खून चूसने वाले पैरासाइट्स (हुकवर्म) कितने खतरनाक हो सकते हैं? जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव के टिप्स

हुकवॉर्म इंफेक्शन बच्चों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को ज्यादा होने का खतरा रहता है। जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव के कुछ आसान से टिप्स

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: Apr 01, 2021
खून चूसने वाले पैरासाइट्स (हुकवर्म) कितने खतरनाक हो सकते हैं? जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव के टिप्स

क्या आपने कभी हुकवॉर्म इंफेक्शन (Hookworm Infection) के बारे में सुना है? यह एक ऐसा इंफेक्शन है, जो छोटी आंत में होता है। जैसे की इसका लार्वा त्वचा के संपर्क में आता है, त्वचा पर लाल चकते और खुजली होनी शुरू हो जाती है। यह लार्वा धीरे-धीरे छोटी आंत तक पहुंचाता है और फिर शरीर में कई तरह के लक्षण नजर आने लगते हैं। इस इंफेक्शन से शरीर में आयरन की कमी होने लगती है जिससे एनीमिया की समस्या हो जाती है। इसके अलावा भी हुकवॉर्म इंफेक्शन होने पर कई लक्षण दिखाई देते हैं। वैसे तो यह समस्या किसी को भी हो सकती है लेकिन ज्यादातर छोटे बच्चे और ग्रामीण क्षेत्र के लोग ही इसकी चपेट में आते हैं। इसका लार्वा शरीर में तब तक रहता है, जब तक यह मल से बाहर नहीं निकल जाता है। फैमिली फिजिशयन ऑफ इंडिया, ग्रेटर नोएडा के अध्यक्ष डॉक्टर रमन कुमार से जानें हुकवॉर्म इंफेक्शन के लक्षण, कारण और बचाव के बारे में-

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हुकवॉर्म के लक्षण (Symptoms of Hookworm Infection)

हुकवॉर्म इंफेक्शन होने पर शरीर में कई तरह की समस्याएं होने लगती है। इसमें पेट दर्द और खांसी होना बेहद सामान्य है। लेकिन अगर आप शारीरिक रूप से एकदम स्वस्थ हैं और आयरन रिच डायट लेते हैं तो हो सकता है कि आपमें इसके लक्षण नजर न आए। लेकिन हुकवॉर्म इंफेक्शन होने पर ये लक्षण दिखने सामान्य हैं। 

  • - पेट में दर्द और उल्टी होना
  • - भूख न लगना 
  • - हीमोग्लोबिन की कमी से होने वाला एनीमिया 
  • - वजन कम होना और थकान महसूस होना
  • - खांसी और बुखार होना 
  • - सांस फूलना और श्वास संबंधी समस्याएं होना 
  • - शरीर में इचिंग, रैशेज और दाने निकलना 
  • - आंतों में ऐंठन 

हुकवॉर्म का कारण (Causes of Hookworm Infection)

hookworm

हुकवॉर्म इंफेक्शन किसी भी व्यक्ति को तब होता है, जब धूल, मिट्टी के कणों में पाए जाने वाले परजीवी किसी इंसान के शरीर में चला जाता है। यह परजीवी इंसान के आंतों में रहते हैं और दूषित मल के माध्यम से फैलते हैं। जब कोई व्यक्ति हुकवॉर्म लार्वा के संपर्क में आता है, तो यह लार्वा त्वचा से शरीर के अंदर चला जाता है। इसके बाद यह फेफड़ों में जाता है और फेफड़ों के बाद श्वास नली से छोटी आंत में चला जाता है। जिससे व्यक्ति संक्रमित हो जाता है। छोटी आंत में आने के बाद यह शरीर में तब तक रहता है, जब तक की उसका लार्वा शरीर से मल से बाहर न निकल जाए। यह संक्रमण ज्यादातर गंदगी में रहने और साफ-सफाई की कमी के कारण होता है। इसके अलावा यह संक्रमण पालतू जानवरों से भी फैल सकता है। हुकवॉर्म इंफेक्शन होने के कई अन्य कारण भी हैं। 

  • - त्वचा का मिट्टी के संपर्क में आने से
  • - चोट लगे नंगे पैरों से चलने पर इसका लार्वा स्किन से शरीर में पहुंच जाता है।
  • - संक्रमित व्यक्ति के मल से मिट्टी दूषित होना और किसी दूसरे व्यक्ति का उसके संपर्क में आना 
  • - खुले में शौच करना
  • - खाने से पहले सब्जियों और फलों को न धोना
  • - घर में साफ-सफाई का ध्यान न रखना

इन लोगों को है इसका ज्यादा खतरा (These People are Risk of Hookworm Infection)

छोटे बच्चों को हुकवॉर्म इंफेक्शन का खतरा बहुत ज्यादा होता है क्योंकि वे अकसर ही नंगे पैर इधर-उधर घूमते हैं। कई बार वे खाना भी बिना हाथ धोए ही खा लेते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा ग्रामीण लोगों को इस इंफेक्शन का खतरा ज्यादा रहता है क्योंकि वे खेतों में, मिट्टी में काम करते हैं। जिससे वे इसकी चपेट में आसानी से आ जाते हैं।

हुकवॉर्म इंफेक्शन से होने वाले खतरे (Threats from Hookworm Infection)

हुकवॉर्म इंफेक्शन होने पर रोगी के शरीर में खून की कमी हो जाती है। उसे कमजोरी आने लगती है और उसका लगातार वजन कम होता रहता है। इससे व्यक्ति के शरीर में लाल रक्त कणों (Red Blood Particles) की संख्या कम हो जाती है, जिसकी वजह से हार्ट फेलियर का खतरा भी बढ़ जाता है। इसके अलावा इससे पीड़ित व्यक्ति के शरीर में प्रोटीन की भी कमी होने लगती है, उसके पेट में फ्लूइड (Fluid) भर जाता है। इसका असर व्यक्ति में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। इसके इलाज के दौरान व्यक्ति को काफी परेशानी होती है क्योंकि उसके शरीर में प्रोटीन और खून की कमी होने लगती है।   

हुकवॉर्म इंफेक्शन की जांच (Test of Hookworm Infection)

स्टूल टेस्ट (Stool Test)

हुकवॉर्म इंफेक्शन की जांच करने के लिए सबसे पहले स्टूल टेस्ट किया जाता है। इसमें हुकवॉर्म लार्वा की पहचान की जाती है। डॉक्टर माइक्रोस्कोप की मदद से स्टूल की जांच करते हैं। टेस्ट पॉजिटिव आने पर व्यक्ति को परजीवी को मारने की दवा दी जाती है।    

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खून टेस्ट (Blood Test) 

हुकवॉर्म इंफेक्शन होने पर शरीर में आयरन की कमी हो जाती है और व्यक्ति एनीमिया का शिकार हो जाता है। इसलिए इसकी जांच करने के लिए खून टेस्ट करवाया जाता है।

हुकवॉर्म का बचाव (Hookwarm Infection Prevention)

hand wash

  • - हमेशा फलों और सब्जियों को अच्छे से धोकर खाएं क्योंकि इनमें भी हुकवॉर्म का लार्वा हो सकता है। 
  • - खाना खाने से पहले हमेशा हाथ साबुन की मदद से अच्छे से धो लें। 
  • - घर से बाहर निकलते समय हमेशा जूते पहनें। अगर धूल, मिट्टी वाले एरिया में जा रहे हैं तो सैंडल या चप्पल की जगह जूते पहनना ज्यादा सही होता है।
  • - नंगे पैर घूमने से बचें। यहा तक कि घर पर भी नंगे पैर न घूमें। 
  • - आयरनयुक्त भोजन को अपने खानपान में शामिल करें। 
  • - गार्डन या खेतों में काम करते समय खुद को पूरा कवर करके रखें।
  • - हमेशा साफ और ताजा पानी पीएं।
  • - खाने को अच्छे से धोकर और पकाकर खाएं। 
  • - शौच करने के बाद हाथों को अच्छे से साबुन से धोने चाहिए। 

हुकवॉर्म इंफेक्शन होने पर आपको ऊपर बताए गए लक्षण नजर आ सकते हैं। इसलिए इन लक्षणों को बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें और समय रहते डॉक्टर की सलाह जरूर लें। इस इंफेक्शन से पीड़ित होने पर आप अपने खानपान का भी खास ध्यान रखें। 

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