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शिशुओं में किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारी है हाइड्रोनेफ्रोसिस, डॉक्टर से जानें इसके लक्षण, कारण इलाज

हाइड्रोनेफ्रोसिस किडनी और रीनल सिस्टम से जुड़ी एक गंभीर समस्या है, जानें बच्चों में हाइड्रोनेफ्रोसिस के लक्षण, कारण और इलाज।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: May 16, 2022Updated at: May 16, 2022
शिशुओं में किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारी है हाइड्रोनेफ्रोसिस, डॉक्टर से जानें इसके लक्षण, कारण इलाज

हाइड्रोनेफ्रोसिस (Hydronephrosis in Hindi) शिशुओं या बच्चों में होने वाली एक गंभीर और दुर्लभ समस्या है। यह किडनी से जुड़ी एक गंभीर स्थिति है और किसी को भी प्रभावित कर सकती है लेकिन सबसे ज्यादा यह समस्या शिशुओं या बच्चों में देखने को मिलती है। हाइड्रोनेफ्रोसिस की समस्या में बच्चों को पेशाब के दौरान गंभीर दर्द और पेशाब करने से जुड़ी समस्याएं होती हैं। दरअसल किडनी हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है जो शरीर में भोजन के माध्यम से जाने वाले विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने का काम करता है। हाइड्रोनेफ्रोसिस की समस्या होने पर किडनी के काम में दिक्कतें आती हैं और इसकी वजह से या मरीजों को पेशाब से जुड़ी समस्याएं होती हैं। इसकी वजह से मरीज की दोनों या एक किडनी गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है और किडनी में सूजन आ सकती है। आइये विस्तार से जानते हैं किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारी हाइड्रोनेफ्रोसिस के कारण, लक्षण और इलाज के बारे में।

क्या है हाइड्रोनेफ्रोसिस की समस्या? (What is Hydronephrosis in Hindi)

दरअसल हाइड्रोनेफ्रोसिस कोई बीमारी नहीं बल्कि एक समस्या है जिसके कारण किडनी में सूजन आ जाती है। किडनी में सूजन आने की वजह से पेशाब करने में दिक्कतें होती हैं। मेरठ मेडिकल कॉलेज के किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ अरविंद के मुताबिक जब पेशाब किडनी से बाहर नहीं निकल पाता है तो इसकी वजह से पेशाब वापस किडनी की तरफ चला जाता है। इसकी वजह से किडनी में सूजन के अलावा कई अन्य दिक्कतें भी होती हैं। यह समस्या ज्यादातर बच्चों में जन्मजात ही देखी जाती है। कुछ बच्चों में यह समस्या गर्भवस्था के दौरान मां के पेट में रहते समय ही हो जाती है। हालांकि यह समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है। हाइड्रोनेफ्रोसिस को प्राइमरी डिजीज नहीं माना जाता है यह कई अन्य स्वास्थ्य से जुड़ी स्थितियों के कारण हो सकती है। एक आंकड़े के मुताबिक लगभग 100 बच्चों में से 1 बच्चा इस बीमारी से पीड़ित होता है। जन्म से पहले इस बीमारी का पता चलने पर प्रसव से पहले ही इसका इलाज किया जा सकता है। बच्चों में जन्म के बाद यह समस्या होती है तो उसे बाइलेटरल हाइड्रोनेफ्रोसिस के नाम से भी जाना जाता है।

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शिशुओं में हाइड्रोनेफ्रोसिस के लक्षण (Hydronephrosis Symptoms in Children's in Hindi)

हाइड्रोनेफ्रोसिस की समस्या में मरीजों में सबसे ज्यादा किडनी में सूजन की समस्या देखने को मिलती है। इसकी वजह से पेशाब करने में गंभीर समस्या होती है। किडनी में पेशाब के जमा रहने के कारण सूजन बढ़ने लगती है और सही समय पर इसका इलाज नहीं होने पर यह समस्या किडनी को पूरी तरह से प्रभावित कर सकती है। शिशुओं में हाइड्रोनेफ्रोसिस की समस्या में दिखने वाले कुछ प्रमुख लक्षण इस प्रकार से हैं।

  • पेशाब करते समय गंभीर दर्द।
  • बार-बार पेशाब आना।
  • पेट के निचले हिस्से में गंभीर दर्द।
  • मतली और उल्टी की समस्या।
  • पीठ में दर्द।
  • तेज बुखार।
  • झागदार पेशाब आना।

हाइड्रोनेफ्रोसिस की समस्या के कारण (Hydronephrosis Causes in Hindi)

बच्चों में हाइड्रोनेफ्रोसिस की समस्या कई कारणों से हो सकती है। चूंकि हाइड्रोनेफ्रोसिस एक प्राइमरी डिजीज नहीं है यह अन्य बीमारियों के कारण होने वाली एक गंभीर समस्या है। ज्यादातर बच्चों में हाइड्रोनेफ्रोसिस की समस्या जन्मजात होती है। हाइड्रोनेफ्रोसिस की समस्या के प्रमुख कारण इस प्रकार से हैं।

  • किडनी स्टोन की समस्या के कारण।
  • ट्यूमर या सिस्ट के कारण।
  • ब्लड क्लॉटिंग और स्कार टिश्यूज के कारण।
  • यूरेटर में ब्लॉकेज होने के कारण।
  • प्रोस्टेट ग्लैंड बढ़ने के कारण।
  • चोट, सर्जरी और जन्मजात समस्याओं के कारण।
  • नर्वस सिस्टम और मसल्स से जुड़ी समस्या के कारण।
  • प्रेगनेंसी के दौरान गर्भाशय के बढ़ने के कारण।

हाइड्रोनेफ्रोसिस का इलाज (Hydronephrosis Treatement in Hindi)

हाइड्रोनेफ्रोसिस की समस्या में सबसे पहले डॉक्टर इसकी जांच करते हैं। शिशुओं में जन्म से पहले इस समस्या के लिए अल्ट्रासाउंड टेस्ट का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा डिलीवरी के बाद इसकी टेस्टिंग रीनल अल्ट्रासाउंड, रीनल स्कैन और वॉइडिंग सिस्टॉरेथ्रोग्राम (वीसीयूजी) जैसी जांच के माध्यम से की जाती है। इसके बाद मरीज में समस्या की स्थिति का पता चलने पर डॉक्टर इलाज शुरू करते हैं। हाइड्रोनेफ्रोसिस की समस्या का इलाज मरीज की स्थिति के हिसाब से अलग-अलग होता है। इस समस्या में डॉक्टर मरीज को दवाओं के सेवन की सलाह देते हैं और गंभीर मामलों में सर्जरी का इस्तेमाल किया जाता है। 

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सही समय पर हाइड्रोनेफ्रोसिस का इलाज न होने पर मरीज की किडनी पूरी तरह से खराब हो सकती है। शरीर में किडनी का बहुत प्रमुख स्थान होता है इसलिए सही समय पर अगर आप हाइड्रोनेफ्रोसिस के लक्षणों को पहचानकर इसका इलाज नहीं कराते हैं तो कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। 

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