गर्मियों का मौसम आते ही शरीर को ठंडा और हाइड्रेट रखने के लिए पानी, नारियल पानी या नींबू पानी पीना पड़ता है। इसमें छाछ भी शरीर को ठंडा रखने में बहुत मदद करती है और इस वजह से छाछ गर्मियों में सबका पसंदीदा ड्रिंक बन जाता है। अगर छाछ लगातार एक महीने तक पी जाए, तो इससे शरीर को क्या फायदे या नुकसान हो सकते हैं। यह जानने के लिए हमने Dr. Chetan Sharma, Sr. Ayurveda Consultant, Sarvodaya Hospital, Faridabad से बात की।
लगातार 30 दिन तक छाछ पीने के फायदे
डॉ. चेतन कहते हैं, “आयुर्वेद में छाछ को औषधीय गुणों वाला ड्रिंक माना जाता है, लेकिन अगर इसे सही मात्रा में और सही समय पर लिया जाए, तभी शरीर को इसके सभी औषधीय फायदे मिलते हैं। हालांकि यह जानना भी जरूरी है कि छाछ हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं होती, लेकिन जो रोजाना छाछ पी सकते हैं, उनके लिए छाछ पीना सेहतमंद हो सकता है।”
डाइजेशन के लिए बेहतरीन
डॉ. चेतन के मुताबिक, “छाछ में नेचुरल प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो गट हेल्थ में अच्छे बैक्टीरिया बढ़ाते हैं। इससे डाइजेशन बेहतर होता है। गैस और ब्लोटिंग कम हो सकती है और पेट का भारीपन कम हो सकता है। गर्मियों में जिन लोगों को एसिडिटी या खाने पचने की समस्या रहती है, उन्हें इससे राहत मिल सकती है।”
छाछ पीने से शरीर ठंडा रहना
डॉ. चेतन के अनुसार, “आयुर्वेद के अनुसार छाछ शरीर के बढ़े हुए पित्त दोष को शांत करने में मदद करती है। इस वजह से शरीर की जलन कम हो सकती है और जिन लोगों को बहुत ज्यादा पसीना आने के कारण बेचैनी महसूस होती है, उन्हें राहत मिल सकती है।”

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छाछ पीने से डिहाइड्रेशन कम होना
डॉ. चेतन कहते हैं, “गर्मी में ज्यादा पसीना आने के कारण शरीर से पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स तेजी से बाहर निकलते हैं। ऐसे में छाछ पीना फायदेमंद है, क्योंकि इसमें पानी, मिनरल्स और नमक का बैलेंस होता है, जो शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद कर सकता है।”
छाछ पीने से वजन कंट्रोल में मदद मिलना
डॉ. चेतन ने कहा, “जो लोग बिना चीनी और कम नमक वाली छाछ पीते हैं, उनका पेट लंबे समय तक भरा हुआ रहता है। इससे लोगों में बार-बार कुछ खाने की आदत कम हो सकती है। छाछ लो-कैलोरी होने की वजह से वजन कम करने में सहायक है।”
छाछ पीने से स्किन में चमक आना
डॉ. चेतन कहते हैं, “लगातार छाछ पीने से शरीर में एनर्जी महसूस होती है और स्किन ज्यादा फ्रेश और ग्लोइंग दिखती है। इसकी वजह आमतौर पर पेट का डाइजेशन बेहतर होना और शरीर का हाइड्रेट होना है।”
छाछ पीने का सही तरीका
डॉ. चेतन कहते हैं, “आयुर्वेद में छाछ पीने का सही समय और सही तरीका होना जरूरी है। जो लोग लगातार 30 दिन तक छाछ पीते हैं, उन्हें छाछ दोपहर को खाना खाने के बाद पीनी चाहिए। अगर छाछ में भुना जीरा और काला नमक मिल दिया जाए, तो इसके फायदे कई गुना बढ़ जाते हैं। लोगों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि छाछ पतली ही पीनी चाहिए ताकि डाइजेशन बेहतर तरीके से हो सके।”
किन लोगों को छाछ नहीं पीनी चाहिए?
डॉ. चेतन ने इन लोगों को छाछ न पीने की सलाह दी है।
- जिन लोगों को बहुत ज्यादा बलगम बनती है या साइनस की परेशानी होती है, उन्हें छाछ नहीं पीनी चाहिए।
- जिन लोगों को दूध या डेयरी प्रोडक्ट्स लेने के बाद दस्त या पेट दर्द होता है, उन्हें छाछ से परेशानी हो सकती है।
- जोड़ों के दर्द वाले मरीजों को छाछ नहीं पीनी चाहिए। इससे शरीर में स्टिफनेस बढ़ सकती है।
निष्कर्ष
डॉ. चेतन मानते हैं कि गर्मियों में लोगों को रोजाना दोपहर में छाछ पीनी चाहिए, लेकिन आयुर्वेद में रात के समय छाछ पीना सही नहीं माना जाता। इससे शरीर में कफ बढ़ता है और खांसी-जुकाम की समस्या हो सकती है। जिन लोगों को छाछ से कोई समस्या नहीं है, उन्हें डिहाइड्रेशन से बचने के लिए और डाइजेशन को बेहतर करने के लिए रोजाना छाछ पीनी चाहिए।
FAQ
क्या खट्टी छाछ पीना सेहत के लिए ठीक है?
बहुत ज्यादा खट्टी छाछ पेट में एसिडिटी और गले में खराश पैदा कर सकती है। हमेशा ताजी या हल्की खट्टी छाछ का ही चुनाव करें।क्या छोटे बच्चों को रोज छाछ दी जा सकती है?
एक साल से ऊपर के बच्चों को गर्मियों में छाछ देना बहुत फायदेमंद है। यह उन्हें हाइड्रेटेड रखती है और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है।
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Current Version
May 08, 2026 18:02 IST
Modified By : Aneesh Rawat May 08, 2026 18:02 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Chetan Sharma