एस‍िड‍िटी होने पर इन 5 तरीकों से इस्‍तेमाल करें तुलसी, जल्‍द म‍िलेगा आराम

ए‍स‍िड‍िटी होने पर तुलसी का इस्‍तेमाल फायदेमंद माना जाता है। तुलसी आसानी से घरों में म‍िल जाती है, जानें कैसे करना है इस्‍तेमाल

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: Jun 27, 2022Updated at: Jun 27, 2022
एस‍िड‍िटी होने पर इन 5 तरीकों से इस्‍तेमाल करें तुलसी, जल्‍द म‍िलेगा आराम

ज्‍यादातर घरों में तुलसी का पौधा आपको आसानी से म‍िल जाएगा। तुलसी का इस्‍तेमाल कई शारीर‍िक रोगों को दूर करने के ल‍िए क‍िया जाता है ज‍िनमें से एक है एस‍िड‍िटी। एस‍िड‍िटी को कम करने में तुलसी का सेवन फायदेमंद माना जाता है (Acidity Treatment with Tulsi)। तुलसी का सेवन करने से शरीर के टॉक्‍सि‍न्‍स को बाहर न‍िकालने में मदद म‍िलती है। पेट के इंजाइम्‍स सक्र‍िय होते हैं और एस‍िड‍िटी से राहत म‍िलती है। अपच होने पर भी आप तुलसी का सेवन कर सकते हैं। ज‍िन लोगों को पेट में मरोड़ या डायर‍िया होता है उनके ल‍िए भी तुलसी लाभदायक मानी जाती है। एस‍िड‍िटी के कारण खट्टी डकार, पेट में दर्द आदि‍ लक्षणों से छुटकारा पाने के ल‍िए आप तुलसी को कई तरीकों से इस्‍तेमाल कर सकते हैं। इन तरीकों के बारे में हम आगे जानेंगे।   

tulsi leaves   

1. तुलसी के पत्ते (Tulsi Leaves)

एस‍िडि‍टी होने पर आप तुलसी के पत्ते का सेवन कर सकते हैं। तुलसी के 4 से 5 पत्ते आप चबाएं और पानी पी लें। तुलसी के पत्तों को आप चबा-चबाकर खाएं। एस‍िड‍िटी की समस्‍या होने पर तुलसी के पत्ते का सेवन सुबह खाली पेट करेंगे तो ज्‍यादा फायदेमंद होगा। 

2. तुलसी काढ़ा (Tulsi Kadha)

एस‍िड‍िट की समस्‍या को दूर करने के ल‍िए आप तुलसी से तैयार होने वाले काढ़े का सेवन कर सकते हैं। तुलसी का काढ़ा पेट के ल‍िए फायदेमंद माना जाता है। डायर‍िया या बुखार में भी तुलसी का काढ़ा प‍िया जाता है। तुलसी का काढ़ा बनाने के ल‍िए अजवाइन, लौंग और तुलसी के पत्‍ते को पीसकर गरम पानी में डालें और उसे उबलने दें। फ‍िर गाढ़ा होने पर म‍िश्रण को छानकर प‍िएं।    

3. तुलसी चूर्ण (Tulsi Churna)

कई लोग तुलसी चूर्ण का सेवन करते हैं, इससे भी एस‍िड‍िटी की समस्‍या दूर होती है। आप 1 से 3 ग्राम तुलसी के चूर्ण का सेवन कर सकते हैं। तुलसी के बीज और सूखे पत्ते के साथ अजवाइन और सौंफ, लौंग को मि‍लाकर चूर्ण तैयार क‍िया जाता है। अगर आपको कोई गंभीर रोग है तो आप डॉक्‍टर की सलाह पर इसका सेवन करें। आपको फ्रेश चूर्ण का सेवन करने से कोई बड़ा साइडइफेक्‍ट देखने को नहीं म‍िलेगा।

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4. तुलसी का पानी (Tulsi Water)

एस‍िड‍िटी होने पर आप तुलसी के पानी का सेवन कर सकते हैं। कई लोगों को तुलसी के पत्ते चबाने में कड़वा लगता है, इसल‍िए आप पानी के साथ तुलसी का सेवन कर सकते हैं। तुलसी के पत्तों को आप पानी में उबाल लें फ‍िर पानी को छानकर घूंट लेते हुए खत्‍म करें। इस उपाय से एस‍िड‍िटी की समस्‍या दूर होगी, ल‍िक्‍व‍िड फॉर्म के जर‍िए तुलसी एस‍िड‍िटी को दूर करने में जल्‍दी असर करेगी।  

5. सौंफ और तुलसी का पानी (Saunf and Tulsi Tea)

ज‍िन लोगों को एस‍िडि‍टी की समस्‍या होती है उन्‍हें पेट में जलन, खट्टी डकारें, कब्‍ज, अपच जैसे लक्षण नजर आते हैं। इन लक्षणों को दूर करने के ल‍िए आप तुलसी की चाय का सेवन कर सकते हैं। एस‍िड‍िटी की समस्‍या को दूर करने के ल‍िए सौंफ और तुलसी से बनने वाली चाय फायदेमंद मानी जाती है। गट हेल्‍थ के ल‍िए सौंफ और तुलसी का सेवन फायदेमंद माना जाता है। आप एक कप पानी में सौंफ और तुलसी के पत्‍ते डालकर उबालें फ‍िर उसमें नींबू रस की दो से तीन बूंदें म‍िलाकर छानकर प‍िएं।  

एस‍िडि‍टी से बचने के ल‍िए क्‍या करें? (How To Prevent Acidity)

ऊपर आपको हमने एस‍िड‍िटी की समस्‍या को दूर करने के ल‍िए तुलसी को इस्‍तेमाल करने के 5 तरीके बताए। अगर आप एस‍िड‍िटी की समस्‍या से बचाव चाहते हैं तो न‍िम्‍न बातों का ख्‍याल रखें-

  • खाने और सोने के वक्‍त में आप 4 से 5 घंटे का गैप करें।
  • बॉडी को हाइड्रेट रखें, पर्याप्‍त मात्रा में पानी का सेवन करें।
  • अपनी डाइट में फाइबर र‍िच फूड्स को शामि‍ल करें।
  • आप ज्‍यादा ऑयली या मसालेदार भोजन का सेवन न करें।         

पहली बार तुलसी का सेवन कर रहे हैं तो अपने डॉक्‍टर से सलाह जरूर लें।

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