Mon Sep 14, 2026 | 12:24 AM IST

Medically Reviewed by Dr Anupama N K , Consultant – Medical Gastroenterology

खाना खाने के बाद पेट में गुड़गुड़ की आवाज क्यों आती है? डॉक्टर से जानें

पेट में खाना खाने के बाद गुड़गुड़ की आवाजें पाचन प्रक्रिया का नॉर्मल हिस्सा हैं, जो खाने, लिक्विड और गैस की हलचल के कारण होती हैं। खाने की आदतें, स्ट्रेस और कुछ पाचन से जुड़ी समस्याएं भी इसका कारण हो सकती हैं, जिसके लिए धीरे खाना खाने और बैलेंस डाइट लेना सहायक है।

कई बार लोगों को पेट में गुड़गुड़ की आवाज आती है। इसका कारण अक्सर भूख लगने, गैस और भारीपन जैसी परेशानियों को पाना जाता है, लेकिन कई लोगों को खाना खाने के बाद भी पेट में गुड़गुड़ की आवाज आती है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल आता है कि ऐसा क्यों होता है? ऐसे में आइए इस बारे में Dr. Anupama N K, Senior Consultant - Medical Gastroenterology, Aster CMI Hospital, Bengaluru से जानें।

खाना खाने के बाद पेट में गुड़गुड़ की आवाज क्यों आती है?

डॉ. अनुपमा के अनुसार, खाना खाने के बाद पेट और आंतों से आने वाली गुड़गुड़ाहट या गड़गड़ाहट की आवाजें आमतौर पर पाचन से जुड़ी नॉर्मल आवाजें होती हैं।

ये आवाजें पाचन नली में खाना, लिक्विड और गैस की हलचल के कारण होती हैं, जब पेट और आंतों की मांसपेशियां सिकुड़ती हैं। कभी-कभी खाने के बाद ये आवाजें तेज हो सकती हैं, क्योंकि खाना खाने से पाचन प्रक्रिया शुरू हो जाती है और आंतों की हलचल बढ़ जाती है।

इसे भी पढ़ें: खाना ठीक से पचता नहीं है? पेट की पाचन शक्ति बढ़ाने के लिए आजमाएं ये 5 घरेलू उपाय

1. खाने के कारण आती हैं आवाजें

डॉ. अनुपमा आगे बताती हैं, कुछ खास तरह के खाने और खाने की आदतों से ये आवाजें ज्यादा सुनाई दे सकती हैं, जैसे कि-

  • बहुत ज्यादा फाइबर वाला खाना
  • कार्बोनेटेड ड्रिंक्स।
  • बीन्स और गैस बनाने वाले अन्य फूड्स।
  • जल्दी-जल्दी खाना खाने।
  • खाते समय हवा निगलना।
  • बहुत ज्यादा खाना खाने।

इन आदतों के कारण व्यक्ति को खाना खाने के बाद भी पेट से गुड़गुड़ की तेज आवाजें आने की समस्या हो सकती है। ऐसे में पेट की आवाजों से बचने के लिए खाने से जुड़ी अच्छी आदतों को अपनाएं, खाना धीरे-धीरे और आराम से खाएं।

why does the stomach make a rumbling sound after eating 1

2. स्ट्रेस के कारण

कई बार ज्यादा स्ट्रेस में रहने के कारण भी व्यक्ति को पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याएं या पेट से गुड़गुड़ की आवाज आ सकती हैं। इसके कारण आवाजों की तीव्रता भी बढ़ सकती है।

3. पाचन से जुड़ी समस्या

कई बार भूखे रहने और लंबे समय तक खाना न खाने के कारण भी पेट से आवाजें आ सकती हैं और कई बार ये आवाजें ज्यादा तेज हो सकती है।

4. मल त्याग की आदतों में बदलाव

कई बार मल त्याग की आदतों में बदलाव के कारण भी पाचन तंत्र की आवाज की तीव्रता को प्रभावित हो सकती है। ऐसे में किसी भी तरह के बदलाव पर ध्यान दें।

डॉ. अनुपमा बताती हैं, ज्यादातर मामलों में सिर्फ गुड़गुड़ाहट होना पेट की किसी बीमारी का संकेत नहीं है और इसका मतलब यह नहीं है कि पाचन ठीक से नहीं हो रहा है।

इसे भी पढ़ें: अक्सर रहता है पेट खराब? डॉक्‍टर से जानें 10 कारण, जिनसे बिगड़ता है डाइजेशन

क्या कहती है स्टडी?

साल 2025 में ACG Case Reports Journal के अनुसार, रुका हुआ और सिकुड़ी हुई शेप के कारण आवरग्लास स्टमक (घड़ी जैसी पेट की बनावट) पेट की नॉर्मल हलचल में रुकावट डालता है, जिससे पेट में गड़गड़ाहट की आवाज (बोर्बोरिग्मी) पैदा हो सकती है।

सबसे पहले, सिकुड़ा हुआ पेट भोजन को पचाकर आगे भेजने में देरी करता है, जिससे असामान्य संकुचन होते हैं और पेट में गड़गड़ाहट की आवाज आने लगती है। दूसरा, इन तंग हिस्सों में फंसी हुई गैस, लिक्विड और खाना जब अचानक से आगे खिसकते या बाहर निकलते हैं, तो उससे भी तेज आवाजें पैदा होती हैं।

पेट से आने वाली गुड़गुड़ की आवाजों से बचने के लिए क्या करें?

डॉ. अनुपमा आगे कहती हैं, पेट से आने वाली आवाजों को कम करने या इनसे बचने के लिए कुछ बातों का खास ध्यान रखना जरूरी हो जाता है, जो पाचन के लिए मददगार हो सकता है। जैसे-

  • धीरे-धीरे खाना खाएं।
  • खाने को अच्छी तरह चबाकर खाएं।
  • अगर कार्बोनेटेड ड्रिंक्स से लक्षण बढ़ते हैं, तो उन्हें कम करें।
  • शरीर में पानी की कमी न होने दें।
  • बैलेंस डाइट लें।

डॉ. अनुपमा बताती हैं, वैसे तो खाना खाने के बाद कभी-कभार पेट से आवाज आना आमतौर पर पाचन प्रक्रिया का एक नॉर्मल हिस्सा है।

डॉक्टर से सलाह कब लें?

डॉ. अनुपमा का कहना है, अगर बार-बार या असामान्य रूप से तेज गुड़गुड़ाहट के साथ पेट में लगातार दर्द, पेट फूलना, बार-बार उल्टी, दस्त, कब्ज, बिना किसी कारण वजन कम होने, मल में खून आने या मल त्याग की आदतों में बड़ा बदलाव जैसे लक्षण दिखें, तो पाचन से जुड़ी किसी समस्या का पता लगाने के लिए तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। ताकि किसी भी समस्या से समय रहते बचा जा सके।

निष्कर्ष

पाचन नली में खाने, गैस और लिक्विड की हलचल के कारण पेट और आंतों की मांसपेशियां सिकुड़ती, जिससे खाना खाने के बाद पेट से आवाजें आ सकती हैं। ऐसा खाने, खाने की आदतों, स्ट्रेस, पाचन, मल त्याग की आदतों में बदलाव जैसे कारणों से भी पेट में गुड़गुड़ाहट की आवाज आने की समस्या हो सकती है। यह एक आम प्रक्रिया है, लेकिन ध्यान रहे, पाचन से जुड़ी कोई भी परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • पाचन ठीक नहीं होने के क्या लक्षण हैं?

    पाचन से जुड़ी समस्या होने पर व्यक्ति को पेट में भारीपन, एसिडिटी, गैस, दस्त, कब्ज, ब्लोटिंग, पेट में दर्द और मरोड़ होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  • पेट में गुड़गुड़ होने के क्या कारण हैं?

    कई बार भूख लगने, गैस बनाने और जल्दी-जल्दी खाना खाने जैसी आदतों के कारण व्यक्ति को पेट में गुड़गुड़ होने की समस्या हो सकती है।

Read Next

अंधेरे कमरे में फोन का इस्तेमाल करने से आंखों पर क्या असर पड़ता है? डॉक्टर से जानें

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Priyanka Sharma

Priyanka Sharma

Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Sep 13, 2026 23:10 IST

    Published By : Priyanka Sharma
    Reviewed By : Dr Anupama N K

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content