ज्यादातर लोगों के घरों में लोहे की कढ़ाई या बर्तन मिल जाएंगे। बचपन से यह सुना है कि लोहे की कढ़ाई में खाना पकाना सेहतमंद होता है। पिछले हफ्ते मेरी ननद को आयरन की कमी के कारण हॉस्पिटल में भर्ती करना पड़ा। डॉक्टर ने उसे लोहे की कढ़ाई में खाना पकाकर खाने की सलाह दी। मैं भी ज्यादातर लोहे की कढ़ाई में ही खाना बनाती हूं, लेकिन मन में एक सवाल आता है कि क्या रोज लोहे के बर्तन में खाना पकाना सुरक्षित है? इस सवाल का जवाब आगे जानेंगे।
लोहे की कढ़ाई को रोज इस्तेमाल करना कितना सुरक्षित है?
Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow ने बताया कि स्वस्थ व्यक्ति के लिए लोहे की कढ़ाई में रोज खाना बनाना सुरक्षित माना जाता है। शरीर केवल उतना ही आयरन अब्जार्ब करता है, जितनी उसे जरूरत होती है। अतिरिक्त आयरन आमतौर पर शरीर में जमा नहीं होता। हालांकि, कुछ लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए, जैसे:
- जिन्हें हीमोक्रोमैटोसिस है
- जिनके शरीर में आयरन लेवल ज्यादा है
लोहे की कढ़ाई में रोजना खाना बनाना ज्यादातर लोगों के लिए, खासकर आयरन की कमी वाले लोगों के लिए, काफी हद तक सुरक्षित और न्यूट्रिशन के लिहाज से फायदेमंद है। आयरन की कढ़ाई खाने में फायदेमंद नॉन-हीम आयरन छोड़ती है, जिससे हीमोग्लोबिन 0.64 से 1.2 g/dL बढ़ सकता है और एनीमिया से लड़ता है। आयरन के बर्तन दाल, सब्जी, रोटी बनाने के लिए अच्छे हैं। हालांकि एसिडिक यानी खट्टी चीजों को लोहे के बर्तन में नहीं पकाना चाहिए।
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क्या कहती हैं स्टडी?

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की एक साल 2025 की स्टडी के मुताबिक,
लोहे के बर्तनों में खाना पकाने से भोजन में आयरन की मात्रा बढ़ जाती है। स्टडी में आयरन के बर्तन में खाने से हीमोग्लोबिन लेवल में सुधार देखा गया है। स्टडी में यह भी बताया गया है कि आयरन की मात्रा बढ़ना कई चीजों पर निर्भर करता है जैसे खाना कितनी देर पक रहा है, बर्तन कैसा है वगैरह। जिन लोगों में आयरन की कमी है उनके लिए लोहे की कढ़ाई में पका खाना फायदेमंद है।
रिसर्च गेट की साल 2003 की एक स्टडी के मुताबिक,
लोहे के बर्तनों में खाना बनाना आयरन इंटेक को बढ़ाने का एक सस्ता, सुरक्षित और प्रैक्टिकल तरीका हो सकता है। यह विशेष रूप से विकासशील देशों में एनीमिया को कम करने के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
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लोहे के बर्तन का ज्यादा इस्तेमाल करने से बचें
Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow ने बताया कि लोहे की कढ़ाई में खाना बनाना आयरन की कमी वाले लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि इससे भोजन में प्राकृतिक रूप से आयरन की मात्रा बढ़ती है। हालांकि, जिन लोगों में आयरन की कमी नहीं है, उन्हें इसका सावधानी से इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंकि लंबे समय तक जरूरत से ज्यादा आयरन शरीर में जमा होकर लिवर या अन्य अंगों पर असर डाल सकता है।
स्टडी ने बताया आयरन के बर्तन इस्तेमाल के लिए सुरक्षित हैं
साइंस डायरेक्ट की साल 2014 की एक स्टडी के मुताबिक,
इस स्टडी में विकसित किए गए वैज्ञानिक तरीके से इस बात की पुष्टि हुई कि लोहे के बर्तनों से निकलने वाला आयरन एक अनुमानित और सुरक्षित सीमा के भीतर होता है। इसका मतलब है कि ऐसे बर्तनों में खाना बनाना सुरक्षित है और इन्हें रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए उपयुक्त माना जा सकता है। रिसर्च बताती है कि लोहे के बर्तन सुरक्षित हैं और भोजन में आयरन बढ़ाने का एक प्रभावी तरीका हो सकते हैं, खासकर आयरन की कमी और एनीमिया से बचने के लिए।
निष्कर्ष:
लोहे की कढ़ाई या बर्तन में खाना पकाना सुरक्षित है, रोजाना इसका इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन अगर शरीर में आयरन की कमी नहीं है, तो जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने से बचें वरना लिवर जैसे अंगों पर बुरा असर पड़ सकता है।
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Feb 27, 2026 15:53 IST
Modified By : Yashaswi Mathur Feb 27, 2026 15:53 IST
Modified By : Yashaswi MathurFeb 27, 2026 15:53 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Neha Mohan Sinha