अपनी स्किन के अनुसार कैसे चुनें सही ब्यूटी ट्रीटमेंट? एक्सपर्ट से जानें

  हर कोई चाहता है बेदाग और निखरी त्वचा। जो कि अब कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट के द्वारा संभव है। इसके द्वारा झुर्रियां और त्वचा से निशान हटाए जा सकते हैं।

 

Monika Agarwal
Written by: Monika AgarwalUpdated at: Dec 05, 2021 10:30 IST
अपनी स्किन के अनुसार कैसे चुनें सही ब्यूटी ट्रीटमेंट? एक्सपर्ट से जानें

स्किन एजिंग को रोकने के लिए अब बाजार में काफी सारे ट्रीटमेंट उपलब्ध हैं। बहुत सी महिलाएं इन तरीकों को अपनी स्किन को सदा जवान बनाए रखने के लिए कर रही है। काफी अलग अलग उपचार जैसे लेजर, केमिकल पील माइक्रोडर्मा उपलब्ध हैं। लेकिन अकसर आपके लिए अपनी स्किन के लिए सही उपचार चुन पाना काफी मुश्किल हो जाता है। अपोलो हॉस्पिटल, कॉस्मेटिक सर्जन, डॉ. अनूप धीर बताते हैं कि बहुत से तरीके हैं जिसके द्वारा आप अपनी स्किन को साफ जवां और निखरा हुआ बना सकती हैं जैसे कि डर्मा, फिलर्स, बोटॉक्स व फेसलिफ्ट आदि। लेकिन कुछ स्किन रिसर्फेसिंग ट्रीटमेंट भी हैं जो आपकी ओवरऑल लुक को निखारते हैं और आपकी स्किन की बाहरी परत को ठीक करते हैं। जिसकी वजह से आपको एक बेदाग व चमकदार त्वचा और यंग लुक मिलती है। सबसे ज्यादा लिये जाने वाले स्किन रिसर्फेसिंग ट्रीटमेंट हैं लेजर, केमिकल पील्स और माइक्रोडर्मेब्रेज़न। इसलिए यदि आप इनमें से कोई सा भी ट्रीटमेंट लेना चाहते हैं तो सबसे पहले आप एक अच्छा कॉस्मेटिक सर्जन चुनें और उनसे पूरी जानकारी हासिल करें। 

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1. क्या है माइक्रोडर्मेब्रेज़न (Microdermabrasion Treatment)

इस स्किन थेरेपी में केमिकल्स का प्रयोग नहीं किया जाता है। इसमें एक सक्शन डिवाइस का प्रयोग किया जाता है। इस यंत्र के द्वारा आपकी स्किन के बाहरी परत को हटाया जाता है। इस तकनीक के द्वारा डेड स्किन सेल्स को हटाया जाता है और नई सेल्स जेनरेट होती हैं। इससे स्किन का डलनेस और पिगमेंटेशन हटाई जाती है। इसके नतीजे काफी लंबे समय तक नहीं देखने को मिलते हैं और हर 4 से 6 हफ्ते में इसके सेशन की आवश्यकता होती है।

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2. बायो एस्थेटिक प्वाइंट तकनीक (BAP Technique)

इस तकनीक को बायो एस्थेटिक प्वाइंट कहा जाता है। इस तकनीक का प्रयोग स्किन को हाइड्रेशन देने के लिए किया जाता है और इसमें अधिकतर ह्यालिरोनिक एसिड का प्रयोग किया जाता है। अगर आपकी स्किन में लाइन या फोल्ड हो गए हैं तो इस तकनीक का प्रयोग किया जा सकता है। इस तकनीक में आप की स्किन में 5 ऐसे प्वाइंट ढूंढे जाते हैं जहां इंटराडर्मल इंजेक्शन को लगाया जाता है। यह आपकी स्किन में एजिंग के कारण हुए नुकसान की भरपाई करता है। इस उपचार में नकारात्मक नतीजे दिखने के भी काफी कम चांस होते हैं। इसमें पहचाने गए 5 पॉइंट्स को जाइगोमैटिक प्रोट्रूजन, नेज़ल बेस, ट्रेगस, चिन यानी ठुड्डी और मैंडिबुलर एंगल होते हैं। इन्हीं पॉइंट्स में यह प्रक्रिया की जाती है।

3. केमिकल पील (Chemical Peel)

इस स्किन थेरेपी में उन केमिकल्स के विभिन्न स्ट्रेन को शामिल किया जाता है जिनमे कंसंट्रेशन अधिक होती है। यह आपकी स्किन को बेहतर एक्सफोलिएशन और रीजनरेशन प्रदान करने के लिए प्रयोग किया जाता है। यह उपचार फाइन लाइंस, सूर्य द्वारा होने वाले नुकसान, पिगमेंटेशन और झुर्रियों को ट्रीट करने के लिए किया जाता है। आपके डर्मेटोलॉजिस्ट या कॉस्मेटिक सर्जन आपको इसके बेस्ट लेवल के बारे में बेहतर सुझाव दे सकते हैं। अगर आप बिना एक्सपर्ट की सहायता लिए इस उपचार को करवाते हैं तो यह आपके लिए नुकसान दायक हो सकता है।

4. लेजर ट्रीटमेंट (Laser Treatment)

लेजर ट्रीटमेंट काफी अलग अलग तरह के उपलब्ध होते हैं और इनसे आप स्किन की अलग अलग स्थिति को ठीक कर सकते हैं। इसके दौरान स्किन पर अलग अलग लाइट का प्रयोग किया जाता है ताकि स्किन को रिपेयर और रिजनरेट किया जा सके। मुंह के लाल होने और टूट गई कैपिलरी को ठीक करने के लिए लाल लाइट का प्रयोग किया जाता है। फेशियल लेजर का प्रयोग रिंकल और पिगमेंटेशन को हटाने के लिए किया जाता है।

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अगर आपकी उम्र बढ़ रही है या कम उम्र में ही एजिंग के लक्षण दिख रहे हैं तो आपको इन उपचारों का प्रयोग कर लेना चाहिए। लेकिन इनमें से बेस्ट तरीका पहचानने के लिए आप अपने डॉक्टर की सलाह लेना बिल्कुल भी न भूलें। अगर आप अपनी स्किन के लिए घरेलू उपचारों का प्रयोग कर रही हैं तो इसके बारे में भी अपने डॉक्टर को जरूर बताएं ताकि किसी केमिकल के साइड इफेक्ट के रिस्क को जाना जा सके और उससे पहले ही आपको बचाया जा सके।

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