Tue Oct 20, 2026 | 04:34 AM IST

Medically Reviewed by Dr Purendra Bhasin , Ophthalmologist

मानसून में आंखों में खुजली होने और पानी आने का क्या कारण है? डॉक्टर से जानें कारण और बचाव के तरीके

बारिश के मौसम में आंखों से जुड़ी परेशानियां भी बढ़ सकती हैं। ऐसे में कई बार लोगों को आंखों में संक्रमण होने का रिस्क रहता है। इस लेख में डॉक्टर ने आंखों में होने वाली खुजली के बारे में विस्तार से समझाया है।
मानसून में आंखों में खुजली होने और पानी आने का क्या कारण है? डॉक्टर से जानें कारण और बचाव के तरीकेमानसून में आंखों में खुजली होने और पानी आने का क्या कारण है? डॉक्टर से जानें कारण और बचाव के तरीके

बारिश शुरू होते ही आंखों से जुड़ी परेशानियां जैसे आंखों में लालिमा, खुजली, पानी आना, जलन, सूजन या चिपचिपा डिस्चार्ज देखने को मिल सकता है। कई बार लोग इसे सिर्फ मौसम का असर मानकर इग्नोर कर देते हैं, जबकि कुछ मामलों में ये आंखों से जुड़ा इंफेक्शन भी हो सकता है। मानसून में आंखों में खुजली होना और फिर आंखों को रगड़ देने से इंफेक्शन बढ़ने के कारणों को जानने के लिए हमने Dr. Purendra Bhasin, Opthamologist, Founder & Director और Dr. Priyamvada Bhasin, Medical Director, Specialist Comprehensive Ophthalmology, Squint & Vitreo-Retinal Specialist, Ratan Jyoti Netralaya, Gwalior से बात की।

बारिश में आंखों का इंफेक्शन और खुजली क्यों बढ़ सकती है?

Dr. Priyamvada Bhasin कहती हैं, “बारिश के दौरान मौसम में नमी और उमस बढ़ जाती है। इसके अलावा, मानसून में जलभराव, गंदे पानी और धूल-मिट्टी के कारण इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। अगर संक्रमित व्यक्ति आंखों को छूने के बाद तौलिये, किसी के कपड़े या अन्य किसी सतह को छूता है, तो संक्रमण वहां से दूसरे व्यक्ति तक पहुंच सकता है। इसलिए लोगों को पहले आंखों में खुजली फिर पानी आना और इंफेक्शन बढ़ सकती है।”

Indian Journal of Ophthalmology के मुताबिक, हैदराबाद जिले के 1,82,789 मरीजों को शामिल किया गया। इसमें पाया गया कि करीब 84 मरीजों को एक्यूट माइक्रोस्पोरिडियल केराटोकोन्जंक्टिवाइटिस (MKC) था। MKC आंखों से जुड़ी बीमारी है, जो आंखों में फंगल इंफेक्शन से फैलती है। इस स्टडी में देखा गया कि बारिश या नमी बढ़ने पर आंखों से जुड़े मामलों में बढ़ोतरी हुई है।

क्या गंदे पानी से आंखों का इंफेक्शन बढ़ सकता है?

Dr. Priyamvada Bhasin ने कहा, “गंदे पानी और हाथों के जरिए आंखों का संक्रमण तेजी से फैल सकता है। खासतौर पर अगर व्यक्ति को पहले से खुजली या जलन हो, तो बार-बार आंखों को रगड़ने लगता है। यही आदत समस्या को और बढ़ा सकती है। संक्रमित आंख को छूने के बाद हाथ बिना धोए दूसरी आंख या किसी दूसरी वस्तु को छूने से संक्रमण फैल सकता है।”

CDC की मानें, तो वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में तेजी से फैल सकता है। इसलिए लोगों को कम से कम 20 सेकेंड तक हाथ धोने की सलाह दी जाती है। साथ ही आंखों को रगड़ने से बचना चाहिए ताकि इंफेक्शन न फैलें।

आंखों में इंफेक्शन होने के लक्षण

Dr. Purendra Bhasin ने लोगों को सलाह दी है कि अगर ये लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए, ताकि समय पर आंखों के इंफेक्शन का इलाज हो सके।

  • आंखों का लाल होना
  • आंखों से पानी आना
  • खुजली या जलन
  • पलकों में सूजन
  • आंखों में कुछ पड़ा हुआ महसूस होना
  • चिपचिपा या मवाद जैसा डिस्चार्ज
  • सुबह उठने पर पलकों का आपस में चिपकना

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क्या कॉन्टैक्ट लेंस लगाने से आंखों का इंफेक्शन बढ़ सकता है?

Dr. Priyamvada Bhasin का कहना है, “सबसे जरूरी बात यह है कि कई बार एलर्जी, धूल, धुआं, कॉस्मेटिक्स या कॉन्टैक्ट लेंस के कारण हुई जलन के कारण भी आंखें लाल हो सकती है और पानी आ सकता है। ऐसे में बारिश के मौसम में कॉन्टैक्ट लेंस इस्तेमाल करने वालों को आंखों की सफाई का खास ध्यान रखना चाहिए। गंदे हाथों से लेंस लगाना, जरूरत से ज्यादा देर तक लेंस पहने रखना या उन्हें सही तरीके से साफ न करना संक्रमण का रिस्क बढ़ा सकता है।”

बारिश में आंखों को संक्रमण से कैसे बचाएं?

Dr. Priyamvada Bhasin ने बताया कि लोगों को बारिश के मौसम में आंखों का खास ध्यान रखना चाहिए। इसके लिए रोजाना छोटी-छोटी आदतें काफी मदद कर सकती हैं।

  • साबुन और पानी से हाथ अच्छी तरह साफ करें।
  • आंखों को बार-बार न छुएं।
  • खुजली होने पर भी आंखों को बार-बार छूना या रगड़ना समस्या बढ़ा सकता है।
  • किसी के साथ अपना तौलिया या रूमाल शेयर न करें।
  • किसी का भी मेकअप, आई ड्रॉप और तकिया इस्तेमाल न करें।
  • जलभराव वाली जगहों पर सावधानी बरतें।
  • बारिश या गंदे पानी के सीधे संपर्क से आंखों को बचाएं।
  • कॉन्टैक्ट लेंस और उनके केस की सफाई जरूर करें।

डॉक्टर की सलाह

Dr. Purendra Bhasin सलाह देते हैं कि अगर आंख में तेज दर्द, सूजन या धुंधला दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। सबसे ध्यान रखने वाली बात यह है कि आंखों में किसी भी तरह की समस्या होने पर खुद से आई ड्रॉप नहीं लेनी चाहिए। खासतौर पर स्टेरॉयड वाली आई ड्रॉप तो बिल्कुल भी नहीं डालनी चाहिए, क्योंकि आंखों के इंफेक्शन का कारण एक जैसा नहीं होता और न ही हर कंडीशन में एक जैसा इलाज होता है।

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निष्कर्ष
बारिश के मौसम में आंखों से जुड़े इंफेक्शन होना काफी आम है। इसलिए हाथों की साफ-सफाई का खास ध्यान रखना चाहिए। आंखों से जुड़े किसी भी तरह के इंफेक्शन होने पर डॉक्टर को दिखाना जरूरी है। खुद से किसी भी तरह की दवा या आई ड्रॉप न डालें।

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FAQ

  • क्या मानसून में आई-मेकअप लगाने से आंखों में बैक्टीरिया पनप सकते हैं?

    हां, नमी के कारण आई-मेकअप प्रोडक्ट्स में बैक्टीरिया और फंगस तेजी से बढ़ते हैं। गंदे या एक्सपायर्ड प्रोडक्ट्स लगाने से मेबोमियन ग्लैंड्स के छिद्र बंद हो जाते हैं, जिससे गुहेरी और संक्रमण हो सकता है।
  • अगर परिवार में किसी को आई फ्लू हो जाए, तो बाकी सदस्यों को कैसे बचाएं?

    संक्रमित व्यक्ति का तौलिया, पिलो कवर और चश्मा अलग रखें। मरीज से सीधे आई-कांटेक्ट से बचें, मरीज को काला चश्मा पहनाएं और घर के सभी सदस्य बार-बार साबुन से हाथ धोते रहें।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 20, 2026 19:18 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Purendra Bhasin