कोविड पॉजिटिव माता-पिता कैसे संभालें घर में मौजूद बच्चों को? जानें एक्सपर्ट की राय

कोरोना पॉजिटिव माता-पिता के लिए बच्चों को संभाला आसान नहीं होता है। ऐसे में ये टिप्स आपकी कुछ मदद कर सकते हैं। 

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Apr 19, 2021Updated at: Apr 19, 2021
कोविड पॉजिटिव माता-पिता कैसे संभालें घर में मौजूद बच्चों को? जानें एक्सपर्ट की राय

देश भर में बढ़ रहे COVID-19 मामलों के साथ,  बच्चे, बूढ़े और आम इंसान हर कोई इसका शिकार हो रहा है। पर सबसे ज्यादा चिंताजनक स्थिति बच्चों के लिए हो रही है क्योंकि उनका शरीर कोरोना से लड़ने के लिए इतना मजबूत नहीं है। वहीं, एक और परेशानी तब और बढ़ जाती है जब घर में छोटे-छोटे बच्चे हों और माता-पिता कोरोना पॉजिटिव (Corona Positive Parents) हो जाएं। इस स्थिति को लेकर अब कई माता-पिता बुरी तरह से चिंतित हैं। चिंता इस बात की है कि कोरोना होने पर बच्चों की देखभाल कैसे की जाए और उन्हें अपने से दूर रखते हुए इस महामारी से कैसे बचाया जाए। इसे लेकर सी.के बिड़ला अस्पताल की पीडियाट्रिशियन डॉ. श्रेया दूबे का कहती हैं, माता-पिता को कोरोना होने पर स्थिति भले ही खराब हो जाती है, पर ऐसे में सबसे ज्यादा जरूरी ये है कि हम पैनिक न करें। साथ ही डॉ. श्रेया दूबे कहती ने इस स्थिति से लड़ने के लिए कुछ जरूरी टिप्स भी शेयर किए, जो कि ऐसे माता-पिता की काफी (Parenting With Coronavirus)मदद कर सकते हैं।

Inside2howtodealwithkids

कोविड पॉजिटिव माता-पिता कैसे संभालें बच्चे?

1. बच्चों को खुद से अलग न करें

डॉ. श्रेया दूबे की मानें, तो कोरोना होने पर जरूरी नहीं की आप अपने बच्चों को खुद से दूर कर दें।हां अगर आप बहुत बीमार हैं और अपने बच्चों की देखभाल करने जितना भी ठीक नहीं हैं, तो आप उन्हें खुद से अलग कर सकते हैं। 

2. घर में भी मास्क पहनें

माता-पिता को कोरोना होने पर सबसे ज्यादा जरूरी ये है कि आप अपने बच्चों को संक्रमित होने से बचाएं। इसके लिए जरूरी है कि आप घर पर भी हर समय मास्क पहन कर रखें। इससे आप संक्रमण को रोक सकते हैं। साथ ही बच्चों को भी मास्क पहन कर रहने को कहें, पर अलग आपके बच्चे 2 साल के हैं या इससे भी छोटे हैं, तो उन्हें जबरदस्ती मास्क न पहनाएं। 

3. बार-बार हाथ धोते रहें

कोरोना महामारी बहुत ज्यादा संक्रामक है ऐसे में साफ-सफाई का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। इसलिए बार-बार हाथ धोते रहें या 60 प्रतिशत अल्कोहल से भरे सैनिटाइजर से हाथों की सफाई करते रहें। साथ ही आस-पास इस्तेमाल होने वाले सतहों की भी सफाई करते रहें।

Inside1fevercheck

इसे भी पढ़ें : समय से पहले प्यूबर्टी (यौवन) के कारण बच्चों में हो रहे हैं कई बदलाव, जानें क्या है Precocious Puberty के लक्षण

4. घर का वैंटिलेशन सही रखें

कोरोना से बचाव के लिए जरूरी है कि आप अपने घर का वैंटिलेशन सही रखें। खिड़की और दरवाजों को खुले रखें और सूरज की रोशनी और हवा को आने-जाने दें। इससे संक्रमण के खतरे को कम करने में मदद मिलेगी। 

5. खाना और बाकी चीजों की साफ-सफाई का ध्यान रखें

कोरोना महामारी का जिस तरह से संक्रमण दर तेज है, ऐसे में बच्चों को इससे बचाने के लिए खाना और बाकी चीजों की साफ-सफाई का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। ऐसे में सबसे ज्यादा जरूरी है कि खाना बनाते समय सफाई बहुत ज्यादा ध्यान रखें। उसके बाद जिन जगहों पर आप खाने रखते हैं या खाते-पीते हैं, वहां की सफाई और सैनिटाइजेशन का खास ख्याल रखें। 

6. बच्चों को हाइड्रेटेड रखें

कोरोना महामारी जिस तरह से फैल रही है, ऐसे में जरूरी है कि आप बच्चों को हाइड्रेटेड रखें। उनमें पानी की कमी न होने दें। इसके लिए उन्हें खूब पानी पिलाएं और जूस व ड्रिंक दें। 

इसे भी पढ़ें :  छोटे बच्चों के मुंह से क्यों गिरती रहती है लार? जानें लार गिरने का कारण और बचाव के तरीके

7. बच्चों का टेंपरेचर लेते रहें

अगर घर में माता-पिता संक्रमित होते हैं, तो ऐसे चांस बहुत ज्यादा होते हैं कि कहीं बच्चे भी न संक्रमित हो जाए। ऐसे में बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए जरूरी है कि आप दिन भर में दो बार उनका तापमान जरूर जांचें। साथ ही गले में खराश, लाल आंखें और बच्चों में थकाव व आलस से भरी गतिविधियों पर जरूर ध्यान दें। अगर आपको अपने बच्चों में कोरोना के कोई भी लक्षण नजर आते हैं, तो थोड़ा सजग हो जाएं और बच्चों का ध्यान रखते हुए इस बारे में डॉक्टर से बात करें। 

इसके अलावा इस स्थिति से बचने का एक उपाय यही है कि आप अपने बच्चे को को मानसिक रूप से तैयार करें। अपने बच्चे को कोरोना और बीमार पड़ने के दौरान तमाम स्थितियों से जुड़ी सभी जानकारी दें। ऐसी स्थिति उनके लिए भी कष्टदायी होने है, इसलिए उन्हें पहले से बता कर रखें। ऐसा होने की संभावना के बारे में बातचीत करते रहें, इससे आपको और उन्हें अपनी चिंता को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने में मदद मिल सकती है। प्रक्रिया को चरण दर चरण समझाते हुए, शांत और आश्वस्त तरीके से बोलें और बताएं कि हम सभी को इस बीमारी से लड़ना है और इससे उभरना है। 

Read more articles on Children's Health in Hindi

Disclaimer