यूं तो तर्क-वितर्क करने से बचना ही बेहतर है, लेकिन व्यवहारिक जीवन में हमें लोगों से मिलना पड़ता है और साथ काम करना पड़ता है। जिसके चलते कई अर्थपूर्ण तर्क भी होते हैं। तर्क-वितर्क यदि किसी निर्णय तक पहुंचा सके और अर्थपूर्ण हो तो इसमें कोई बुराई नहीं। तो चलिये आज जानें 5 आसान तरीके जो आपको किसी भी तर्क-वितर्क का विजेता बना सकते हैं।
जीत-हार के लिये करें तर्क
किसी व्यक्ति विशेष के विचारों को यदि आप गलत ठहराएंगे और उसकी बात को नीचा दिखाएंगे तो उसका लड़ाई के मूड में आ जाना स्वभाविक है। ऐसे में आपका आर्ग्युमेंट सेशन बर्बाद ही होने वाला होता है। तो जीत-हार के लिये करें तर्क न करें, दूसरे व्यक्ति के विचार और तर्क को सीधे गलत न ठहराएं। अपनी बात को सोम्य व तर्कपूर्ण तरीके से सामने रखें।
सामाजिक रहें
जरूरी नहीं कि हर तर्क-वितर्क किसी समुदाय, जाति या रंग की दलीलों का मोहताज हो। इन चिजों से स्वतंत्र होकर भी बात की जा सकती है। तो दूसरे व्यक्ति के विचारों, भावनाओं व मतों का सम्मान करते हुए उन्हें ठीक से सुनें। फिर भले ही ये आपको बहुत अच्छे न लगें।
कॉन्फीडेंट रहें
तर्क-वितर्क के दौरान ज़रूरी नहीं कि लोग कमरे में मौजूद सबसे होशियार इंसान की बात सुनें। 2013 में हुए एक अध्ययन से पता चलता है कि लोग उस व्यक्ति को सुनते हैं जिसे देखकर लगता है कि वह जो बोल रहा है वो बात सही है और उसमें दम है। तो कॉन्फीडेंट रहें और अपनी बात को पूरे आत्मविश्वास के साथ लोगों के समक्ष प्रस्तुत करें।
क्यों नहीं कैसे, पूछें
जब आपके सामने बैठा इंसान तर्क कर रहा हो तो उससे ये पूछने कि बजाए कि वह जो बोल रहा है वो क्यों सही है, पूछें ही वह कैसे सही है। क्यों सही है, पूछने पर तर्क नकारात्मक दिशा में जाएगा, लेकिन जब आप कैसे पूछेंगे तो आपका पलड़ा भारी होने की पूरी संभावना रहेगी।
ग्राफ और डेटा का उपयोग करें
लोग किसी अकेले इंसान की बात से ज्यादा शोधकर्ताओं, शोधों और विशेषज्ञों की बातों पर ज्यादा विश्वास करते हैं। तो अपने आर्ग्युमेंट सेशन के दौरान अपने से अपनी बात को सिद्ध करने वाले शोध व ग्राफ्स रखें। ये आपकी बात को वजनदार बनाएंगे और लोगों को आपकी बात के साथ हामी भरने को प्रेरित करेंगे।
साथ ही अपने तर्क से संबंधित डेटा भी जुटा कर रखें औक तर्क के दैरान अपनी बात के साथ उसे पेश करें। इस तरह से अपनी बात कहने पर आप ज्यादा प्रभावी होंगे और तर्क में विजयी भी बन पाएंगे।
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