मिलावटी साबूदाना खाने से खराब हो सकती है सेहत, जानें कैसे करें असली-नकली साबूदाने की पहचान

बाजार में मिल रहे मोती जैसे सफेद और खूबसूरत साबूदाने में मिलावट हो सकती है, इसलिए असली और नकली साबूदाने के बीच पहचान करना सीखें।  

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariUpdated at: Apr 04, 2022 15:42 IST
मिलावटी साबूदाना खाने से खराब हो सकती है सेहत, जानें कैसे करें असली-नकली साबूदाने की पहचान

साबूदाना (sabudana) व्रत में सबसे ज्यादा खाए जाने वाला खाद्य पदार्थ है। इसे लोग नाश्ते में भी खाना बहुत पसंद करते हैं। पर क्या आपके द्वारा खाया जाने वाला साबूदाना असली साबूदाना है? जी हां, साबूदाना खाने से पहले ये प्रश्नन करना बेहद जरूरी है। दरअसल, आज कल बाजार में मिलावटी साबूदाना बहुत ज्यादा मिल रहा है, जो कि कैमिल्स के प्रयोग से बने होते हैं। इन मिलावटी साबूजाने में सोडियम हाइपोक्लोराइट, कैल्शियम हाइपोक्लोराइट, ब्लीचिंग एजेंट, फॉस्फोरिक एसिड और सल्फ्यूरिक एसिड जैसे कई रसायनों का इस्तेमाल होता है। चिंताजनक बात ये है कि आम आदमी इन कैमिकल्स से बने साबूदाने की पहचान नहीं कर पाता है। इसलिए  असली-नकली साबूदाने की पहचान कैसे करें (How to check adulteration in sabudana) इस बारे में हमने डायटिशियन डेलनाज चंदूवाडिया (Delnaaz Chanduwadia), मुख्य आहार विशेषज्ञ, जसलोक अस्पताल और अनुसंधान केंद्र से बात की। 

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मिलावटी साबूदाना -Adulteration in sabudana

डायटिशियन डेलनाज चंदूवाडिया (Delnaaz Chanduwadia) की मानें, तो बाजार में इन दोनों मिलावटी साबूदाने बहुत ज्यादा मिल रहे हैं। ये देखने में काफी चमकदार और पॉलिश किए हुए सफेद मोतियों के समान दिखते हैं। जबकि असली साबूदाना एक शाकाहारी प्रसंस्कृत भोजन है, इसलिए इसका उपयोग व्रतों के दौरान किया जाता है। साबूदाना टैपिओका  (tapioca tuber) से निकाले गए स्टार्च से बनाया जाता है। साबूदाना में कार्बोहाइड्रेड की मात्रा अधिक और फैट की मात्रा कम होती है। इसका उपयोग बीमारों के लिए स्वास्थ्य भोजन के रूप में भी किया जाता है क्योंकि यह त्वरित ऊर्जा देता है और पचने में आसान होता है। पर मिलावटी साबूदाना खाने से आपके शरीर को नुकसान हो सकता है।

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मिलावटी साबूदाना खाने का नुकसान -Side effects of adulterated sabudana

मिलावटी साबूदाने में कई प्रकार के ब्लीचिंग एजेंट्स और कैमिल्स जैसे कि फॉस्फोरिक एसिड और सल्फ्यूरिक एसिड  के अलावा इसे सफेद और चमकदार मोती जैसा दिखाने के लिए कुछ आर्टिफिशियल व्हाइटनिंग एजेंट्स का भी इस्तेमाल किया जाता है। इसे खाने से आपके स्वास्थ्य को कई नुकसान हो सकता है। दरअसल, मिलावटी साबूदाना शरीर में विषाक्तता पैदा कर सकता है, जिससे कि शरीर के कई अंग खराब हो सकते हैं या फिर लकवा मार सकता है। यहां तक कि डायटिशियन डेलनाज चंदूवाडिया का ये तक कहना है कि यह कैंसर और अन्य किडनी से जुड़ी बीमारियां और लिवर से जुड़ी बीमारियां पैदा कर सकता है। इसके अलावा दिल की बीमारियों और किडनी फेलियर का कारण सहित मौत का कारण भी बन सकता है। ऐसे में इन मिलावटों की पहचान करना जरूरी है।

कैसे करें असली-नकली साबूदाने की पहचान-How to check adulteration in sabudana in hindi

1. असली साबूदाना की पहचान के लिए करें च्यू टेस्ट (chew test for sago)

मिलावटी साबूदाने और असली साबूदाने में पहचान कुछ साधारण परीक्षणों के द्वारा किया जा सकता है। उन्हीं में से एक है च्यू टेस्ट। यानी कि वो टेस्ट जिसमें कि हम साबूदाने को चबा कर इसके असली और नकली होने की पहचान कर सकते हैं। इसके लिए

  • थोड़ा सा साबूदाना लें और इसे मुंह में रख कर कुछ देर तक चबाएं।
  • अगर यह आपको किरकिरा महसूस कराता है तो यह मिलावटी है।
  • जबकि नेचुरल साबुदाना को कुछ देर चबाने के बाद स्टार्च निकेगा और वो दांत के साथ थोड़ा चिपचिपा लग सकता है।
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2. साबूदाने को जला कर देखें (Burn test)

साबूदाने को जला कर देखना काफी सटीक तरीके से इसकी मिलावट की पहचान का तरीका है। इससे आप तुरंत जान सकते हैं कि मिलावटी साबुदाना क्या है और क्या नहीं है। इस टेस्ट के लिए 

  • थोड़ा सा साबुदाना लें और आग में डाल दें।
  • अगर यह फूलता है तो यह शुद्ध है और अगल नहीं तो इसमें मिलावट है।
  • साथ ही कुछ देर जलाने से मिलावटी साबूदाना राख राख छोड़ देगा और असली साबूदाना राख नहीं छोड़ेगा।
  • साथ ही असली साबूदाने को जलाने पर इसकी खुशबू आएगी और मिलावटी से धुंआ निकलने लगेगा।

इस तरह आप आसानी से असली और नकली साबूदाने के बीच पहचान कर सकते हैं और साबूदाने खाने के फायदे पा सकते हैं। साथ ही कोशिश करें कि बाजार से बहुत ज्यादा चमकता हुआ साबूदाना ना लें। क्योंकि इसे व्हाइटिंग एजेंट्स डाल कर सफेद बनाया जाता है। इसके अलावा असली साबूदाने की एक पहचान ये भी है असली साबूदाना पानी में डालने के बाद कुछ घंटों जल्दी-जल्दी फूलने लगता है और उसका पानी स्टार्च से भरपूर होता है, लसलसा सा। जबकि मिलावटी को आप पानी में डालेंगे तो वो उसका पानी स्टार्च से भरपूर नहीं होगा और ना ही अच्छे से फूलेगा। इसलिए जब भी साबूदाना खरीदें तो इसकी असली और नकली की पहचान जरूर कर लें। 

Image Credit: Alibaba and Balsara Foods

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