Fri Sep 11, 2026 | 09:08 PM IST

Medically Reviewed by Dr Tanima Singhal , Pregnancy Educator & Lactation Consultant

क्‍या IVF डिलीवरी के बाद शिशु को स्‍तनपान कराना सुरक्ष‍ित होता है? एक्‍सपर्ट से जानें ऐसे 5 सवालों के जवाब

Breastfeeding and IVF: आईवीएफ ट्रीटमेंट के बाद स्‍तनपान को लेकर मह‍िलाओं के मन में कई तरह के सवाल होते हैं। चल‍िए एक्‍सपर्ट से जानते हैं इनके जवाब।

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Breastfeeding and IVF: आईवीएफ एक फर्ट‍िल‍िटी ट्रीटमेंट है। जो कपल्‍स श‍िशु को जन्‍म देने में असमर्थ होते हैं, उनका उपचार करके दंपत‍ियों को संतान का सुख म‍िलता है। आईवीएफ के साथ कई मह‍िलाएं अपनी पहली प्रेग्नेंसी प्‍लान करती हैं, तो कई दूसरी। दोनों ही मामलों में मह‍िलाएं इस बात को लेकर च‍िंत‍ित रहती हैं क‍ि वह आईवीएफ ट्रीटमेंट के बाद अपने बच्‍चे को स्‍तनपान करा  पाएंगी या नहीं। आईवीएफ चक्र में मह‍िलाएं शारीर‍िक और मानस‍िक बदलाव से गुजरती हैं। ऐसे में यह ज‍िज्ञासा स्‍वाभाव‍िक है क‍ि आईवीएफ तकनीक का असर स्‍तनपान पर पड़ता है या नहीं। ऐसे ही कई और सवाल कपल्‍स के मन में होते हैं जो स्‍तनपान और आईवीएफ ट्रीटमेंट से संबंध‍ित हैं।      

इस बात को ध्‍यान में रखते हुए ओनलीमायहेल्‍थ ने एक मुहि‍म शुरू की है ज‍िसका नाम है- #KhushkhabriWithIVF दुन‍ियाभर में आईवीएफ के बारे में लोगों को जागरूक करने के ल‍िए 25 जुलाई को वर्ल्ड आईवीएफ डे (World IVF Day 2023) मनाया जाता है। इसी कड़ी में हम आप तक आईवीएफ से जुड़ी जानकारी और आपके सवालों पर अपने एक्‍सपर्ट से बातचीत करेंगे। तो चल‍िए जानते हैं आईवीएफ और ब्रेस्‍टफीड‍िंग से जुड़े सवालों के जवाब। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr Tanima Singhal, Lactation Expert, Ma-Si Care Clinic, Lucknow से बात की।

breastfeeding and IVF

1. क्‍या आईवीएफ के बाद श‍िशु को स्‍तनपान करना ठीक है?- Can I Breastfeed After Undergoing IVF

हां, आईवीएफ ट्रीटमेंट के बाद आप श‍िशु को स्‍तनपान करा सकती हैं। आईवीएफ की प्रक्र‍िया स्‍तनपान करने की क्षमता पर सीधा असर नहीं डालती। हालांक‍ि आपके मन में क‍िसी तरह का सवाल है, तो डॉक्‍टर से बात करें। स्‍तनपान के दौरान तनाव से बचें। जो मांएं आईवीएफ ट्रीटमेंट के दौरान ज्‍यादा च‍िंत‍ित रहती हैं, उन्‍हें श‍िशु को स्‍तनपान कराने में परेशानी हो सकती है।

2. क्या IVF ट्रीटमेंट के दौरान स्तनपान करना सुरक्षित है?- Is It Safe To Breastfeed While Undergoing IVF

जो मह‍िलाएं आईवीएफ के जर‍िए दूसरी प्रेग्नेंसी प्‍लान करती हैं, उनके मन में यह सवाल आता है क‍ि आईवीएफ ट्रीटमेंट के दौरान क्‍या वह अपने श‍िशु को स्‍तनपान करा सकती हैं। इसका जवाब है हां यह मुमक‍िन भी है और सुरक्ष‍ित भी। आईवीएफ ट्रीटमेंट के दौरान जो दवाएं, इंजेक्‍शन या जांच होती है उसका असर स्‍तनपान पर नहीं होता। आपका बच्‍चा ब्रेस्‍टफीड‍िंग की स्‍टेज में है, तो आईवीएफ कराने से पहले ट्रीटमेंट की पूरी जानकारी हास‍िल करें।

3. क्‍या आईवीएफ से दूध की आपूर्ति‍ पर असर पड़ता है?- Does IVF Affect Milk Supply

breastfeeding in hindi

आईवीएफ सीधे तौर पर दूध की आपूर्त‍ि पर सीधा प्रभाव नहीं डालता। प्राथम‍िक रूप से दूध की आपूर्त‍ि,  श‍िशु के स्‍तनपान की जरूरत से प्रभाव‍ित होती है। आईवीएफ ट्रीटमेंट के बाद दूध की आपूर्ति‍ ठीक ढंग से हो सके, इसके ल‍िए श‍िशु को न‍ियम‍ित रूप से स्‍तनपान कराएं। साथ ही हेल्‍दी म‍िल्‍क सप्‍लाई को बनाए रखने के ल‍िए हेल्‍दी डाइट का भी सेवन करें।    

4. क्‍या आईवीएफ की दवाओं का असर स्‍तनपान पर होता है?- Can IVF Medications Affect Breastfeeding

आईवीएफ ट्रीटमेंट के दौरान मह‍िलाओं को कुछ फर्टिलिटी दवाएं दी जाती हैं। इन दवाओं का असर स्‍तनपान पर नहीं होता। हालांक‍ि कुछ दवाओं का व्‍यक्‍त‍िगत मामलों में असर देखा जा सकता है। आईवीएफ के बाद श‍िशु को स्‍तनपान कराने से पहले लैक्‍टेशन एक्‍सपर्ट से म‍िलकर सलाह लें।  

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5. क्‍या हार्मोन्‍स स्‍तनपान की प्रक्र‍िया पर असर डालते हैं?- Does Hormones in IVF Affect Breastfeeding

हां आईवीएफ ट्रीटमेंट के दौरान हार्मोन्‍स, ब्रेस्‍टम‍िल्‍क को प्रभाव‍ित कर सकते हैं। लेक‍िन इसकी मात्रा बहुत कम होती है। इससे श‍िशु की सेहत प्रभाव‍ित नहीं होती। अगर आपको पीसीओडी या कोई अन्‍य ऐसी समस्‍या है, तो डॉक्‍टर से सलाह लेकर ही श‍िशु को स्‍तनपान कराएं।

उम्‍मीद करते हैं आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। इस लेख को ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों तक शेयर करें। आईवीएफ से संबंध‍ित अन्‍य जानकारी के ल‍िए पढ़ें ओनलीमायहेल्‍थ का आईवीएफ सेक्‍शन। 

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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  • Current Version

    Jul 24, 2023 21:03 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jul 25, 2023 13:30 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Tanima Singhal

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