मोटापे को कम करने में फायदेमंद है सोया मिल्क, जानें इसके 6 फायदे और कुछ नुकसान

सोयाबीन के फायदों के बारे में तो सब जानते हैं पर वे सोया मिल्क के फायदों के बारे में नहीं जानते हैं। ऐसे में इस लेख में जानेंगे इसके फायदे और नुकसान..

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: Jan 28, 2021Updated at: Jan 28, 2021
मोटापे को कम करने में  फायदेमंद है सोया मिल्क, जानें इसके 6 फायदे और कुछ नुकसान

सोया मिल्क सेहत के लिए काफी अच्छा माना जाता है। यह चीनी, वसा, फाइबर, प्रोटीन, ऊर्जा आदि का स्रोत है। इसके अंदर लोहा, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, पोटेशियम, सोडियम, कैल्शियम आदि महत्वपूर्ण खनिज उपलब्ध है। इसके अलावा यह विभिन्न विटामिन जैसे विटामिन बी 6, विटामिन b12, विटामिन बी, विटामिन ए, विटामिन के, फोलेट आदि से भरपूर है। ऐसे में सबसे पहले ये जानना जरूरी है कि सोया मिल्क से सेहत को क्या-क्या मिल सकते हैं। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि सोयामिल्क किन तरीकों से सेहत को फायदा पहुंचा सकती है साथ ही हम जानेंगे कि अगर सोया मिल्क का सेवन अधिक मात्रा में किया जाए तो इससे शरीर को क्या साइ इफैक्टेस का सामना करना पड़ सकता है। पढ़ते हैं आगे...

सोया मिल्क से मिलने वाले फायदे (benefits of soy milk  in hindi)

1 - ओस्टियोपोरोसिस से बचाए सोया दूध (soy milk for osteoporosis)

मेनोपॉज के बाद कुछ महिलाओं को ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या देखी गई है। ऐसे में जो महिलाएं इस समस्या से ग्रस्त हैं वे सोया मिल्क का सेवन से इस समस्या को काफी हद तकत कम कर सकती हैं। बता दें कि ओस्टियोपोरोसिस मेनोपॉज के बाद महिलाओं के लिए बेहद खतरनाक होता है। कैल्शियम की कमी के कारण यह रोग बढ़ने लगता है। ऐसे में सोया मिल्क से शरीर में प्रोटीन और कैल्शियम दोनों की मात्रा बनी रहती है। ऐसे में महिलाएं डॉक्टर की सलाह पर सोयाबीन का सेवन कर सकते हैं।

2 - मोटापे को कम करने में सहायक है सोया मिल्क (soy milk for overweight)

बता दें कि पुरुषों और मेनोपॉज के बाद महिलाओं में मेटाबॉलिक मोटापा नजर आता है। इस मोटापे को कम करने के लिए सोया मिल्क का सेवन किया जा सकता है। सोया मिल्क आइसोफ्लेवोन्स के हार्मोन इफैक्ट्स एडिपोजेनेसिस को बढ़ने से रोकता है, जिसके कारण वसा, ऊतक कम विकसित होते हैं। साथ ही सोया मिल्क अधिक वजन वाले लोगों में फैट को कम करने में बेहद काम आता है। ऐसे में हम कह सकते हैं कि सोया मिल के सेवन से मोटापे का खतरा कम हो सकता है।

3 - कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक है सोया मिल्क (soy milk for lowering cholesterol)

जो लोग टाइप टू डायबिटीज समस्या से ग्रस्त होते हैं उन्हें अपनी डाइट का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। ऐसे में ऐसे लोग अपनी डाइट में सोया मिल्क को जोड़ सकते हैं। बता दें कि सोया दूध के सेवन से बेहतर रक्तचाप होता है। यही कारण होता है कि यह दिल के स्वास्थ्य को भी बेहद प्रभावित करता है। बता दें कि सोया मिल्क के अंदर सोया आइसोफ्लेवोन्स मौजूद होता है, जिसके सेवन से एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के प्रभाव को कम किया जा सकता है। इसके अलावा सोया मिल्क दिल की समस्याओं को शरीर से दूर रखता है। 

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4 - हृदय स्वास्थ्य में सुधार लाए सोया मिल्क (soy milk for good heart)

ध्यान दें कि सोया मिल्क के अंदर प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जिसके माध्यम से शरीर को ना केवल पोषण मिलता है बल्कि ये विकसित भी होता है। प्रोटीन अमीनो एसिड से बनते हैं। स्वास्थ्य के विकारों को रोकने में ये बेहद मददगार है। दिल के स्वास्थ्य में सुधार के लिए सोया मिल्क का सेवन एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। इसके ऊपर कई अध्ययन भी सामने हैं जो पुरुष बुजुर्ग हैं और वह अगर सोया मिल्क का सेवन करते हैं तो उनके अंदर सीरम कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम होते हुए देखा गया है। इसके अलावा जिन लोगों को दूध से एलर्जी है वह सोया मिल्क के माध्यम से प्रोटीन प्राप्त कर सकते हैं। बता दें कि दूध के मुकाबले सोया मिल्क में कम मात्रा में प्रोटीन होता है पर वह दूध की कमी को पूरा कर सकता है।

5 - कैंसर के खतरे को कम करें सोया मिल्क (soy milk for cancer)

प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को कम करने में सोया मिल्क एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। जो लोग अधिक मात्रा में सोया मिल्क का सेवन करते हैं उन लोगों में इस प्रकार का कैंसर कम पाया गया है। वहीं जिन महिलाओं को स्तन कैंसर है वह सोया मिल्क का सेवन कर सकती हैं। इसके सेवन से स्तन कैंसर का खतरा अधिक कम हो सकता है। साथ ही यह सीरम एस्ट्रोजन और ब्रेस्ट कैंसर के खतरा को काफी हद तक कम कर सकता है।

6 - मेनोपॉज के बाद होने वाली समस्याओं में राहत पहुंचाए सोया मिल्क (soy milk for post menopause)

मेनोपॉज के बाद कई महिलाओं को कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सोया मिल्क के माध्यम से महिलाओं में एस्ट्रोजन का स्तर बना रहता है। बता दें कि सोया मिल्क के सेवन से हार्मोन की प्राकृतिक हानि कम होती है। यानि जिन लोगों में हार्मोन का स्तर गिरने लगता है वे सोया दूध के सेवन से इस स्तर को गिरने से रोक सकते हैं।  इसके अलावा पोस्टमेनोपजल महिलाओं में कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम की समस्या देखी जाती है, जिससे सोया मिल्क रोकने में बेहद मददगार है। ऐसे में हम कह सकते हैं कि सोया मिल्क पोस्टमेनोपॉजल महिलाओं के लिए बेहद अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। 

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सोया मिल्क से शरीर को होने वाले नुकसान (side effects of soy milk in Hindi)

हम सब जानते हैं कि किसी भी चीज के अत्यधिक सेवन से शरीर को फायदे की बजाय नुकसान पहुंच सकता है। ऐसा ही कुछ सोयामिल्क के साथ है। जानते हैं सोया मिल्क से शरीर को कौन से नुकसानों का सामना करना पड़ सकता है-

1 -  बता दें कि सोया मिल्क के अंदर एलुमिनियम पाया जाता है जो किडनी के स्वास्थ्य और नर्वस सिस्टम पर बुरा प्रभाव डालता है। इसी के कारण अल्जाइमर से खतरा होने की संभावना बढ़ जाती है।

2 - जिन लोगों को सोया से एलर्जी है वह सोया मिल्क से भी दूर रहें। नहीं तो अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

3 - सोया मिल्क के अधिक सेवन से पुरुषों की फर्टिलिटी कम हो सकती है। ऐसे में इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।

4 - जिन लोगों  को सोया मिल्क के सेवन के बाद से शरीर में नकारात्मक बदलाव देखने को मिलें वे इसके सेवन को तुरंत रोक दें। 

नोट - वैसे तो सोया मिल्क के सकारात्मक तथ्यों का वर्णन ऊपर कर दिया गया है। लेकिन ध्यान दें कि हर शरीर की तासीर अलग होती है। ऐसे में जो लोग अपनी डाइट में सोया मिल्क को जोड़ेंगे वे एक बार एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। इसके अलावा जो लोग किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं या जो किसी एक्सपर्ट की सलाह पर विशेष डाइट को फोलो कर रहे हैं वे सोया मिल्क के सेवन से पहले एक बार एक्सपर्ट से संपर्क करें। वरना इससे मिलने वाले फायदे शरीर को नुकसान कर सकते हैं। जिन लोगों को दूध से एलर्जी है वे सोया मिल्क के सेवन से दूध की कमी को पूरा कर सकते हैं औक प्रोटीन की कमी को पूरा कर सकते हैं। 

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