बहुत से लोगों को मछली खाना बहुत ज्यादा पसंद होता है। ये उनकी डाइट का हिस्सा रहता है और कुछ लोग तो इसे रोज खाना पंसद करते हैं। दरअसल, मछली खाने से शरीर के अंगों की अच्छी ग्रोथ होती है जैसे कि ब्रेन हेल्थ बेहतर होता है और आंखों की रोशनी भी बढ़ती है। इतना ही नहीं, मछली खाना आपको कई बीमारियों से भी बचा सकता है जैसे कि न्यूरॉन्स की समस्या और मासंपेशियों की दिक्कत। इसके अलावा भी मछली खाने के कई फायदे हैं लेकिन क्या हर रोज मछली खाना फायदेमंद है? क्या रोज मछली खाने से आपकी सेहत प्रभावित नहीं होगी, क्या इससे शरीर को नुकसान नहीं होगा? आइए, जानते हैं इन तमाम चीजों के बारे में Ms. Edwina Raj, Head of Services - Clinical Nutrition & Dietetics, Aster CMI Hospital, Bangalore
क्या रोजाना मछली खाना सुरक्षित है-Is Eating Fish Daily Safe?
Nutrionist Edwina बताती हैं कि हफ्ते में दो या तीन बार मछली खाने की सलाह दी जाती है, लेकिन यह मछली के प्रकार और मात्रा पर निर्भर करता है। मछली उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन और खनिजों का समृद्ध स्रोत है जो हृदय और मस्तिष्क के स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं। नियमित रूप से मछली का सेवन हृदय रोग के जोखिम को कम करने, कोलेस्ट्रॉल घटाने और याददाश्त व मनोदशा को बेहतर बनाने में सहायक होता है। लाल मांस की तुलना में मछली आसानी से पच जाती है और सूजन कम करती है, साथ ही मांसपेशियों की मरम्मत और विकास में भी मदद करती है। कुछ मछलियों में विटामिन डी होता है, जो हड्डियों के स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
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रोज मछली खाने के हैं कुछ जोखिम-
आगे Nutrionist Edwina बताती हैं कि हालांकि, रोजाना मछली खाने से कुछ जोखिम (is eating fish everyday good or bad) भी होते हैं।
- कुछ मछलियां, विशेष रूप से शार्क, स्वोर्डफिश और किंग मैकेरल जैसी बड़ी और लंबी उम्र वाली मछलियों में पारे (mercury) की मात्रा अधिक हो सकती है। अधिक मात्रा में पारा तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है, खासकर बच्चों और गर्भवती महिलाओं में।
- रोजाना तली हुई या ज्यादा प्रोसेस्ड मछली खाने से शरीर में अनहेल्दी फैट की मात्रा बढ़ती है और सोडियम का सेवन बढ़ सकता है।
- कुछ लोगों को मछली से एलर्जी भी हो सकती है।
- अगर आपका यूरिक एसिड बढ़ा रहता है तो मछली की मात्रा और प्रकार पर जरूर ध्यान दें।
क्या है एक्सपर्ट का सुझाव
रोजाना मछली खाने को लेकर न्यूट्रिशनिस्ट बताती हैं कि सुरक्षित रहने के लिए, सैल्मन, सार्डिन, रोहू, कैटला और मैकेरल जैसी कम पारे वाली मछलियों का चुनाव करना सबसे अच्छा है। पारे वाली मछलियों का सेवन आपको सीमित मात्रा में करना चाहिए और संक्रमण के जोखिम को कम करने के लिए कच्ची या अधपकी मछली खाने से बचें। मछली को करी, ग्रिल, स्टीम या बेक करके पकाना डीप फ्राई करने की तुलना में अधिक स्वास्थ्यवर्धक है।
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अधिकांश लोगों के लिए सप्ताह में दो से तीन बार मछली खाना आदर्श है। अगर आप रोजाना मछली खाने की योजना बना रहे हैं, तो विभिन्न प्रकार की मछलियां चुनें, मात्रा को नियंत्रित करें और अगर आपको कोई स्वास्थ्य संबंधी चिंता है तो डॉक्टर से सलाह लें। अपने मन से किसी भी चीज को फॉलो न करें क्योंकि ज्यादा मछली का सेवन कई बार कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की भी वजह बन सकता है जिससे दिल को नुकसान हो सकता है।
FAQ
क्या शुगर में मछली खाना चाहिए?
शुगर में आप मछली खा सकते हैं लेकिन ज्यादा मात्रा में इसके सेवन से बचें क्योंकि कई बार इससे आपका कोलेस्ट्रॉल लेवल भी बढ़ सकता है। इसके अलावा आप मछली खा भी रहें तो संतुलित तरीके से खाएं और ज्यादा प्रोटीन वाली मछली का चुनाव करें।हार्ट पेशेंट को कौन सी मछली खानी चाहिए?
हार्ट पेशेंट को हेल्दी फैटयुक्त मछलियों का सेवन ही करना चाहिए जिनमें ओमेगा-3 फैटी एसिड की मात्रा अधिक होती है जैसे एंकोवी, मैकेरल, ब्लैक कॉड, सैल्मन, ब्लूफिन टूना और स्ट्राइप्ड बास।हाई बीपी वाले मछली खा सकते हैं क्या?
हाई बीपी के मरीज मछली खा सकते हैं बस ज्यादा मात्रा में इसके सेवन से बचें क्योंकि ज्यादा फैट का सेवन कोलेस्ट्रॉल लेवल को बढ़ा सकता है जिससे आपके ब्लड वेसेल्स को नुकसान हो सकता है।
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Jan 31, 2026 10:17 IST
Modified By : Pallavi Kumari Jan 31, 2026 10:17 IST
Published By : Pallavi Kumari
Reviewed By : Edwina Raj