Fri Sep 11, 2026 | 07:29 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

बार-बार मिसकैरेज का कारण कहीं मोटापा तो नहीं? डॉक्टर से समझें कनेक्शन

Recurrent Miscarriages: मोटापे के कारण मिसकैरेज हो सकता है। आखिर इनके बीच क्या संबंध है और ऐसा क्यों होता है? आइए, इस लेख में विस्तार से जानते हैं इसके बारे में और जानेंगे कि गर्भपात के जोखिम को कैसे कम करें?

महिलाओं को कंसीव करने के बाद जितनी खुशी होती है, उतना ही दुख मिसकैरेज होने पर होता है। वैसे तो मिसकैरेज के पीछे कई तरह के कारण जिम्मेदार होते हैं। यह भी माना जाता है कि मोटापा भी मिसकैरेज की एक वजह होता है। यहां सवाल उठता है कि क्या वाकई ऐसा है? हां, तो इससे कैसे नियंत्रित किया जा सकता है? ये जानने के लिए हमने Mumma's Blessing IVF और वृंदावन स्थित Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता से बात की है।

क्या मोटापे के कारण बार-बार मिसकैरेज हो सकता है?

does obesity increase heart rate 01 (14)

यह पूरी तरह सच है कि बार-बार हो रहे मिसकैरेज या गर्भपात के पीछे एक बड़ा कारण मोटापा हो सकता है। 2025 में Reproductive Biology and Endocrinology में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, "जब दो या इससे अधिक बार गर्भधारण का नुकसान होता है, तो उसे मिसकैरेज के रूप में परिभाषित किया जाता है। बहरहाल, अध्ययन से पता चलता है कि वजन नियंत्रित न किया जाए, तो यह मिसकैरेज की वजह बन सकता है।" डाॅ. शोभा गुप्ता भी इसे आसान शब्दों में समझाती हैं, "मोटापा ओव्यूलेशन (अंडे बनने की प्रक्रिया) को बाधित करके, अंडे और भ्रूण की गुणवत्ता को कम करके और गर्भाशय की परत को खराब करके प्रजनन सफलता को प्रभावित करता है। इस तरह की स्थिति बार-बार हो सकती है। इसलिए, इसे बार-बार हो रहे मिसकैरेज का कारण माना जा सकता है।"

इसे भी पढ़ें: मोटापे से भी प्रभावित हो सकती है फर्टिलिटी, डॉक्टर से जानें कैसे?

मिसकैरेज से बचने के लिए क्या करें?

अगर मोटापे से ग्रस्त महिलाएं मिसकैरेज से बचना चाहती हैं, तो उन्हें डाॅक्टर द्वारा बताए गए टिप्स को अपनाना चाहिए-

  • वजन संतुलित करेंः यह सबसे जरूरी है। मोटापा कई तरह की समस्याएं खड़ी करता है। मिसकैरेज न हो, इसके लिए जरूरी है कि अपने बीएमआई को सामान्य रेंज में लाने की कोशिश करें।
  • क्रैश डाइट से बचेंः कई महिलाएं हेल्दी प्रेग्नेंसी की चाह में क्रैश डाइट करने लगती हैं। यह सही नहीं है। हमेशा धीमी गति में वजन कम करें और इस संबंध में एक्सपर्ट की सलाह लेनी चाहिए।
  • एक्सपर्ट की मदद लेंः कई बार जीवनशैली में हेल्दी आदतें अपनाने के बावजूद मिसकैरेज जैसी दुर्घटनाएं हो जाती हैं। इससे बचने के लिए बहुत जरूरी है कि कंसीव करने से पहले डाॅक्टर से मिलें और उनकी दी हुई सलाह अपनाएं। अगर कोई मेडिकल कंडीशन जैसे थायराइड या ब्लड प्रेशर है, तो इसका जिक्र भी डाॅक्टर से करें।

इसे भी पढ़ें: क्या वाकई मोटापा इररेगुलर पीरियड्स का कारण बन सकता है? जानें डॉक्टर से

निष्कर्ष

बार-बार मिसकैरेज होना सही नहीं है। यह महिलाओं को न सिर्फ शारीरिक रूप से तोड़ता है, बल्कि मानसिक रूप से भी कमजोर कर देता है। कई महिलाएं अवसाद की स्थिति तक पहुंच जाती हैं। ऐसा किसी के साथ न हो, इसलिए कंसीव करने से पहले कुछ ठोस कदम उठाएं। विशेषकर अपने वजन को लेकर सावधानी बरतें और BMI (Body Mass Index) को मैनेज करें।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • क्या थोड़ा सा वजन कम करने से भी मिसकैरेज का खतरा कम हो सकता है?

    डॉ. शोभा बताती हैं कि गर्भधारण से पहले अपने कुल वजन का केवल 5-10% कम करने से भी ओव्यूलेशन में सुधार होने लगता है, जो कि कंसीव करने और स्वस्थ गर्भावस्था की संभावना को बढ़ाता है।
  • क्या केवल महिलाओं का मोटापा ही मिसकैरेज के लिए जिम्मेदार है?

    नहीं, पुरुषों में मोटापे के कारण स्पर्म क्वालिटी खराब हो सकती है, जो कि भ्रूण के विकास में बाधा डाल सकता है और गर्भपात का कारण बन सकता है।
  • प्रेग्नेंसी के दौरान वजन कम करना सुरक्षित है?

    प्रेग्नेंसी के दौरान वजन बढ़ना सामान्य है। इन दिनों महिलाओं को वेट लॉस की कोशिश नहीं करनी चाहिए। यह सेफ नहीं होता है। 

Read Next

प्रेग्नेंसी में एनीमिया कब खतरनाक हो सकता है? डॉक्टर के पास कब जाएं

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Apr 30, 2026 11:41 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Apr 30, 2026 11:41 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Shobha Gupta

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content