कुछ लोग डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, थायराइड, हार्ट की बीमारी या अर्थराइटिस जैसी बीमारियों से जूझ रहे होते हैं और उन्हें रोजाना कई दवाएं एक साथ लेनी पड़ती हैं। कुछ दवाएं सुबह नाश्ते के बाद लेनी होती हैं, और कुछ दवाएं नाश्ता करने के 1 या 2 घंटे बाद लेनी पड़ती हैं। ऐसे में दवाओं का पूरा रूटीन याद रखना भी कई बार मुश्किल हो जाता है। इसलिए कुछ लोग दवाएं एक साथ ही ले लेते हैं। इस बारे में दिल्ली के ISIC Multispeciality Hospital के Internal Medicine की Senior Consultant Dr. Vineeta Singh Tandon ने बताया कि कुछ दवाएं एक साथ लेने से एक-दूसरे के असर को बदल सकती हैं या साइड इफेक्ट्स का रिस्क बढ़ा सकती हैं। इसलिए सिर्फ दवा लेना ही नहीं, बल्कि उसे सही तरीके से लेना बहुत जरूरी है।
एक साथ कई दवाएं लेते समय 5 सावधानियां
Medline Plus के अनुसार, दवाओं की लिस्ट तैयार करना जरूरी, अगर कोई दवा नई लिखी गई है, तो उसके बारे जरूर पूछें, दवा ठीक वैसे ही लें, जैसे डॉक्टर ने बताई है और साइड इफेक्ट्स होने पर खुद से दवा लेना बंद न करें, बल्कि डॉक्टर से सलाह लें।
Dr. Vineeta Singh Tandon कहती हैं, “कई दवाएं लेने वाले मरीजों को अपनी दवाओं का पूरा रिकॉर्ड रखना चाहिए और डॉक्टर की सलाह के बिना किसी भी दवा में बदलाव नहीं करना चाहिए। एक साथ दवाएं लेते समय मरीजों को कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है।”
1. डॉक्टर को अपनी सभी दवाओं के बारे में बताएं
Dr. Vineeta Singh Tandon का कहना है, “अगर मरीज अलग-अलग बीमारियों के लिए अलग-अलग डॉक्टरों से इलाज करा रहे हैं, तो हर डॉक्टर को अपनी चल रही दवाओं की जानकारी देना जरूरी है। ऐसा न करने पर दो दवाओं के बीच रिएक्शन यानी ड्रग इंटरैक्शन का रिस्क बढ़ सकता है। सिर्फ डॉक्टर की लिखी दवाएं ही नहीं, बल्कि विटामिन, आयुर्वेदिक या हर्बल सप्लीमेंट या किसी भी तरह की कोई दवा ले रहे हैं, तो उसके बारे में भी डॉक्टर को बताएं। कई बार लोग इसे नॉर्मल दवाएं समझकर नहीं बताते।”
2. दवा लेने का समय और तरीका याद रखें
Dr. Vineeta Singh Tandon ने बताया कि हर दवा लेने का तरीका एक जैसा नहीं होता। कुछ दवाएं खाली पेट लेने की सलाह दी जाती है, तो कुछ खाना खाने के बाद लेना बेहतर होता है। इसलिए सभी दवाओं को एक ही समय लेना सही नहीं होता और अगर मरीज दवा लेने का समय बार-बार भूल रहा हो, तो मोबाइल में अलार्म लगाया जा सकता है।
अगर कभी दवा लेने का समय छूट जाए, तो अपनी तरफ से अगली खुराक दोगुनी न करें। दवा की कितनी खुराक लेनी चाहिए, इसके लिए डॉक्टर की सलाह जरूर लें। इसके अलावा, जब भी डॉक्टर के पास जाएं, तो दवाओं का पूरा रिकॉर्ड लेकर जाएं।
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3. अपनी मर्जी से दवा शुरू या बंद न करें
Dr. Vineeta Singh Tandon ने कहा, “मैंने कई मरीज ऐसे देखे हैं, जो थोड़ा सा ठीक होने पर दवा लेना बंद कर देते हैं। कुछ लोग किसी के कहने पर दवा का डोज या समय भी बदल देते हैं। ऐसा करने पर बीमारी ठीक होने के बजाय गंभीर हो सकती है। इसलिए बिना सलाह के न तो नई दवा शुरू करें और न ही बंद करें।
4. दवा लेने के बाद शरीर के बदलावों पर ध्यान दें
Dr. Vineeta Singh Tandon के अनुसार, जब भी कोई नई दवा शुरू की जाती है, तो मरीजों को सलाह दी जाती है कि अगर दवा लेने के बाद चक्कर, ज्यादा नींद, पेट खराब या स्किन पर लाल चकत्ते आने जैसी परेशानी हो, तो डॉक्टर को जरूर बताए, लेकिन खुद से दवा बंद न करें। अगर किसी को दवा लेने के बाद सांस लेने में परेशानी, चेहरे या गले में सूजन जैसी गंभीर एलर्जी या इंफेक्शन के लक्षण हों, तो तुरंत इमरजेंसी में डॉक्टर को दिखाएं।
5. रेगुलर चेकअप और फॉलो-अप कराएं
Dr. Vineeta Singh Tandon कहती हैं, “अगर मरीज एक साथ कई दवाएं ले रहा है, तो उसे समय-समय पर डॉक्टर से फॉलो-अप करना जरूरी है। इससे पता चलता है कि दवाएं बीमारी को सही तरह से कंट्रोल कर रही हैं या इलाज में बदलाव की जरूरत है। कुछ दवाओं के इस्तेमाल के दौरान डॉक्टर किडनी, लिवर या हार्ट की जांच कराने की सलाह दे सकते हैं। यह दवाओं और उनके डोज पर निर्भर करता है।”
निष्कर्ष
कुछ लोगों को एक से ज्यादा बीमारी होने पर की कई दवाएं एक-साथ लेते हैं, लेकिन जब भी दवाओं को एक साथ लेना हो, तो कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए, ताकि किसी भी तरह की मेडिकल इमरजेंसी की जरूरत न पड़े। अगर दवा के बाद कोई असामान्य लक्षण दिखाई दे, तो डॉक्टर को जरूर बताएं। डॉक्टर से रेगुलर चेकअप और डोज की जानकारी लेते रहें।
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FAQ
कई दवाएं खाते समय लिवर और किडनी को सुरक्षित रखने के लिए कौन से टेस्ट कराने चाहिए?
लंबे समय से रेगुलर दवाएं ले रहे मरीजों को डॉक्टर की सलाह से साल में एक से दो बार LFT और KFT/RFT कराना चाहिए ताकि अंगों पर दवाओं के दुष्प्रभाव का समय रहते पता चल सके।आयुर्वेदिक या हर्बल काढ़े और एलोपैथिक दवाएं एक साथ लेने से क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?
कई आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां या काढ़े एलोपैथिक दवाओं जैसे ब्लड थिनर्स, शुगर और बीपी की दवाओं के साथ रिएक्ट करके अचानक बहुत तेजी से ब्लड शुगर कम कर सकते हैं या इंटरनल ब्लीडिंग का कारण बन सकते हैं।
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Sep 24, 2026 16:10 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Vineeta Singh Tandon
