Fri Oct 9, 2026 | 01:55 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

क्‍या कैनोला ऑयल वाकई सेहतमंद है? एक्‍सपर्ट से जानें

कैनोला तेल में सैचुरेटेड फैट की मात्रा कम होती है इसल‍िए लोग इसका ज्‍यादा मात्रा में सेवन करने लगते हैं, लेक‍िन क्‍या यह वाकई सेहतमंद है? क्‍या इसे डेली डाइट में शाम‍िल क‍िया जाना चाह‍िए? 
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कैनोला तेल (Canola Oil) को रेपसीड तेल (Rapeseed oil) भी कहा जाता है। कैनोला पौधे के बीजों से यह तेल न‍िकाला जाता है। कैनोला तेल का इस्‍तेमाल फ्राई और बेक‍िंग दोनों में क‍िया जा सकता है इसल‍िए लोग इसका इस्‍तेमाल ज्‍यादा इस्‍तेमाल करना पसंद करते हैं। यह अन्‍य तेलों के मुकाबले सस्‍ता भी म‍िल जाता है इसल‍िए भी लोग इसे कुक‍िंग में ज्‍यादा यूज करते हैं, लेक‍िन यह सेहत के ल‍िए क्‍या वाकई हेल्‍दी होता है? इसका रोज सेवन करना सेहत के ल‍िए सुरक्ष‍ित है? कैनोला ऑयल सेहत के ल‍िए सेहतमंद है या नहीं, यह जानने के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

क्‍या रोज कुक‍िंग में कैनोला ऑयल का इस्‍तेमाल सुरक्षि‍त है?

रोजाना कैनोला ऑयल का इस्‍तेमाल क‍ुक‍िंग में नहीं करना चाह‍िए क्‍योंक‍ि इसमें ओमेगा 6 की मात्रा ज्‍यादा होती है, लंबे समय तक हाई ओमेगा लेने से सूजन हो सकती है। ओमेगा का ज्‍यादा सेवन करने से मेटाबॉल‍िज्‍म पर भी बुरा असर पड़ता है। लंबे टाइम तक हार्ट के ल‍िए भी इसका सेवन सेहतमंद नहीं माना गया है क्‍योंक‍ि जरूरत से ज्‍यादा ओमेगा हार्ट पर खराब असर द‍िखाने लगता है।साथ ही यह तेल ज्‍यादा प्रोसेस करके बनाया जाता है इसल‍िए इसमें न्‍यूट्र‍िएंट्स की मात्रा कम होती है।

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सेहत के ल‍िए क‍ितना हेल्‍दी है कैनोला ऑयल?

कैनोला ऑयल में सैचुरेटेड फैट कम होता है और अनसैचुरेटेड फैट ज्‍यादा होता है इसल‍िए यह हार्ट की सेहत के ल‍िए अच्‍छा माना जाता है, लेक‍िन इसका रोज सेवन नहीं क‍िया जाना चाह‍िए क्‍योंक‍ि यह एक र‍िफाइंड ऑयल है। 2018 में Open Heart नामक एक जर्नल में प्रकाश‍ित स्‍टडी के मुताब‍िक, कैनोला ऑयल का ज्‍यादा सेवन करने से ओमेगा 3 या 6 का असंतुल‍न हो जाता है। स्‍टडी में यह भी बताया गया है क‍ि यह र‍िफाइंड ऑयल है इसल‍िए प्रोसेसि‍ंग के कारण इसके नेचुरल कंपाउंड्स कम हो जाते हैं।

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कैनोला ऑयल के साइड इफेक्‍ट्स

  • कैनोला ऑयल एक र‍िफाइंड ऑयल है और इसमें एंटीऑक्‍सीडेंट्स जैसे न्‍यूट्र‍िएंट्स की मात्रा कम होती है।
  • कैनोला ऑयल का ज्‍यादा सेवन करने से ओमेगा 6 की मात्रा शरीर में बढ़ सकती है और संतुलन ब‍िगड़ सकता है।
  • इस तेल को बार-बार गर्म करने से इसमें मौजूद फैटी एस‍िड्स टूटने लगते हैं और ऑक्‍सीडेशन बढ़ जाता है।

न‍िष्‍कर्ष:

कैनोला ऑयल एक प्रकार का र‍िफाइंड ऑयल है। रोजाना इसका सेवन नहीं करना चाह‍िए क्‍योंक‍ि प्रोसेस‍िंग के कारण इसके न्‍यूट्र‍िएंट्स कम हो जाते हैं। कैनोला ऑयल के सेवन से शरीर में फैट एस‍िड्स का असंतुलन हो सकता है क्‍योंक‍ि इसमें फैटी एस‍िड्स की मात्रा ज्‍यादा होती है खासकर ओमेगा 6।

FAQ

  • कैनोला ऑयल को कैसे न‍िकाला जाता है?

    कैनोला पौधे के बीजों को साफ करके सुखाया जाता है और फ‍िर इसका तेल न‍िकाला जाता है। तेल को साफ करके उसे पैक क‍िया जाता है। 
  • कैनोला ऑयल का इस्‍तेमाल क‍िसमें क‍िया जाता है?

    इसे सब्‍जी बनाने या कुछ तलने में इस्‍तेमाल क‍िया जाता है। प्रोसेस्‍ड फूड्स जैसे च‍िप्‍स, पैकेज्‍ड फूड्स वगैरह में इसका इस्‍तेमाल ज्‍यादा क‍िया जाता है। 

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Yashaswi Mathur

Health Journalist

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े।

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    Apr 27, 2026 18:26 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Apr 27, 2026 18:26 IST

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