसके साथ ही हार्ट अटैक के कारण होने वाले दर्द में आमतौर पर ठंडा पसीना आता है और चक्कर आने और सांस लेने में परेशानी की समस्या होती है।

क्यों होता है हार्ट बर्न

जब भोजन मुंह में प्रवेश करता है, तब लार भोजन में उपस्थित स्टार्च को छोटे-छोटे अणुओं में तोड़ने लगती है। इसके बाद भोजन इसोफैगस (भोजन नली) से होता हुआ पेट में जाता है, जहां पेट की अंदरूनी परत भोजन को पचाने के लिए पाचक उत्पाद बनाती है। इसमें से एक स्टमक एसिड है। कई लोगों में लोवर इसोफैगल स्फिंक्टर (एलईएस) ठीक से बंद नहीं होता और खुला रह जाता है। जिससे पेट का एसिड वापस बहकर इसोफैगस में चला जाता है। इससे छाती में दर्द और तेज जलन होती है। इसे ही जीईआरडी या एसिड रिफ्लक्स कहते हैं।

इसे भी पढ़ें:- जानें कब करवाना चाहिए आपको दिल का ईसीजी और क्यों जरूरी है ये टेस्ट

कब करें चिकित्सक से संपर्क

अगर आपको सीने में दर्द या जलन की समस्या अचानक हो या ऐसा हो कि आपने सादा भोजन किया मगर फिर भी आपको दर्द हो, तो सबसे पहले एक-दो घूंट पानी पिएं। अगर पानी से फूड पाइप की जलन कुछ समय के लिए नहीं खत्म हो रही है, तो ये चिंता की बात हो सकती है। ऐसे में एसिडिटी की दवा से आपको 430-40 मिनट में आराम नहीं मिलता है, तो बिना देरी किए चिकित्सक से संपर्क करें।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Heart Health in Hindi

Disclaimer