Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Major Rajesh Bhardwaj , ENT Specialist & Head and Neck Surgeon

3 दिन से ज्यादा नेजल स्प्रे का इस्तेमाल क्यों हो सकता है खतरनाक? जानें डॉक्टर से

नेजल स्प्रे का 3 दिन से ज्यादा इस्तेमाल राइनाइटिस मेडिकामेंटोसा और नाक से जुड़ी समस्या का कारण बन सकता है। लंबे समय तक नाक बंद रहने पर डॉक्टर से संपर्क करें और नमक के पानी वाले स्प्रे जैसे सुरक्षित विकल्प चुनें। 

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मौसम बदलने पर जुकाम या एलर्जी के कारण नाक बंद होना एक आम समस्या है। ऐसी स्थिति में आराम पाने के लिए लोग अक्सर बिना डॉक्टर की सलाह पर नेजल स्प्रे का इस्तेमाल करने लगते हैं। ये स्प्रे कुछ ही मिनटों में सांस लेने की नली को खोलकर आपको तुरंत राहत पहुंचाने का काम करता है। हालांकि, इसका इस्तेमाल 3 दिनों से ज्यादा समय तक करना बहुत खतरनाक माना जाता है। डॉक्टर और दवाओं के रैपर पर लिखी चेतावनियां लगातार सलाह देती हैं कि डिकॉन्गेस्टेंट नेजल स्प्रे का उपयोग लगातार 3 दिनों से ज्यादा नहीं करना चाहिए। आइए इस बारे में विस्तार से Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj, Consultant, MedFirst ENT Centre, New Delhi से जानते हैं।

3 दिन से ज्यादा नेजल स्प्रे का इस्तेमाल क्यों नहीं करना चाहिए?

डॉ. (मेजर) राजेश भारद्वाज बताते हैं कि जब आप किसी डिकॉन्गेस्ट्रेंट स्प्रे का इस्तेमाल करते हैं तो दवा आपकी नाक की नलियों में सूजी हुई ब्लड वेसल्स को सिकोड़ने का काम करती है। इससे हवा के फ्लो के लिए ज्यादा जगह बनती है और सांस आसानी से आती है। हालांकि, अगर इसका इस्तेमाल बहुत लंबे समय तक किया जाता है तो नाक की ब्लड वेसल्स सिकुड़े रहने के लिए इस दवा पर निर्भर होने लगती हैं। लगातार तीसरे या चौथे दिन स्प्रे का इस्तमाल करने के बाद जब दवा का असर खत्म होता है तो ब्लड वेसल्स सिर्फ नॉर्मल स्थिति में ही वापस नहीं आती हैं, बल्कि वे पहले से भी ज्यादा सूज जाती हैं। इसे मेडिकल स्थिति को राइनाइटिस मेडिकामेंटोसा कहा जाता है।

American Medical Association पर प्रकाशित एक पब्लिक हेल्थ एडवाइजरी के अनुसार,नसल डिकंजेस्टेंट स्प्रे को ज्यादा दिनों तक इस्तेमाल करने से नाक के रास्ते में सूजन और जकड़न पैदा हो सकती है, जिसे राइनाइटिस मेडिकामेंटोसा (rhinitis medicamentosa) या रिबाउंड कंजेशन कहा जाता है। यह समस्या ज्यादा गंभीर हो सकती है। आमतौर पर डॉक्टरों द्वारा यह सिखाया जाता है कि रिबाउंड कंजेशन से बचने के लिए इन स्प्रे का इस्तेमाल एक बार में ज्यादा से ज्यादा तीन दिनों के लिए ही किया जाना चाहिए। इस एडवाइजरी में यह भी बताया गया है कि इसकी लत लगने को लेकर कोई प्रमाण नहीं है, लेकिन यह आदत बनाने वाला हो सकता है, क्योंकि मरीज को इसके बिना सांस लेने में मुश्किल महसूस हो सकती है और बार-बार स्प्रे का इस्तेमाल करने की आदत पड़ जाती है, जो कई बीमारी का कारण बन सकता है।

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3 दिन से ज्यादा नेजल स्प्रे का इस्तेमाल करने के नुकसान

डॉ. (मेजर) राजेश भारद्वाज बताते हैं कि 3 दिन से ज्यादा नेजल स्प्रे का इस्तेमाल करने का खतरा सिर्फ दवा की ज्यादा खुराक से नहीं है, बल्कि नाक की बनावट में होने वाले बदलावों से है।

1. आदत और निर्भरता

जैसे-जैसे आपकी नाक की सूजन बढ़ती जाती है, आपको बार-बार स्प्रे डालने की आदत हो जाती है। पहले जो स्प्रे 12 घंटे तक आराम देता था, अब उसका असर जल्दी खत्म होने लगता है। फिर आपको नॉर्मल सांस लेने के लिए हर 4 घंटे में स्प्रे का इस्तेमाल करना पड़ता है। यानी आपकी नाक इस दवा की पूरी तरह से आदी बन जाती है।

2. नाक के अंदरूनी हिस्सों को नुकसान

जब आप लंबे समय तक नेजल स्प्रे का इस्तेमाल करते हैं तो नाक की नसें लगातार सिकुड़ी रहती हैं। इसके कारण नाक के अंदरूनी हिस्सों तक सही से खून, ऑक्सीजन और पोषण नहीं पहुंच पाता है। इससे नाक के अंदर हमेशा सूजन रहने लगती है, पपड़ी जमने लगती है और ज्यादा इस्तेमाल करने पर नाक के बीच वाली पतली परत में छेद भी हो सकता है।

3. दवा का असर बेअसर होना

धीरे-धीरे एक समय ऐसा आता है जब यह स्प्रे पूरी तरह से काम करना बंद कर देता है। इसके कारण आपकी नाक हमेशा बंद ही रहती है, फिर चाहे आप कितना भी स्प्रे क्यों न डाल लें। फिर इस समस्या को सिर्फ डॉक्टर की दवाई या इलाज से ठीक कर पाते हैं।

What to do after 3 days of nasal spray inside

इस आदत से छुटकारा कैसे पाएं?

डॉ. (मेजर) राजेश भारद्वाज के अनुसार, अगर आप चौथे दिन भी स्प्रे इस्तेमाल करना चाहते हैं तो एक्सपर्ट की इन बातों का ध्यान रख सकते हैं-

1. नमक के पानी वाला स्प्रे इस्तेमाल करें

यह स्प्रे बिना किसी दवा का, सिर्फ नमक और पानी का घोल होता है। आप इस स्प्रे का इस्तेमाल जब चाहें और जितने दिन चाहें कर सकते हैं। यह नाक को अंदर से साफ और गीला रखता है और इसकी कोई बुरी आदत या साइड इफेक्ट भी नहीं होता है।

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2. एक तरफ की नाक वाला तरीका

अगर आपको इस स्प्रे की लत लग चुकी है तो डॉक्टर सलाह देते हैं कि आप एक बार में नाक के सिर्फ एक ही छेद में स्प्रे डालना बंद करें। इससे आपकी नाक की एक तरफ की नसें धीरे-धीरे ठीक होने लगती हैं, जबकि दूसरी तरफ से आपको सांस लेने में समस्या नहीं होती है। जब एक तरफ की नाक पूरी तरह ठीक हो जाए तो दूसरी तरफ भी स्प्रे डालना बंद कर दें। इससे स्प्रे छोड़ने की समस्या आधी हो जाती है।

3. डॉक्टर की सलाह लें

अगर आपकी नाक काफी समय से लगातार बंद है तो डॉक्टर से मिलना जरूरी है। डॉक्टर आपको दूसरे टाइप का यानी स्टेरॉयड वाला स्प्रे दे सकते हैं। यह स्प्रे अलग तरीके से काम करता है और इसे इस्तेमाल करने से नाक बंद होने की आदत या लत नहीं पड़ती है।

डॉक्टर की सलाह

डॉ. (मेजर) राजेश भारद्वाज के अनुसार, यह स्प्रे कम समय के लिए हमारे लिए काफी फायदेमंद है, लेकिन इसे एक छोटे समय यानी 2 से 3 दिन तक ही इस्तेमाल करें और लंबे समय तक इसका उपयोग करने से बचें। 3 दिन के नियम को याद रखना जरूरी है। अपनी नाक को हेल्दी रखने के लिए 3 दिन तक ही इस स्प्रे का उपयोग करें और इससे ज्यादा इस्तेमाल करने से बचें। अगर 3 दिन के इस्तेमाल के बाद भी आपकी नाक ठीक नहीं होती है तो सिर्फ स्प्रे का इस्तेमाल करने के स्थान पर डॉक्टर से कंसल्ट करें और अपनी समस्या का सही इलाज करवाएं।

निष्कर्ष

नेजल स्प्रे का इस्तेमाल सिर्फ 3 दिनों तक ही करना सुरक्षित माना जाता है। अगर इस समय के बाद भी आपकी नाक बंद रहती है तो स्प्रे का इस्तेमाल तुरंत करना बंद कर देना चाहिए और सही इलाज के लिए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
Image Credit: Freepik

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jul 22, 2026 12:30 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Jul 22, 2026 12:30 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Major Rajesh Bhardwaj

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