शरीर की मजबूती और शक्ति (Body Strength) बढ़ाने के लिए रोज करें ये 10 योगासन, एक्सपर्ट से जानें सही तरीका

>शरीर को मजबूत बनाने के साथ उसकी शक्ति बढ़ाने के लिए योग का सहारा लिया जा सकता है। एक्सपर्ट से जानें ऐसे 10 योगासन, उन्हें करने का सही तरीका। 

Satish Singh
Written by: Satish SinghPublished at: Sep 23, 2021
शरीर की मजबूती और शक्ति (Body Strength) बढ़ाने के लिए रोज करें ये 10 योगासन, एक्सपर्ट से जानें सही तरीका

जिम में लोग पसीना बहाते हैं, वजन उठाते हैं, तो उन्हें लगता है कि इससे शरीर मजबूत होगा और बॉडी को शक्ति मिलेगी। लेकिन इस मकसद को योग के जरिए भी पूरा किया जा सकता है। कई ऐसे योगासन हैं जिसके जरिए शरीर को मजबूती मिलने के साथ शक्ति बढ़ाई जा सकती है। योग करके बिना पसीना बहाए भी हम अपनी बॉडी को मजबूत बना सकते हैं और इसकी शक्ति को बढ़ा सकते हैं। योग आत्मा, मन और शरीर को मेल होता है। योग से तीनों में एकता आती है। इससे हम मेंटली और शारीरिक दोनों रूप से स्वस्थ रहते हैं। इसे करने शरीर की शक्ति बढ़ती है। शरीर लचीला बनता है। जमशेदपुर के बिरसानगर के योग प्रशिक्षक वर्तमान में सेना के जवानों को योग की ट्रेनिंग दे रहे मगल लाल शर्मा से जानेंगे 10 योगभ्यास के बारे में, जिससे हमारे शरीर को मजबूती और शक्ति मिलती है। 

योग करने के हैं कई फायदे, दिनचर्या में अपनाएं

योग से शरीर की मांसपेशियां खिंचती है। इससे शरीर सिर्फ लचीला नहीं बनता बल्की शरीर के खिंचने से शरीर की कार्य क्षमता बढ़ती है। इससे झुकने, बैठने, चलने इत्यादि में कभी परेशानी नहीं होती है। नियमित रूप से योग करने से शरीर को मजबूती और एनर्जी मिलती है। अगर आप एक दो दिन योग करें, फिर योग करना छोड़ दें और फिर कुछ दिन बाद इसे चालू करेंगे तो इसका फायदा आपके शरीर को नहीं मिलेगा। नियमित रूप से योग करने से कई रोग से भी हमारे शरीर को छुटकारा मिलता है। पाचन शक्ति मजबूत होती है। एक-एख कर जानें 10 योगासन के बारे में जिससे आप पा सकते हैं शक्ति। 

>Yoga For Energy

1. उत्तानपादासन से शरीर को मिलती है शक्ति

एक्सपर्ट बताते हैं कि इस आसन से शरीर को शक्ति मिलती है। इसके साथ पेट की चर्बी कम होती है। अगर आपका पेट निकल गया है तो इस योगाभ्यास से इसे कम कर सकते हैं। पेट निकलने के कारण हमारा शरीर सुस्त महसूस करता है। इसलिए फिट रहने के पेट का अंदर जाना काफी जरूरी है। इसलिए हमें उत्तानपादासन करना चाहिए।

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उत्तानपादासन करने की विधि

  • सबसे पहले जमीन पर लेट जाएं और पैरों के बीच दूरी रखें और इसे फैला लें
  • हाथों को शरीर के पास रखें
  • >सांस अंदर लेते हुए पैर को सीधा रखें और इसे 30 डिग्री पर उठाएं
  • अब इसी मुद्रा में सांस को धीरे-धीरे छोड़ें और सांस को धीरे-धीरे लें
  • सांस को छोड़ते हुए पैर को नीचे ले जाएं, इस दौरान शरीर को ढीला छोड़ें
  • ऐसा चार से पांच बार करें

2. कपालभाति से शरीर अंदर से होता है मजबूत

">शरीर को मजबूत और एनर्जेटिक बनाने के लिए कपालभाति योग जरूरी होती है। कपाल का मतलब होता दिमाग और भाति का अर्थ होता है स्वच्छता। कपाल भाति से हमारा मस्तिष्क साफ रहता है। इस कारण हमारे शरीर हमेशा स्वस्थ महसूस करता है। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। सांस संबंधी बीमारी इससे नहीं होती है। इससे निकला पेट अंदर चला जाता है।

Kapalbhati Prayanam

कपालिभाति करने की विधि

  • सबसे पहले पलथी मारकर बैठ जाएं, इस दौरान रीढ़ को सीधा रखना है
  • दोनों हाथों से चित्त मुद्रा बनाएं और इसे अपने दोनों घुटनों पर रखें
  • इस आसन में नाक से सांस को छोड़ना नहीं है, सांस को तेजी से फेंकना ( तेजी से छोड़ना इसे कह सकते हैं ) हैं
  • इस आसन को करते समय बहुत लोग से लोग सांस फेंकते समय छाती में झटका देते हैं, छाती में झटका नहीं देना है
  • >कपालभाति में कंधा, छाती हिलनी नहीं चाहिए, पेट बस अंदर-बाहर होगा
  • ऐसा कुछ मिनट तक लगातार करते रहें, इसे सात से 10 मिनट तक करना चाहिए

3. अनुलोम विलोम प्राणायाम से फेफड़े होते हैं मजबूत

>एक्सपर्ट बताते हैं कि अनुलोम विलोम प्राणायाम करने से फेफड़े मजबूत होते हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जिससे मौसम बदलने से आप बीमार नहीं पड़ते हैं। इससे वजन कम होता है। पाचक तंत्र मजबूत बनता है। तनाव दूर होता है। इन सारी चीजों के कारण हमारे शरीर को किसी भी कार्य को करने की शक्ति मिलती है।

Anulom Vilom

अनुलोम विलोम करने की विधि

  • सबसे पहले पलथी मारकर बैठ जाएं
  • >नाक के लेफ्ट छिद्र से सांस भरेंगे और राइट से छोड़ेंगे
  • >कुछ देर तक अंदर सांस को रखेंगे
  • अगर हम लेफ्ट छिद्र से 10 सेकेंड में सांस ले रहे हैं तो चार सेकेंड तक सांस को अंदर रखेंगे, 12 से 14 सेकेंड में सांस छोड़ेंगे
  • इस प्रकार से राइट छिद्र से भी करना है
  • अगर सिर्फ यह एक छिद्र से करेंगे तो यह पूरा एक साइकिल होगा

4. चक्रासन करने से शरीर की हड्डियां होती हैं मजबूत

>एक्सपर्ट बताते हैं कि चक्रासन करने से हडि्डयां मजबूत और लचीली बनती हैं। इस आसन को करने से शरीर को ऊर्जा मिलती है। इससे कंधा, रीढ़, कमर, पीठ में दर्द की समस्या नहीं होती है। आंखों की रोशनी भी इस आसन के करने से अच्छी होती है। इस आसन को करने से शरीर तंदुरुस्त बनता है। पीठ की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं।

आसन को करने की विधि

  • आसन को करने से पहले बॉडी वार्मअप कर लें
  • लेट जाएं और घुटने को मोड़ कर पैर के तलवे को जमीन पर रख लें
  • इस दौरान एड़िया नितंबों के नजदीक होनी चाहिए
  • दोनों हाथों को उल्टा कंधों के पीछे रखें, हाथों को ऐसे रखना है, जिससे वो कोहनी और घुटने के ऊपर हों
  • अब पेट और छाती को ऊपर की ओर उठाएं, सिर को कमर की तरफ ले जाएं
  • इस आसन को समाप्त करने के समय शरीर ढीला रखना है

5. त्रिकोणासन करने से हड्डियां और मांसपेशियां होती है मजबूत

योग प्रशिक्षक बताते हैं कि इस आसन के करने मांसपेशियां और हड्डी मजबूत होती हैं। शरीर के अंगों के मूवमेंट को यह लचीला बनाता है। पीठ का दर्द इस आसन से खत्म होता है। कंधे, घुटने शरीर के  विभिन्न जोड़ों को मजबूत बनाता है। शरीर के अकड़न को कम करता है। इससे प्रजन्न तंत्र भी मजबूत होती है।  

इस आसन को करने की विधि

  • पैर को एक साथ जोड़कर खड़ें हो जाएं
  • इसके बाद पांव के बीच में गैप बना लें
  • बाहों को कंधे तक फैला दें
  • सांस को धीरे-धीरे खींचते हुए अपने दाएं हाथ को सिर के ऊपर ले जाएं, इस दौरान बाह कान को छूएगी
  • इस दौरान घुटने को नहीं मोड़ें और अपने शरीर को बाएं ओर झुकाएं।
  • हाथों को कान से हटने नहीं दें
  • >इस मुद्रा में दायां हाथ जमीन के सामांतर और बायां हाथ बाएं पैर के सामांतर रखें
  • धीरे-घीरे सांस लें और छोड़े
  • >अब वापस पहले स्थिति में आ जाएं और दूसरी तरफ से इस क्रिया दोहराएं

6. गोमुखासन करने से रहते हैं स्वस्थ

एक्सपर्ट बताते हैं कि गोमुखासन करने शरीर स्वस्थ रहता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इससे पीठ और बांहों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। जकड़न, गर्दन, कमर दर्द इत्यादि की समस्या को दूर करती है।

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गोमुखासन करने की विधि

  • दोनों पैर को सामने की ओर फैलाकर बैठ जाएं
  • दाएं पैर को मोड़कर बाएं पैर रखें और बाएं पैर को मोड़कर दाएं पैर रखें
  • >दाएं हाथ को ऊपर ले जाएं और पीठ की तरफ मोड़ें और बाएं हाथ को नीचे से पीठ तरफ मोड़ें और बाएं हाथ से दाएं हाथ को पकड़ें
  • इस दौरान गर्दन और कमर सीधी रहनी चाहिए
  • एक मिनट तक इस स्थिति में रहने के बाद दूसरी तरफ से आसन करें

7 . गोरक्षासन करने से ब्लड सर्कुलेशन रहता है ठीक

>एक्सपर्ट बताते हैं कि इस आसन को करने ब्लड सर्कुलेशन शरीर का अच्छा रहता है। आसन को करने से मन शांत रहता है। तनाव को दूर करता है। शरीर को मजबूत बनाता है।

गोरक्षासन करने की विधि

  • सबसे पहले पलथी मारकर बैठ जाएं
  • इसके बाद एड़ी और पंजे को मिलाएं
  • सीवनी नाड़ी को पैरों की एड़ी पर रखकर बैठ जाएं
  • हाथ को घुटने के ऊपर रखकर ज्ञान की मुद्रा में बैठ जाएं
  • अब कुछ देर तक इस मुद्रा में रहें

8. भ्रामरी प्राणायाम करने से पेट की समस्या होती है दूर

योग प्रशिक्षक बताते हैं कि इस योगाभ्यास से पेट संबंधी समस्या दूर होती है। मन एकाग्र होता है। शरीर को ऊर्जा मिलती है। हार्ट के मरीजों के लिए यह आसन बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होता है।

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भ्रामरी प्राणायाम करने की विधि

  • सबसे पहले पलथी मारकर बैठ जाएं
  • >हाथों को घुटनों पर रखें, पीठ को सीधा रखें
  • >अब तर्जनी को कान में डालें
  • >अब नाक से धीरे-धीरे सांस छोड़े और ओम का उच्चारण करें
  • इस प्राणायाम को चार से पांच बार दोहराएं

9. उदाराकर्षण करने से वजन कम होता है

>एक्सपर्ट बताते हैं कि इस आसन को करने से वजन कम होता है। पेट संबंधित समस्याएं दूर होती हैं। इस आसन को करने आपके अंदर ऊर्जा आती है।

इस आसन को करने की विधि

  • काग आसन में बैठ जाएं
  • इसके बाद हाथ को घुटने पर रखें
  • पैरों में अंतर सवा फुट का रखें
  • सांस अंदर लेते हुए दाएं घुटने को बाएं पंजे के पास टिकाएं व बाएं घुटने को दाएं तरफ झुकाएं
  • अब गर्दन को बाएं ओर से पीछे की ओर घुमाएं और पीछे की ओर देखें
  • कुछ देर तक इस पुजिशन में रहें, उसके बाद सांस छोड़ते हुए फिर उसी पुजिशन में आ जाएं
  • यह एक क्रिया हुई अब इसे दूसरी तरफ से करें

10. योगमुद्रासन करने से शरीर को मजबूती मिलती है

योग प्रशिक्षक बताते हैं कि इस आसन से करने मन एकाग्र होता है। शरीर को मजबूती प्रदान के मन एकाग्र होना बहुत ही जरूरी होता है। इसलिए इस आसन को नियमित रूप से रोज करना चाहिए।

इस आसन को करने की विधि

  • सबसे पहले पलथी मारकर बैठ जाएं
  • बाएं पैर को उठाकर दाएं जांघ पर रखें, इस दौरान यह ध्यान दें कि बाएं पैर की एड़ी नाभी के नीचे हो
  • इसी तरह से दाएं पैर बाए जांघ पर रखना है
  • दोनों हाथ को पीछे की तरफ ले जाकर पकड़ लें
  • इसके बाद सांस को छोड़ते हुए सामने की ओर झुक जाएं
  • >नाक को जमीन पर लगाएं
  • यह पूरी एक क्रिया होगी, इसे दोहराएं

इन आसनों को करने के पूर्व योग प्रशिक्षक की सलाह है जरूरी

>आर्टिकल में दी जानकारी लोगों की जागरूकता के लिए हैं। इन आसन को करने से पहले योग प्रशिक्षक से सलाह लेकर इन आसन को करें। क्योंकि हर योग आसन हर शरीर के लिए अनुकूल नहीं होती है। कई लोगों को बीमारी भी हो सकती है, इसलिए बेहतर यही होगा कि योग प्रशिक्षक के निर्देशन में इन आसनों को करें ताकि आप यदि गलत कर रहे हों तो आपको सुधार दें। वहीं जो आसन आपके शरीर के लिए वर्जित हैं उन्हें करने से रोकें।

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