Thu Nov 5, 2026 | 06:25 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

खराब AQI में गुड़ खाना फायदेमंद है या सिर्फ एक मिथक? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट

खराब AQI में गुड़ खाना फायदेमंद है। इसका सेवन करने से गले की खराश कम होती है और बॉडी डिटॉक्स होती है। हालांकि, इसका सेवन कितनी मात्रा में करना चाहिए, यह जानना भी काफी जरूरी है।
खराब AQI में गुड़ खाना फायदेमंद है या सिर्फ एक मिथक? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्टखराब AQI में गुड़ खाना फायदेमंद है या सिर्फ एक मिथक? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट

आपने अकसर सुना होगा कि एयर क्वालिटी खराब होते ही लोग गुड़ खाने की सलाह देते हैं। सालों से यह माना जाता रहा है कि प्रदूषित हवा में अपने फेफड़ों को साफ रखने के लिए गुड़ का सेवन करना फायदेमंद होता है। हालांकि, यह सवाल जरूर उठता है कि क्या वाकई खराब AQI में गुड़ खाना फायदेमंद होता है या फिर यह महज एक मिथक है?

इस बारे में रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा (Ayurvedic doctor Shrey Sharma from Ramhans Charitable Hospital) कहते हैं, "आयुर्वेद की मानें, तो खराब AQI में सीमित मात्रा में गुड़ खाने की खास सलाह दी जाती है। यह श्वसन तंत्र और गले के लिए फायदेमंद माना जाता है। असल में, गुड़ की तासीर गर्म होती है, जो गले में फंसे बलगम को निकालने तथा गले की खराश को शांत करने में मदद करता है।"

क्या वाकई खराब AQI में गुड़ खाना फायदेमंद है?

Is It Good To Eat Jaggery In Poor AQIIs It Good To Eat Jaggery In Poor AQI

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साल 2009 में Food Chemistry में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चला है कि सफेद (रिफाइंड) चीनी की तुलना में अपरिष्कृत गुड़ में फेनोलिक कंपाउंड की मात्रा काफी अधिक होती है, जिसके कारण इसमें शक्तिशाली फ्री-रेडिकल विरोधी क्षमता पाई जाती है। इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि गुड़ में मौजूद बायोएक्टिव घटक शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में सहायता करते हैं। इसका मतलब है कि वाकई गुड़ सेहत के लिए फायदेमंद हैं।

वहीं, 1994 में ACS Publications में प्रकाशित एक अध्ययन से इस बात का खुलासा हुआ था कि धूल भरे माहौल (जैसे कोयला खदानों या कपड़ा मिलों) में काम करने वाले मजदूरों को दिया जाने वाला गुड़ उनके फेफड़ों की प्राकृतिक सफाई को कुछ हद तक सपोर्ट करता है।

खराब AQI में गुड़ खाने के फायदे

  • बॉडी डिटॉक्स करनाः खराब AQI में गुड़ खाने से शरीर डिटॉक्स होता है। विशेषकर, रेस्पिरेटरी सिस्टम डिटॉक्सिफिकेशन मोड में चला जाता है। गुड़ फूड पाइप और ऊपरी श्वसन मार्ग से कफ व म्यूकस साफ करने में मदद करता है। हालांकि, यह फेफड़ों की वायु-कोशिकाओं (alveoli) या खून में घुले PM2.5 कणों को सीधे बाहर नहीं निकाल सकता। 
  • ऑक्सीडेटिव तनाव में कमीः चूंकि, गुड़ एंटीऑक्सीडेंट्स आदि का बेहतरीन स्रोत है। जब प्रदूषण का स्तर बढ़ जाए, तो अपने रोजमर्रा के खाने की चीजों में सीमित मात्रा में गुड़ भी शामिल करें। इससे ऑक्सीडेटिव तनाव कम होता है और सेलुलर डैमेज में भी कमी आती है।
  • सूजन में कमीः जब आप लंबे समय तक खराब और प्रदूषित हवा में सांस लेते हैं, तो इसकी वजह से एयरवेज में सूजन आ जाती है। ऐसे में सांस लेना भी कई बार काफी मुश्किल हो जाता है। वहीं, जब आप सीमित मात्रा में गुड़ खाते हैं, तो इससे गले की इरिटेशन कम होती है, एयरवेज की सूजन का स्तर घटता है और सीने सीने के भारीपन में भी कमी आती है।
  • ऑक्सीजन सप्लाई में सुधारः गुड़ आयरन का बेहतरीन स्रोत है। इसका सेवन करने से हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ता है। ब्लड में ऑक्सीजन कैरी करने की क्षमता में भी सुधार होता है।

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एक्सपर्ट की सलाह

इसमें कोई दो राय नहीं है कि गुड़ हमारी सेहत के लिए फायदेमंद है। विशेषकर, प्रदूषित हवा में इसका सेवन करने से गले की खराश कम होती है, एयरवेज की सूजन में कमी आती है। हालांकि, इसे कितनी मात्रा में लेना है, कब लेना है और किस तरह की सावधानियां बरतनी है, यह जानना भी जरूरी है। जैसे सिर्फ 5-10 ग्राम गुड़ की मात्रा पर्याप्त होती है। इसे आप लंच या डिनर के बाद खा सकते हैं या आप इसे हर्बल चाय में मिलाकर भी पी सकते हैं। लेकिन हमेशा अपने लिए सही गुड़ का ही चयन करें। जैसे डार्क और अनरिफाइंड गुड़ का सेवन करना सेहत के लिए अच्छा होता है।

निष्कर्ष

दिनों-दिन दिल्ली-NCR जैसे क्षेत्रों में एयर क्वालिटी खराब होती जा रही है। ऐसे में न सिर्फ बाहर की प्रदूषित हवा से खुद को बचाना जरूरी है, बल्कि क्या खाना चाहिए, इस पर भी नजर रखनी चाहिए। इन दिनों आप अपनी डाइट में गुड़ की सीमित मात्रा को भी शामिल करें। हां, इस बात का ध्यान रखें कि अगर आपको डायबिटीज या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो बेहतर है कि गुड़ को डाइट में शामिल करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर ले लें।

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FAQ

  • क्या वायु प्रदूषण बढ़ने पर गुड़ के साथ अदरक या सोंठ का सेवन कर सकते हैं?

    हां, गुड़ के साथ सोंठ (सूखा अदरक) या काली मिर्च मिलाने से इसकी ब्रोन्कोडायलेटर क्षमता बढ़ जाती है, जिससे कफ तेजी से पिघलता है और सांस नली की सूजन कम होती है।
  • क्या खाली पेट सुबह गुड़ की चाय पीने से फेफड़ों पर प्रदूषण का असर कम होता है?

    नहीं, खाली पेट ज्यादा गुड़ खाने या चाय पीने से एसिडिटी बढ़ सकती है; इसे हमेशा भोजन के बाद एक छोटे टुकड़े के रूप में लेना चाहिए।

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Meera Tagore

Health Journalist

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Nov 05, 2026 17:41 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma