STI, सेक्शुअल एक्टिविटी के जरिए फैलने वाला संक्रमण है। आमतौर पर असुरक्षित यौन संबंध बनाने के कारण ऐसा होता है। कई बार ऐसा होता है कि व्यक्ति को STI हो जाता है, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी नहीं होती है। असल में, कई बार इसके शुरुआती लक्षणों का पता नहीं चलता है। जैसे-जैसे समय बीतता है, समस्या गंभीर हो जाती है। इसके बाद ट्रीटमेंट भी लंबा चलता है। ऐसा किसी के साथ न हो, इसके लिए बहुत जरूरी है कि आप इसके शुरुआती और अनदेखे लक्षणों के बारे में जानें ताकि समय रहते समस्या का पता चल सके। इस संबंध में हमने वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता से बात की है।
STI के शुरुआती अनदेखे लक्षण- Sti Symptoms
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1. हल्की जलन होना
डॉ. शोभा गुप्ता के अनुसार, STI होने पर पेशाब के दौरान हल्की जलन हो सकती है। आमतौर पर लोग इसे इग्नोर कर देते हैं। विशेषकर, महिलाओं के साथ यह महिलाओं के साथ यह समस्या अधिक देखने को मिलती है। ज्यादातर महिलाओं को यह यूटीआई का लक्षण लगता है। हालांकि, यूटीआई में जलन और इरिटेशन जैसी समस्या होती है। इसके बावजूद, अगर पेशाब के दौरान हल्की जलन हो, तो उसे इग्नोर न करें और अपनी जांच करवाएं।
2. पेट के निचले हिस्से में दर्द
डॉ. शोभा गुप्ता की मानें, तो आमतौर पर महिलाओं को पीरियड्स के दौरान पेट के निचले हिस्से में दर्द होता है, इसलिए इस संकेत की अक्सर अनदेखी हो जाती है। वहीं, पुरुष पेट के निचले हिस्से में दर्द को पाचन से संबंधित समस्या से जोड़कर देखते हैं। ध्यान रखें कि पेट के निचले हिस्से में दर्द होना कभी-कभी STI का संकेत भी हो सकता है।
Study: यह Canadian Journal of Infectious Diseases and Medical Microbiology के अनुसार, गर्भाशय ग्रीवा में सूजन (cervicitis) या पेट के निचले हिस्से में दर्द होना भी STI का एक लक्षण हो सकता है।
3. डिस्चार्ज में बदलाव
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डॉ. शोभा गुप्ता आगे बताती हैं, "योनि से डिस्चार्ज होना पूरी तरह सामान्य है। कई बार योनि का डिस्चार्ज की मात्रा कम या ज्यादा हो जाती है। ऐसा हार्मोनल बदलाव, पीरियड्स आदि के कारण होता है। यही कारण है कि इसे बमुश्किल ही कोई STI से जोड़कर देखता है, जबकि STI के शुरुआती संकेतों में से एक है डिस्चार्ज में बदलाव। आमतौर पर इसके रंग, टेक्सचर और गंध में जरा भी बदलाव दिखे तो एक बार STI की जांच जरूर करवा लें।"
The BMJ (British Medical Journal) में प्रकाशित एक क्लिनिकल समीक्षा के अनुसार, STI में महिलाओं को योनि से डिस्चार्ज होता है। इसके टेक्सचर में भी बदलाव नोटिस किया जा सकता है। हालांकि, स्राव के बाहरी रूप को देखकर STI का सटीक पता नहीं लगाया जा सकता। इसका कारण जानने के लिए यौन स्वास्थ्य स्क्रीनिंग आवश्यक है।
4. दो पीरियड्स के बीच स्पॉटिंग
Mayo Clinic की मानें, तो STI, जैसे क्लैमाइडिया, HPV या गोनोरिया जैसी स्थिति होने पर महिला को दो पीरियड्स के बीच ब्लीडिंग हो सकती है या पीरियड्स के दौरान हैवी ब्लीडिंग भी हो सकती है। हालांकि, ये दोनों स्थितियां STI से संबंधित महसूस नहीं होती हैं। अगर किसी भी महिला पीरियड साइकिल में किसी भी तरह के बदलाव महसूस हों, तो उन्हें इसको इग्नोर नहीं करना चाहिए।
5. गले में खराश
डॉ. शोभा गुप्ता की मानें, तो STI होने पर गले में खराश जैसी समस्या भी हो सकती है। आमतौर पर ओरल सेक्स (Oral Sex) के माध्यम से होने वाले क्लैमाइडिया और गोनोरिया जैसे STI होने पर गले में खराश की समस्या हो सकती है। यह समस्या इतनी सामान्य लगती है कि गले में खराश होने पर हम इसे कॉमन कोल्ड से जोड़कर देखते हैं। हालांकि, गोनोरिया में गले में खराश के साथ-साथ मुंह में सूजन और रेडनेस भी दिखाई देती है। इसी तरह, क्लैमाइडिया होने पर गले में खराश और सूखी खांसी की समस्या हो सकती है।
6. घाव होना
डॉ. शोभा गुप्ता के अनुसार, "सिफलिस जैसे STI होने पर गुप्तांग, मुंह या गुदा जैसे हिस्सों में घाव या अल्सर हो सकता है। चूंकि, यह समस्या होने पर कुछ दिनों में अपने आप ठीक भी हो जाता है, इसलिए इसको STI से जोड़कर देखना काफी मुश्किल होता है। हालांकि, सिफलिस में घाव बार-बार होते हैं और ठीक हो जाते हैं। अगर किसी के साथ ऐसा हो, तो उन्हें जल्द से जल्द STI की जांच करवानी चाहिए।"
7. वजाइनल इचिंग

डॉ. शोभा गुप्ता के मुताबिक, "यूं तो किसी भी वजह से वजाइनल इचिंग हो सकती है, जैसे गंदे कपड़े पहनना, यूटीआई होना या अन्य समस्याएं। चूंकि, यह इतनी सामान्य समस्या है, इसलिए STI के शुरुआती लक्षण के तौर पर कम लोग ही देखते हैं। डाॅक्टर की मानें, तो वजाइनल इचिंग भी STI का एक अनदेखा लक्षण हो सकता है। विशेषज्ञ बताते हैं जेनिटल हर्पीस, गोनोरिया और एचपीवी जैसे STI में वजाइना और एनल में खुजली होती है। हालांकि, इसे कंफर्म करने के लिए टेस्ट की आवश्यकता है।"
निष्कर्ष
डॉ. शोभा गुप्ता कहती हैं, STI के शुरुआती लक्षण बहुत सामान्य हैं, जैसे गले में खराश, वजाइनल इचिंग, दो पीरियड्स के बीच ब्लीडिंग होना आदि। ये सभी संकेत अपने आप में भी एक समस्या है और STI के लक्षण भी हो सकते हैं। इसलिए, अगर लंबे समय तक उक्त परेशानी बनी रहे, तो उसे इग्नोर न करें। वैसे यौन संबंध बनाने के दौरान कंडोम का इस्तेमाल करना STI से बचने के लिए सबसे आसान और प्रभावी तरीका है। साथ ही, ध्यान रखें कि एक से अधिक पार्टनर इसके जोखिम को बढ़ा सकता है।
नोट: यहां बताए गए सभी लक्षण एसटीआई में नजर आ सकते हैं। हालांकि, सिर्फ इन्हें ही STI के संकेत मानना सही नहीं है। आप अपने स्वास्थ्य में हो रहे बदलाव पर नजर रखें और जरूरी लगे तो अपनी जांच करवाएं।
All Image Credit: Magnific
FAQ
STI के लक्षण न दिखने पर भी क्या पार्टनर को यह संक्रमण हो सकता है?
इस तरह के STI को एसिम्टोमैटिक कैरीयर कहा जाता है। क्लैमाइडिया, गोनोरिया और एचपीवी (HPV) जैसे कई STI ऐसे होते हैं, जो शरीर में मौजूद रहने के बावजूद महीनों या सालों तक कोई लक्षण नहीं दिखाते। ऐसे में यौन संबंध बनाने पर पार्टनर को भी संक्रमण हो सकता है।STI टेस्ट कराने के लिए डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?
अगर कोई लंबे समय तक असुरक्षित यौन संबंध बनता है, तो उन्हें समय-समय पर STI की जांच करवाते रहना चाहिए।
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Aug 03, 2026 11:48 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shobha Gupta