भारत में बर्ड फ्लू से हुई पहली इंसानी मौत, जानें कितनी संक्रामक और खतरनाक है ये बीमारी और इससे बचाव के टिप्स

दिल्ली के एम्स अस्पताल में बर्ड फ्लू से संक्रमित एक मरीज के मौत हो गयी जिसे बर्ड फ्लू से पहली इंसानी मौत माना जा रहा है।

 
Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Jul 22, 2021Updated at: Jul 22, 2021
भारत में बर्ड फ्लू से हुई पहली इंसानी मौत, जानें कितनी संक्रामक और खतरनाक है ये बीमारी और इससे बचाव के टिप्स

भारत और पूरी दुनिया में कोरोनावायरस महामारी का कहर लगातार जारी है। लेकिन कोरोना के संक्रमण और तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच भारत में बर्ड फ्लू का खतरा भी मंडरा रहा है। नई दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल में बर्ड फ्लू से संक्रमित एक 11 साल के लादे की मौत के बाद देश भर के डॉक्टर्स और वैज्ञानिक चिंता में हैं। जानकारी के मुताबिक दिल्ली के एम्स अस्पताल में बर्ड फ्लू से संक्रमित 11 वर्षीय मरीज की मौत हो गयी है। इसे इस साल बर्ड फ्लू से होने वाली पहली मौत माना जा रहा है। यह इंसानों में बर्ड फ्लू की वजह से पहली मौत है। इसके बाद पूरे देश में बर्ड फ्लू को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। बर्ड फ्लू के कारण हुई मौत के बाद लोगों में इसके संक्रमण को लेकर चिंता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बर्ड फ्लू एक इंसान से दूसरे इंसान में फैल सकता है? क्या बर्ड फ्लू का संक्रमण भी कोरोना की तरह घातक हो सकता है? इन सब सवालों के जवाब जानने के लिए हमने संपर्क किया दिल्ली के एम्स अस्पताल में बतौर एसोसिएट प्रोफेसर काम कर रहे डॉ. नीरज निश्चल से, आइये डॉक्टर नीरज से जानते हैं बर्ड ब्लू के खतरे और इससे बचाव के बारे में।

बर्ड फ्लू से हुई पहली इंसानी मौत (First Human Death from Bird Flu)

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दिल्ली के एम्स अस्पताल में बर्ड फ्लू से संक्रमित मरीज की मौत हो गयी है। इसे बर्ड फ्लू से संक्रमित पहली इंसानी मौत माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक जून महीने के अंत में इस मरीज को बाल रोग विभाग में इलाज के लिए भर्ती किया गया था। डॉक्टर्स को शुरुआत में इसके लक्षण दिखने पर कोरोना संक्रमण का संदेह हुआ लेकिन जांच में रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद उसका दूसरा परीक्षण भी किया गया। कई तरह की जांच के बाद जब बच्चे में ल्यूकेमिया और निमोनिया के लक्षण देखे गए तो पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी को इसका सैंपल भेजा गया। जिसके बाद मरीज में बर्ड फ्लू के संक्रमण की पुष्टि हुई। 20 जुलाई को बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गयी। 

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कितना खतरनाक हो सकता है बर्ड फ्लू का संक्रमण? (How Dangerous is Bird Flu for Human?)

बर्ड फ्लू सामान्य तौर पर पक्षियों में होने वाली एक दुर्लभ बीमारी है जिसकी वजह से इसका संक्रमण इंसानों में भी होता है। बर्ड फ्लू यानि  H5N1 एवियन इन्फ्लुएंजा (बर्ड फ्लू) का इंसानों में ट्रांसमिशन दुर्लभ होता है लेकिन बर्ड फ्लू से संक्रमित पक्षियों के मांस का सेवन करने से यह बीमारी इंसानों में होती है। हालांकि इस बीमारी का एक इंसान से दूसरे इंसान में होने का कोई साक्ष्य अभी तक नहीं मिला है। डॉ निश्चल के मुताबिक, एम्स दिल्ली में मरीज की मौत के बाद सीरो सर्वे भी किया गया था जिसमें बिना लक्षण वाले कोई भी मामले नहीं पाए गए हैं और साथ ही हॉस्पिटल के किसी भी कर्मचारी को यह संक्रमण नहीं है। मुख्य रूप से यह वायरस प्रवासी पक्षियों में पाया जाता है जिनकी वजह से इसका संक्रमण चिकन में फैल जाता है। इस वजह से पोल्ट्री फार्म में काम करने वाले लोगों को इसके संक्रमण का अधिक खतरा होता है। हालांकि एम्स दिल्ली में मरीज की मौत के बाद इसे लेकर और अध्ययन किये जा रहे हैं।

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एवियन इन्फ्लुएंजा क्या है? (What is Avian Influenza?)

एवियन इन्फ्लुएंजा एक प्रकार का वायरस है जो मुख्यतः पक्षियों में पाया जाता है। इस वायरस से इंसान भी संक्रमित हो सकता है। एवियन इन्फ्लुएंजा मुख्य रूप से प्रवासी पक्षियों में पाया जाता है और ये पक्षी जब एक देश से दूसरे देश में प्रवास करते हैं तो यह संक्रमण भी फैल जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, H5N1 एवियन इन्फ्लुएंजा (बर्ड फ्लू) का संक्रमण इंसानों में होता है लेकिन इससे संक्रमित होने पर मृत्यु दर काफी कम होती है।

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बर्ड फ्लू के लक्षण (Bird Flu Symptoms)

पक्षियों में पाया जाने वाला संक्रमण बर्ड फ्लू इंसानों में भी फैलता है। हालांकि इंसानों में इसके मामले बहुत कम होते हैं और अभी तक एक इंसान से दूसरे इंसान में इस संक्रमण के फैलने का कोई ठोस साक्ष्य भी नहीं मिल पाया है। इंसानों में यह संक्रमण तीन दिन से लेकर 10 दिन तक हो सकता है। बर्ड फ्लू से संक्रमित होने के बाद व्यक्ति में मुख्यतः ये लक्षण देखे जा सकते हैं।

कैसे करें बर्ड फ्लू से बचाव? (How to Prevent Bird Flu?)

बर्ड फ्लू के संक्रमण से बचाव के लिए साफ-सफाई और जरूरी सावधानियों का पालन करना बहुत जरूरी होता है। चूंकि यह वायरस पक्षियों से इंसानों में तेजी से फैलता है इसलिए इससे बचाव के लिए पक्षियों से दूरी बनाये रखना बेहतर होगा। आप बर्ड फ्लू के संक्रमण से बचने के लिए इन बातों पर अमल कर सकते हैं।

  • नियमित रूप से अपने हाथों को साफ करें।
  • खुली हवा में या फिर किसी मार्केट में पक्षियों और चिकन के संपर्क में आने से बचें।
  • अधपका मांस का सेवन न करें।
  • अंडे का भी सेवन अच्छी तरह से उबालने के बाद ही करें।
  • पक्षियों को दाना खिलाते समय दूर से ही उन्हें दाना दें।
  • हाथों से पक्षियों की जगह या उन्हें छूने से बचें।
  • मास्क का इस्तेमाल करें।
  • पोल्ट्री फार्म में काम करने वाले व्यक्तियों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए।
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दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल में बर्ड फ्लू से संक्रमित 11 साल के बच्चे की मौत के बाद इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। बर्ड फ्लू को लेकर राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) ने जांच शुरू की है। देश भर में बर्ड फ्लू के संक्रमण और कांटेक्ट ट्रेसिंग का काम भी किया जा रहा है। हालांकि बर्ड फ्लू एक दुर्लभ बीमारी है लेकिन इससे बचाव और जरूरी सावधानियों का पालन ही संक्रमण से बचा सकता है। 

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