Fri Sep 11, 2026 | 07:30 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

गट हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकते हैं ये 4 सप्लीमेंट्स, सेवन से पहले जान लें ये बात

अगर कब्‍ज, पेट दर्द, अपच जैसी गट हेल्‍थ की समस्‍याएं हो रही हैं, तो हो सकता है आप कुछ सप्‍लीमेंट का गलत ढंग से सेवन कर रहे हों। जानें ऐसे 4 सप्‍लीमेंट के बारे में जो गट हेल्‍थ को खराब कर सकते हैं। 

आजकल फिट रहने और शरीर में पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने के लिए सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह के ही सप्लीमेंट्स लेना शुरू कर देते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि ये पूरी तरह सुरक्षित होते हैं, लेकिन हर सप्लीमेंट हर व्यक्ति के लिए फायदेमंद हो, यह जरूरी नहीं है। कुछ सप्लीमेंट्स का गलत तरीके से या जरूरत से ज्यादा सेवन करने पर इसका असर आपकी गट हेल्थ यानी आंतों की सेहत पर पड़ सकता है। जानें ऐसे 4 सप्‍लीमेंट्स के बारे में जो गट हेल्‍थ को खराब कर सकते हैं। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

1. आयरन सप्‍लीमेंट

आयरन सप्‍लीमेंट से गट हेल्‍थ खराब हो सकती है। आयरन सप्‍लीमेंट से कब्‍ज की समस्‍या हो सकती है। इससे डायर‍िया, गैस, जी म‍िचलाना, उल्‍टी, पेट दर्द जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। अगर आयरन सप्‍लीमेंट लेने से पाचन की समस्‍याएं हो रही हैं, तो उसे खाली पेट लेने के बजाय एक मील के साथ लें।

यह भी पढ़ें- आयरन सप्लीमेंट्स के साथ क्या खाएं कि खून तेजी से बढ़े?

2. व‍िटाम‍िन डी सप्‍लीमेंट

vitamin-D-bad-for-gut-health

व‍िटाम‍िन डी का सेवन इम्‍यून‍िटी, बोन हेल्‍थ और नसों के ल‍िए जरूरी है। व‍िटाम‍िन डी सप्‍लीमेंट का सेवन करने से भी कुछ लोगों की गट हेल्‍थ खराब हो सकती है। इससे जी म‍िचलाना, उल्‍टी, भूख की कमी, वेट लॉस जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। हालांक‍ि यह एक फैट सॉल्‍युबल सप्‍लीमेंट है लेक‍िन गलत ढंग से इसका सेवन करने से पाचन खराब हो सकता है। व‍िटाम‍िन डी के सेवन के साथ फैट की भी सही मात्रा का सेवन जरूरी है।

यह भी पढ़ें- विटामिन C कम कर सकता है कैंसर का खतरा, नई स्टडी में खुलासा

3. व‍िटाम‍िन सी सप्‍लीमेंट

ज्‍यादा मात्रा में व‍िटाम‍िन सी का सेवन करने से पाचन से संबंधि‍त समस्‍याओं का खतरा बढ़ जाता है। व‍िटाम‍िन सी की कमी से डायर‍िया, ब्‍लोटि‍ंग, जी म‍िचलाना, पेट में दर्द जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। कच्‍चे फल और सब्‍ज‍ियों में व‍िटाम‍िन सी पाया जाता है और ज्‍यादा मात्रा में इसे लेने से पाचन खराब हो सकता है। हालांक‍ि व‍िटाम‍िन सी का सीम‍ित सेवन इम्‍यून‍िटी, बोन हेल्‍थ और ट‍िशूज के ल‍िए जरूरी है।

यह भी पढ़ें- क्या 40 की उम्र के बाद हड्डियों को मजबूत रखने के लिए सिर्फ वॉक काफी है? जानें डॉक्टर का जवाब

4. कैल्‍श‍ियम सप्‍लीमेंट

मजबूत हड्ड‍ियों और स्‍वस्‍थ शरीर के ल‍िए कैल्‍शि‍यम एक जरूरी सप्‍लीमेंट है। हालांक‍ि कैल्‍श‍ियम का ज्‍यादा सेवन करने से कुछ लोगों को ब्‍लोट‍िंग, डायर‍िया, कब्‍ज, जी म‍िचलाना, पेट में दर्द या गैस जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। कैल्‍श‍ियम सप्‍लीमेंट लेने से पहले डॉक्‍टर से सलाह जरूर लेनी चाह‍िए। साथ ही कैल्‍श‍ियम सप्‍लीमेंट को मैग्नीशियम या आयरन सप्‍लीमेंट के साथ न लें।

न‍िष्‍कर्ष:

कुछ सप्‍लीमेंट्स का गलत ढंग से सेवन करने के कारण गट हेल्‍थ प्रभाव‍ित हो सकती है। आयरन, कैल्‍श‍ियम, व‍िटाम‍िन डी और व‍िटाम‍िन सी सप्‍लीमेंट्स से पेट दर्द, अपच, गैस जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं।

Read Next

क्‍या अंडा खाना हार्ट हेल्‍थ के ल‍िए वाकई फायदेमंद है? जानें एक्सपर्ट से

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Jun 16, 2026 21:48 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jun 16, 2026 21:48 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content